अब नहीं होगी वाहनों की चोरी, सरकार ने जारी की अधिसूचना

सड़को या कहीं से भी वाहनों व उनके पार्टस की हो रही चोरी पर शिकंजा कसने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. जिससे वाहन की चोरी पर रोक लगाई जा सकें और वाहन चोर भी चोरी करने से डरे.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Dec 24, 2019, 01:23 PM IST
    • वाहनों की चोरी को लेकर किया अधिसूचना जारी
    • माइक्रोडॉट्स लगाए जाने का प्रावधान
अब नहीं होगी वाहनों की चोरी, सरकार ने जारी की अधिसूचना

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने वाहनों की सुरक्षा के मद्देनजर एक फैसला किया है जिससे चोरी पर लगाम लगाया जा सकें.  इसके लिए वाहनों में लगाए जाने वाले माइक्रोडॉटस आइडेंटिफायर को लेकर केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी की है. 

इन रेलवे स्टेशनों पर रेल पकड़ने व उतरने के लिए लगेगा अतिरिक्त किराया, लिंक पर क्लिक कर जाने खबर.

राजमार्ग मंत्रालय व सड़क परिवहन ने सोमवार यानी 23 दिसंबर को बताया कि माइक्रोडॉट्स आइडेंटिफायर के नियमों में पूर्ण विचार कर लिया गया है क्योंकि इससे जुड़े नियमों को इसी साल जुलाई में भी जारी की गई थी. लेकिन कुछ आपत्तियों की वजह से सरकार ने वापस से माइक्रोडॉट्स पर विचार किया और बीते दिन अधिसूचना जारी की. यह अधिसूचना को केंद्र ने 1989 संशोधन के जरिये संशोधित करते हुए जारी किया है. जिसके तहत वाहन, उसके पार्ट्स, कंपोनेंट, असेंबलीज और सब-असेंबलीज पर माइक्रोडॉट्स आइडेंटिफायर लगाने के संदर्भ में वाहन उद्योग के मानक को पहले ही अधिसूचित कर दिया गया है. मंत्रालय के बयान के अनुसार माइक्रोडॉट्स से वाहनों की सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा और चोरी के केसों को कम किया जा सकता है. साथ ही मंत्रालय ने यह भी बताया कि अधिसूचना के मुताबिक वाहनों, उनके पुर्जों, कंपोनेंट्स, असेंबलीज और सब-असेंबलीज पर माइक्रोडॉट्स लगाने वाली कंपनियों को ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड्स (एआईएस)-155 का पालन करना होगा.

मिर्च को आज ही अपने डायट में करें शामिल बचेंगे इन बीमारियों से, लिंक पर क्लिक कर जाने पूरी खबर.

माइक्रोडॉट्स क्या होता है?
माइक्रोडॉट्स पॉलीमर पार्टिकल होते हैं जो एक मिलीमीटर या आधे मिलीमीटर डाइमीटर का होता है. इन्हें वाहनों पर उकेरा जाता है और यह सूक्ष्म डॉट्स में वाहनों के बारे में महत्वपूर्ण सूचना होती हैं. जिसकी मदद से चोरी के वाहनों की पहचान आसानी से की जा सकती है. माइक्रोडॉट्स को बिना वैज्ञानिक उपकरणों के सिर्फ आंखों से देखा नहीं जा सकता है. इसके अलावा कोई भी इसे हटा नहीं सकता. अगर इसे हटाने का प्रयास किया गया तो जहां से भी इसे हटाया जाएगा वहां वाहन या उपकरण क्षतिग्रस्त हो जाएंगे. माइक्रोडॉट्स कोई नई बात नहीं है लेकिन भारत में कंपनियां इसका उपयोग अभी नहीं कर रही हैं. इसका वजह है कि इसके बारे में अब तक सरकार की ओर से कोई मानक जारी नहीं किया गया था.

ज़्यादा कहानियां

ट्रेंडिंग न्यूज़