योगी ने महंत गिरी को दी अंतिम श्रद्धांजलि, कहा- उनकी मृत्यु दुखद घटना

महंत नरेंद्र गिरि की रहस्यमयी मौत की सीबीआई जांच की मांग को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है. यह याचिका अधिवक्ता सुनील चौधरी ने दायर की है.   

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Sep 21, 2021, 11:29 AM IST
  • महंत नरेंद्र गिरी का मंगलवार दोपहर होगा पोस्टमॉर्टम
  • संतों का मानना है कि महंत आत्महत्या नहीं कर सकते

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योगी ने महंत गिरी को दी अंतिम श्रद्धांजलि, कहा- उनकी मृत्यु दुखद घटना

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (एबीएपी) के प्रमुख महंत नरेंद्र गिरि के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि दी. अंतिम श्रद्धांजलि के लिए उनकी पार्थिव देह बाघंबरी मठ में रखी गई है.

 

वहीं, मंगलवार दोपहर उनका पोस्टमॉर्टम किया जाएगा. सूत्रों के अनुसार शाम को संत को मठ परिसर में समाधि दी जाएगी.

'कुंभ में महंत ने दिया पूरा योगदान'
अंतिम श्रद्धांजलि के बाद मुख्यमंत्री योगी ने कहा, 'अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी महाराज की दुखद घटना से हम व्यथित हैं. इसीलिए संत समाज व प्रदेश सरकार की ओर से उनके प्रति विनम्र श्रद्धांजलि के लिए मैं यहां उपस्थित हुआ हूं. अखाड़ा परिषद व संत समाज की उनकी सेवा अविस्मरणीय है. मुझे याद है कि प्रयागराज को 2019 में इसे वैश्विक मंच पर मान्यता मिली, इस कुंभ से जुड़ी हुई एक-एक घटना को आम जनमानस व श्रद्धालुओं की भावना के अनुरूप कैसे हम वैश्विक स्तर पर पहुंचाने के प्रयत्न करें, इसके लिए हमें उनका पूरा सहयोग मिला था. प्रयागराज कुंभ के आयोजन में उन्होंने पूरा योगदान दिया.'

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वहीं, महंत नरेंद्र गिरि की रहस्यमयी मौत की सीबीआई जांच की मांग को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है. यह याचिका अधिवक्ता सुनील चौधरी ने दायर की है. याचिकाकर्ता ने कहा कि महंत सोमवार शाम को जिन परिस्थितियों में मृत पाए गए, वे बेहद संदिग्ध और रहस्यमयी हैं.

सुसाइड लेटर पर अखाड़े के कुछ सदस्यों को संदेह
अखाड़े के कुछ सदस्यों ने महंत नरेंद्र गिरी द्वारा कथित रूप से लिखे गए पांच पन्नों के सुसाइड लेटर पर संदेह जताया है. उनके शिष्यों में से एक महंत आनंद गिरि, जो एक प्रमुख संदिग्ध है और जिसे हरिद्वार से हिरासत में लिया गया है, उसने भी कहा कि महंत ने पत्र में एक या दो वाक्य से आगे कभी कुछ नहीं लिखा था और यह बहुत असंभव था कि वह इतनी लंबा सुसाइड नोट लिखेंगे.

शक की बात यह भी है कि सुसाइड नोट एक वसीयत की तरह है, जिसमें महंत ने स्पष्ट रूप से अपने शिष्यों के लिए काम और जिम्मेदारियों को निर्दिष्ट किया है. संत भी कह रहे हैं कि नरेंद्र गिरि कभी आत्महत्या नहीं कर सकते थे.

बीजेपी नेता भी सीबीआई जांच के पक्ष में
पुलिस ने अब तक तीन लोगों आनंद गिरि, हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है. सुसाइड नोट में इनके नाम थे. भाजपा के पूर्व सांसद विनय कटियार ने भी महंत की मौत की सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने का यही एकमात्र तरीका है.

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