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  • कोरोना वायरस से ठीक / अस्पताल से छुट्टी / देशांतर मामले: 4,56,831 जबकि मरने वाले मरीजों की संख्या 20,642 पहुंची: स्त्रोत PIB
  • कोविड-19 की रिकवरी दर 61.13% से बेहतर होकर 61.53% पहुंची; पिछले 24 घंटे में 16,883 मरीज ठीक हुए
  • डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में प्रति दस लाख आबादी पर सबसे कम मामले हैं
  • स्वस्थ होने वालों की संख्या करीब 4.4 लाख, संक्रमितों और ठीक होने वालों की संख्या का अंतर 1.8 लाख से अधिक
  • आईसीएमआर: पिछले 24 घंटे में 2.41+ लाख नमूनों की जांच की गई, कुल परीक्षणों की संख्या 1.02 करोड़ के पार
  • फिल्म निर्माण शुरू करने को लेकर सरकार जल्द ही एसओपी की घोषणा करेगी, ताकि फिल्म निर्माण में फिर से तेजी लाई जा सके
  • सीबीएसई ने छात्रों को दी बड़ी राहत, कक्षा 9वीं से 12वीं का सिलेबस घटाया गया
  • एमएचआरडी: यूजीसी और स्वयं के द्वारा "इंटरनेशनल बिजनेस" में मुफ्त ऑनलाइन कोर्स उपलब्ध है
  • विश्व बैंक ने गंगा के कायाकल्प हेतु ‘नमामि गंगे कार्यक्रम’ में आवश्यक सहयोग बढ़ाने के लिए 400 मिलियन डॉलर प्रदान किए

फुलक्रीम दूध ही बेहतर है बच्चों के लिए

फुलक्रीम दूध से तमाम फायदे हैं बच्चों के लिए लेकिन सबसे अहम फायदा ये है कि फुलक्रीम दूध पीने वाले बच्चे मोटापे के शिकार नहीं होते..  

फुलक्रीम दूध ही बेहतर है बच्चों के लिए

नई दिल्ली. आधुनिक जीवन शैली स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव अधिक डाल रही है. इस नुकसानदेह जीवन शैली के शिकार बच्चे अधिक होते हैं. टोन्ड दूध भी इस जीवन शैली का एक हिस्सा है जो लौ कैलोस्ट्रोल के लिए पिया  जाता है. लेकिन बच्चों के लिए ये दूध फायदेमंद नहीं है.

फुल-क्रीम मिल्क मोटापे के नज़रिये से फायदेमंद है 

यदि आपका बच्चा फूल क्रीम दूध पीता है तो उसके मोटेपन की बीमारी से ग्रस्त होने की संभावना कम होगी. जो बच्चे टोन्ड दूध पीते हैं उन पर यह बीमारी मंडराती रहती है. यह जानकारी एक हालिया सर्वेक्षण के माध्यम से सामने आई है. 

कनाडा में हुआ है ये सर्वेक्षण 

कनाडा और अमेरिका में बच्चों में मोटापे की बीमारी दुनिया के दुसरे देशों के मुकाबले ज्यादा देखि जा रही है. इस बात को ध्यान में रख कर यहां भोजन की आदतों संबंधी सर्वे किया गया जिसमें पाया गया कि फुल-क्रीम दूध पीने वाले बच्चों में मोटापे का खतरा कम होता है

अब हो सकता है क्लीनिकल ट्रायल 

ये बातें कनाडा के सैंट माइकल्स हॉस्पिटल के शोधकर्ताओं की एक स्टडी के परिणाम के रूप में सामने आयी हैं. इस सर्वेक्षण में लो-फैट मिल्क से मोटापे का खतरा कम होने के दावे गलत पाए गए. सर्वे ने पाया कि जो रोज फुल क्रीम दूध पीते हैं उनमें मोटापे का खतरा उन बच्चों के मुकाबले 40 प्रतिशत कम होता है जो बच्चे लो-फैट दूध पीते हैं. सर्वे के परिणामों से उत्साहित हो कर अब शोधकर्ता इस विषय पर क्लीनिकल ट्रायल करने की सोच रहे हैं. 

इक्कीस हज़ार बच्चों पर हुआ था सर्वे 

शोधकर्ताओं ने इस शोध हेतु इक्कीस हज़ार बच्चों को शामिल किया था जो गाय का दूध पीते थे. शोध के दौरान ऐसी 28 शोधों का अध्ययन किया गया जिनमें 1 से 18 साल के करीब 21,000 गाय का दूध पीने वाले बच्चे शामिल किये गए थे. इन बच्चों के दूध के आहार और उससे हो सकने वाली मोटापे की परेशानी के बीच के संबंध पर इस शोध में अध्ययन किया गया था. 

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