अगर युवा ऐसे कदम उठाएं तो नहीं दोहराई जाएंगी निर्भया और हैदराबाद जैसी घटनाएं

एक तरफ जहां देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध की बढ़ती घटनाओं से समाज में दरिंदों की स्थिति का पता चलता है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग ऐसे भी हैं जो उन अपराधों को कम करने के लिए छोटी-छोटी पर बड़े असर वाले प्रयास कर रहे हैं. ग्वालियर में कुछ युवाओं की टोली ने देर रात किसी भी इलाके में फंसी लड़कियों और महिलाओं की मदद के लिए सोशल मीडिया के जरिए एक मुहिम छेड़ी है. 

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Dec 7, 2019, 07:14 PM IST
    • सोशल मीडिया के सहारे जरूरतों को पहुंचाएंगे मदद
    • देर रात या सुनसान जगहों पर ज्यादा होती है ऐसी घटनाएं
    • लेकिन कोई कैसे करे युवाओं पर भरोसा ?
    • देश के अन्य हिस्सों में भी हो रहा है इस मुहिम का फैलाव
    • पुलिस ने कहा अपराध रोकने के लिए सबके साथ की जरूरत
अगर युवा ऐसे कदम उठाएं तो नहीं दोहराई जाएंगी निर्भया और हैदराबाद जैसी घटनाएं

भोपाल: मध्यप्रदेश के ग्वालियर के कुछ युवाओं ने हैदराबाद की घटना के बाद रात में सुनसान इलाके में किसी कारण से फंस जाने वाली लड़कियों और महिलाओं की मदद करने के लिए इन दिनों सोशल मीडिया पर एक मुहिम शुरू की है. इसमें उन्होंने अपना नाम और नंबर डाला है. युवाओं का मानना है कि यदि कोई लड़की या महिला सुनसान इलाके में है या बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन से देर रात अपने घर जाने में उसे मुश्किलें हो रही है यानी टैंपू आदि नहीं मिल रहे हैं तो वह उन्हें कॉल कर सकते हैं. वे वहां जाएंगे और अमूक महिला और लड़की को वहां से उनके घर तक छोड़ेंगे. युवाओं की यह पहल देश को एक नया राह दिखा सकती है.

सोशल मीडिया के सहारे जरूरतों को पहुंचाएंगे मदद

सोशल मीडिया पर अपने संपर्क की जानकारी को प्रसारित करते हुए उन युवाओं ने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा है कि हर काम पुलिस प्रशासन के भरोसे नहीं होते, कुछ काम समाज में रहने वाले लोगों को भी करने पड़ते हैं. फिलहाल इस मुहिम से लगभग एक दर्जन लोग जुड़े हुए हैं, जिनमें न केवल छात्र बल्कि अन्य व्यवसाय से जुड़े लोग भी हैं. इस समूह में लड़कों के अलावा कुछ लड़कियां भी शामिल हैं.

देर रात या सुनसान जगहों पर ज्यादा होती है ऐसी घटनाएं

इस तरह के अभियान की शुरुआत करने वाले प्रतीक शर्मा का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में जो घटनाक्रम सामने आए हैं उससे यह साफ हुआ है कि लड़की किसी सुनसान इलाके में थी और उसको मदद की आवश्यकता थी, मदद के बहाने ही उसके साथ गलत कार्य किया गया या कई बार सुनसान इलाके से गुजरते वक्त असामाजिक तत्वों ने उसको हानि पहुंचाई.

ऐसे में आवश्यक हो जाता है कि जो लड़कियां या महिलाएं देर रात ऑफिस या कहीं बाहर से आती जाती हैं यदि वह अकेली हैं और उन्हें घर जाने के लिए साधन उपलब्ध नहीं है तो उनकी मदद की जाए.

लेकिन कोई कैसे करे युवाओं पर भरोसा ? 

लेकिन एक सवाल यह बनता है कि हैदराबाद में जिस तरह से पीड़िता लड़की के स्कूटर पंचर को ठीक करने के बहाने ही यह चारों उसका अपहरण कर ले गए और उसके साथ दुष्कर्म कर उसके शव को जला दिया, तो ऐसे में लड़कियां उन पर भरोसा करें ही क्यों ? इसकी क्या गारंटी की कुछ असामाजिक तत्व इस तरह की मुहिम का हिस्सा बन के लड़कियों के साथ कुछ गलत कर दें तो क्या होगा ? 

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इसको लेकर समूह के युवाओं का कहना है कि उनके समूह में जितने लोग भी जुड़ रहे हैं, वह पुलिस प्रशासन के पास जाएंगे और उन लोगों की सूची सौंपेंगे. इसके साथ ही अपना पूरा पुलिस वेरिफिकेशन भी कराएंगे. इससे शायद थोड़ा सा भरोसा बने और इस नेक मुहिम में लोग उनका साथ दें.

पुलिस ने कहा अपराध रोकने के लिए सबके साथ की जरूरत

इस बारे में ग्वालियर जोन के आईजी राजा बाबू सिंह का कहना है कि जो लोग भी महिला संबंधी अपराध को रोकने में पुलिस के साथ आना चाहते हैं, उन सभी का स्वागत है. लेकिन इस समूह के युवाओं का बाकायदा पुलिस वेरिफिकेशन भी कराया जाएगा. साथ ही उनका कहना है कि वैसे अपने स्तर पर पुलिस के पास भी कई सिस्टम हैं, जिनका उपयोग करके महिलाएं मदद ले सकती हैं.

देश के अन्य हिस्सों में भी हो रहा है इस मुहिम का फैलाव

इस मुहिम की जद पूरे देश भर में धीरे-धीरे फैल रही है. न सिर्फ ग्वालियर बल्कि पंजाब के जालंधर और दिल्ली में भी इस तरह के प्रयास किए जा रहे हैं. युवाओं की टोली ने सोशल मीडिया पर अपने संपर्क और अपनी पूरी जानकारी साझा कर इसको हरी झंडी दे दी है. समाज में इस तरह के प्रयास काफी लाभकारी हो सकते हैं.

सोशल मीडिया पर इस अभियान के प्रति लोगों की खुशी छलक रही है. लड़कियों ने भी इसकी तारीफ की. उनका कहना है कि अक्सर कई बार स्कूटी आदि से जाते समय सुनसान इलाकों से गुजरती हैं, वहां उनकी स्कूटी खराब हो जाती है तो ऐसे में उन्हें हर समय डर सताता रहता है. अगर शहर के कुछ युवा हम लोगों की मदद के लिए इस तरह की मुहिम चला रहे हैं तो बहुत ही बेहतर कदम है.

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