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दोस्ती का 'महाबली' दौर! देखिए... मोदी-जिनपिंग 'मिलन' की 10 बड़ी झलकियां

दुनिया के दो बड़े मुल्कों के मुखिया जब मिले तो ये महज मुलाकात भर नहीं रह गई बल्कि महा-मुलाकात में तब्दील हो गई. दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के पीएम नरेंद्र मोदी और सबसे बड़े कम्युनिस्ट शासित देश चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की इस मुलाकात पर पाकिस्तान से लेकर कई मुल्कों की नजर बनी हुई थी.

दोस्ती का 'महाबली' दौर! देखिए... मोदी-जिनपिंग 'मिलन' की 10 बड़ी झलकियां

नई दिल्ली: भारत-चीन में अनौपचारिक वार्ता की शुरुआत पिछले साल चीनी शहर वुहान में हुई थी. और दूसरी वार्ता के लिए भारत ने मेजबानी की. कल तमिलनाडु की सांस्कृतिक-धार्मिक नगरी महाबलीपुरम में पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच कई घंटे तक मुलाकात चली और इसी की दूसरी कड़ी में आज महाबलीपुरम से करीब 20 किलोमीटर दूर कोवलम के कोव रिजॉर्ट में वार्ता हुई.

1).

महाबलीपुरम में कल मुलाकात और डिनर के बाद जिनपिंग चेन्नई के होटल आ गए थे जबकि मोदी यहीं रुक गए. पीएम मोदी सुबह जल्दी उठ गए और समंदर किनारे सैर करने चले गए. वहां से लौटने के बाद अनौपचारिक शिखर वार्ता के दूसरे दौर की तैयारी करने लगे.

2).

उधर, चेन्नई के होटल से जब जिनपिंग निकले तो ढोल-नगाड़े के साथ उनका स्वागत हुआ. जब जिनपिंग का काफिला कोवलम रिजॉर्ट पहुंचा तो यहां भी जोरदार तरीके से उनका स्वागत हुआ. खुद पीएम मोदी भी आगवानी के लिए तैयार थे. जैसे ही जिनपिंग कार से उतरे, मोदी ने हाथ मिलाया और फिर दोनों चलकर एक स्टैंड पर पहुंचे जहां दोनों मुल्कों का झंडा लगा हुआ था और बैकड्रॉप में लिखा था भारत-चीन की दूसरी अनौपचारिक शिखर वार्ता. 

3).

अनौपचारिक वार्ता के लिए स्थल तक मोदी और जिनपिंग गोल्फ कार्ट यानी ई-रिक्शा से रवाना हुए. एक ही सीट पर मोदी और जिनपिंग अगल-बगल बैठे. ई-रिक्शा हरियाली से भरे रिजॉर्ट के मनोहारी गलियारों से गुजरते हुए वार्ता स्थल तक पहुंचा. 

4).

बड़े-बड़े शीशे वाले एक हॉल में दोनों राष्ट्रप्रमुखों ने अनौपचारिक वार्ता शुरू की. दोनों तरफ से एक-एक दुभाषिया भी मौजूद था. बात शुरू हुई तो देखते ही देखते डेढ़ घंटे तक खिंच गई. इसके बाद दरवाजा खुला तो मुस्कुराते हुए मोदी निकले और पीछे-पीछे जिनपिंग भी बाहर आए. इसके बाद दोनों लहरों के मद्धम शोर के बीच लॉन में जाकर बैठ गए और गुफ्तगू करने लगे. दोनों खड़े होकर समंदर को भी थोड़ी देर निहारते रहे और फिर से आगे बढ़ गए.

5).

मोदी-जिनपिंग की मुलाकात के बाद भारत और चीन के बीच प्रतिनिधि स्तर की वार्ता होनी थी जिसके लिए एक बार फिर दोनों ने ई-रिक्शा की सवारी की. भारत और चीन के झंडों के गलियारे से गुजरते हुए मोदी और जिनपिंग डेलिगेशन लेवल मीटिंग के लिए पहुंचे.

6).

भारत की तरफ से पीएम मोदी के अलावा 8 और प्रतिनिधि इस वार्ता में मौजूद थे. इनमें विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवल, विदेश सचिव विजय गोखले मुख्य रूप से शरीक थे.

7).

प्रतिनिधि स्तर की वार्ता में मोदी ने जोर देकर कहा कि आपसी मतभेद को हम विवाद की वजह नहीं बनने देंगे और आपस में बातचीत कर इसे सुलझा लेंगे. यहां मोदी का इशारा चीन के साथ सीमा विवाद से था. पाकिस्तान के प्रति सॉफ्ट कॉर्नर रखने वाले चीन को मोदी ने ये संदेश भी देने की कोशिश की कि विश्व में शांति के लिए हमें साथ-साथ खड़ा होना होगा.

8).

जब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के शुरुआती संबोधन की बारी आई तो उन्होंने भारत में हुए भव्य स्वागत का जिक्र किया और शुक्रगुजार दिखे. जिनपिंग ने कहा कि भारत का ये दौरा यादगार रहा.

''भारत की मेहमाननवाजी से बेहद अभिभूत हूं. यह मेरे लिए यादगार अनुभव है. पिछले साल हुई वुहान वार्ता का क्रेडिट पीएम मोदी को जाता है. वुहान की पहल पीएम मोदी ने ही की थी और ये कोशिश अच्छी साबित हुई. चीन और भारत एक-दूसरे के अहम पड़ोसी हैं और हमारे बीच द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत हुई.''

9).


 
पीएम मोदी ने इस मुलाकात को चेन्नई कनेक्ट का नाम दिया और उम्मीद जताई कि यहां से दोनों मुल्कों के बीच भरोसे और सहयोग का एक नया दौर शुरू होगा.

10).

वार्ता का दौर खत्म हुआ तो पीएम मोदी, जिनपिंग को शिल्प प्रदर्शन दिखाने ले गए. इसके बाद चीनी मेहमानों के लिए मोदी ने शानदार लंच दिया. भारत से मिली इस शानदार मेहमाननवाजी के बीच कई मुद्दों पर चर्चा करने के बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग नेपाल दौरे के लिए रवाना हो गए.