शरद पवार पर ED का शिकंजा, तिलमिलाए NCP कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

साल 2007 से 2011 के बीच हुए इस करीब 25 हजार करोड़ के कोऑपरेटिव बैंक घोटाले में कई बैंक अधिकारी भी कठघरे में हैं. राज्य सहकारी बैंक से शक्कर कारखानों और कपड़ा मिलों को बेहिसाब कर्ज बांटे गए. 

शरद पवार पर ED का शिकंजा, तिलमिलाए NCP कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

नई दिल्ली: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है. लेकिन एनसीपी कार्यकर्ता चुनावी रैलियों की बजाय मुंबई के प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर के सामने नारेबाजी कर रहे है. एनसीपी कार्यकर्ताओं का ये गुस्सा पार्टी के मुखिया शरद पवार और उनके भतीजे अजीत पवार के खिलाफ महाराष्ट्र के कोऑपरेटिव बैंक घोटाले में केस दर्ज करने पर भड़का है. ईडी दफ्तर के सामने हंगामा कर रहे एनसीपी कार्यकर्ताओं को हटाने के लिए मुंबई पुलिस को काफी मशक्‍कत करनी पड़ी है.

ईडी ने मंगलवार को ही नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार समेत 70 लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है. बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव बैंक घोटाले में पेश किए गए तथ्यों के आधार पर शरद पवार और अन्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था. FIR दर्ज़ होने के बाद एनसीपी चीफ शरद पवार ने कहा कि उन्हें किसी ने जेल भेजने की योजना बनाई है, तो कोई दिक्कत नहीं है. पवार ने कहा कि वो 27 सितंबर को खुद ईडी के दफ्तर जाएंगे और इस मामले में उनके पास जो भी जानकारी है वो ईडी को देंगे.

साल 2007 से 2011 के बीच हुए इस करीब 25 हजार करोड़ के कोऑपरेटिव बैंक घोटाले में कई बैंक अधिकारी भी कठघरे में हैं. राज्य सहकारी बैंक से शक्कर कारखानों और कपड़ा मिलों को बेहिसाब कर्ज बांटे गए. इसके अलावा कर्ज वसूली के लिए जिन कर्जदारों की संपत्ति बेची गई, उसमें भी जान- बूझकर बैंक को नुकसान पहुंचाया गया.

इस मामले पर महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फड़णवीस ने कहा है कि हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार ये FIR दाखिल हुई थी, तो नियमानुसार ED ने उसकी जानकारी ली और उसको रजिस्टर किया है. उसमें मनी लॉन्ड्रिंग का जो एंगल है उस पर ED अभी जांच कर रही है और इसलिए ये कहना बिल्कुल गलत होगा कि राज्य सरकार कोई बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है. कोई राजनीति से प्रेरित कार्रवाई कर रही है.

वहीं बीजेपी प्रवक्ता जी वी एल नरसिम्हा राव ने कहा है कि 'इसका राजनीतिकरण न करें और NCP और शरद पवारजी इसका सही-सही जवाब दे एजेंसियों को, यही मेरी अपेक्षा है.'

महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार का कद किसी से छिपा नहीं है. पवार कई बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, वो केंद्र में मंत्री भी रह चुके हैं. लेकिन विधानसभा चुनाव के बीचो-बीच शरद पवार और उनके भतीजे का नाम सहकारी बैंक घोटाले में आने से पार्टी के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है. अब देखना ये है कि विधानसभा चुनाव में महाराष्ट्र की जनता पुलिस और ईडी के सबूतों पर भरोसा करती है या शरद पवार की दलीलों पर यकीन करती है.