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योगी सरकार में नकल करने वालों की आई शामत, खौफ में नकलची छात्र

उत्तर प्रदेश में जब से योगी सरकार बनी है तब से नकल करने वालों में अजीब सा खौफ व्याप्त हो गया है. हर साल की तरह इस बार भी कई छात्रों ने पिछली सरकारों की तरह नकल न मिल पाने के कारण परीक्षा छोड़ दी है.

योगी सरकार में नकल करने वालों की आई शामत, खौफ में नकलची छात्र

लखनऊ: उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव न एक बार कहा था कि वे नकल करके पास हुए हैं. इस पर लोग उनकी खूब खिंचाई भी करते हैं. अखिलेश यादव कई बार योगी सरकार की नकल विहीन नीति का विरोध कर चुके हैं. उत्तर प्रदेश में इस समय हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं चल रही हैं. 

18 फरवरी से शुरू हुई बोर्ड परीक्षा में अब तक 4 लाख से ज्यादा छात्र परीक्षाएं छोड़ चुके हैं. छठवें दिन जारी किए गए आंकड़े में परीक्षा छोड़ने वाले छात्रों की संख्या 422205 रही. इन आंकड़ों से पता चलता है कि योगी सरकार किस प्रकार नकल विहीन परीक्षाएं करा रही है.

नकल करते हुए पकड़े गए 222 छात्र  

परीक्षा में अब तक नकल करते हुए 222 छात्र पकड़े गए हैं, जबकि इसमें संलिप्त 95 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. आपको बता दें कि नकलची छात्रों में बिना नकल पास न हो पाने का डर है और इसी वजह से वे नकल न मिल पने की वजह से परीक्षाएं छोड़ रहे हैं.

बता दें कि मंगलवार को हाईस्कूल में 5378 और इंटरमीडिएट में 163 छात्रों ने परीक्षाएं छोड़ीं. दोनों क्लास की परीक्षाओं में 39 छात्र नकल करते पकड़े गए, जबकि 18 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई.

इस बार बोर्ड परीक्षा में 56 लाख से अधिक छात्र

उल्लेखनीय है कि इस बार बोर्ड की परीक्षा में 56 लाख 7 हजार 118 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं. परीक्षा में इस बार नकल रोकने के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं. इसके लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे वॉइस रिकॉर्डर के साथ लगाए गए हैं. परीक्षा केंद्रों की लखनऊ में बनाए गए कंट्रोल रूम से मॉनिटरिंग हो रही है. परीक्षा में सख्‍ती को देखते हुए इस बार पंजीकरण करने वाले छात्रों की संख्‍या में ग‍िरावट आई है.

छात्रों की संख्‍या में गिरावट

आंकड़ों की मानें तो प‍िछले साल के मुकाबले इस साल 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा के ल‍िए पंजीकरण करने वाले छात्रों की संख्‍या में 1,69,980 ग‍िरावट दर्ज की गई है. उत्तर प्रदेश में जब से योगी सरकार बनी है तब से नकल करने वालों में अजीब सा खौफ व्याप्त हो गया है. इस वजह से छात्र परीक्षा के लिये पंजीकरण ही नहीं कराते.

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