सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ योगी-फार्मूला है सर्वोत्तम

देश में संविधान सम्मत एक क़ानून का विरोध कर रहे प्रदर्शन रुक रहे हैं न ही इन प्रदर्शनों का फायदा उठा कर की जा रही हिंसा. ऐसी हिन्सा के माहौल में यूपी में सीएम योगी का फैसला कारगर है    

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Dec 21, 2019, 02:35 PM IST
    • तोड़-फोड़ कर रहे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ योगी-फार्मूला कारगर
    • प्रदर्शनों से दुनिया में गलत सन्देश जा रहा है
    • हिंसा रोकने के लिए कारगर है योगी-फार्मूला
    • सार्वजनिक सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाते लोगों की संपत्ति कुर्क होगी
    • गिरफ्तार किये गए लोगों की सम्पत्ति की कुर्की आज से
सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ योगी-फार्मूला है सर्वोत्तम

नई दिल्ली. भारत में तो नागरिकता संशोधन क़ानून संसद के दोनों सदनों द्वारा स्वीकार करके बनाया गया है. जो लोग इस क़ानून को समझते हैं जानते हैं कि यह सरकार का राष्ट्र-हित की दिशा में उठाया गया कितना आवश्यक कदम है. लेकिन भारत की सड़कों पर हो रहे प्रदर्शनों से दुनिया में गलत सन्देश जा रहा है.

हिंसा रोकने के लिए कारगर है योगी-फार्मूला 

उत्तरप्रदेश में बीजेपी की प्रदेश सरकार ने नागरिकता क़ानून का विरोध कर रहे अराजक तत्वों के विरुद्ध समझदारी भरा कदम उठाया है जिससे यहां हो रहे हिंसक प्रदर्शनों में कमी आएगी. चूंकि इस पर काम आज से ही शुरू हो गया है इसलिए आज से ही प्रदेश में हिंसक प्रदर्शनकारियों की कम होती संख्या साफ़ नज़र आ जायेगी. 

ये भी पढ़ें. हिंसा करने वाले ये लोग प्रदर्शनकारी नहीं, उपद्रवी हैं

क्या है योगी-फार्मूला 

उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ ने कडा फैसला लिया है और ऐलान कर दिया है कि प्रदेश की सड़कों पर प्रदर्शन करने वाले जो भी लोग सार्वजनिक सम्पत्ति को निकसान पहुंचाते पाए जाएंगे उनकी संपत्ति कुर्क की जायेगी और प्राप्त आर्थिक राशि से नुकसान की भरपाई की जायेगी.

गिरफ्तार किये गए लोगों की सम्पत्ति की कुर्की आज से

उत्तर प्रदेश में प्रदर्शनों के दौरान सीएम योगी ने प्रदेश पुलिस को हिंसा कर रहे तत्वों से सख्ती से निपटने के आदेश दिए हैं. इस सिलसिले में सरकारी सम्पत्ति को नुक्सान करने वाले लोगों को चिन्हित करके उनकी संपत्ति की कुर्की का कार्य आज से ही शुरू हो जायेगा. उम्मीद की जा रही है कि इस कदम से प्रदर्शन के दौरान भीड़ बढ़ा कर हिंसा कर रहे लोगों की संख्या में कमी आएगी.  

ये भी पढ़ें. हिंसक प्रदर्शनकारियों के खिलाफ क्यों न लगाई जाए राजद्रोह की धारा?

ज़्यादा कहानियां

ट्रेंडिंग न्यूज़