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मानसिक रुप से दिवालिया होकर अंधविश्वास की गर्त में फ़ना हो रहा है पाकिस्तान ! देखिए पांच अहम सबूत

पड़ोसी देश पाकिस्तान की हालत अजीब है. यह देश आर्थिक और सामाजिक रुप से नीचे गिरने के साथ साथ मानसिक रुप से भी दिवालिया होता जा रहा है. यहां की सरकार ही इस तरह के अंधविश्वास और दकियानूसी गतिविधियों में लिप्त होती जा रही है. जिसे देखकर चिंता होने लगती है कि इस देश का भविष्य क्या होगा? आईए आपको दिखाते हैं पाकिस्तान के मानसिक दिवालियापन के पांच अहम सबूत-   

मानसिक रुप से दिवालिया होकर अंधविश्वास की गर्त में फ़ना हो रहा है पाकिस्तान ! देखिए पांच अहम सबूत
इमरान की बीवी को लोग बोलते हैं जादूगरनी

नई दिल्ली: पाकिस्तान के बारे में आप कई बातें जानते होंगे, जैसे कि यह दुनिया के सबसे खूंखार आतंकियों को सरकारी तौर पर पालता है, यहां अल्पसंख्यकों को मिटा देने की भरपूर कोशिश जारी रहती है, पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था तबाह होती जा रही है वगैरह वगैरह...

लेकिन क्या आप जानते हैं कि पाकिस्तान के लोग और वहां की सरकार दोनों मानसिक रुप से दिवालिया होते जा रहे हैं. आपको दिखाते  हैं 5 अहम सबूत- 

1. रुहों और जिन्नातों पर हद से ज्यादा भरोसा
पाकिस्तान आर्थिक रुप से लगभग तबाह हो चुका है. वहां के लोगों के सामने नागरिक सुविधाओं की भारी कमी है. इस तरह की निराशाजनक स्थितियों में कोई भी देश बुरी तरह अंधविश्वास का शिकार होने लगता है. पाकिस्तान में भी कुछ ऐसा ही हो रहा है. 

वहां अंधविश्वास इतना हावी हो चला है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की पत्नी बुशरा बेगम के बारे में अजीबो गरीब दावे किए जा रहे हैं. पिछले दिनों उनके बारे में अफवाह फैलाई गई कि उनका चेहरा शीशे में दिखाई नहीं देता है. बुशरा की छवि तंत्र- मंत्र और जादू-टोना करने वाली महिला के रूप में गढ़ी जा रही है. अफवाहें फैलाई जा रही हैं कि वह भाग्य बदल देती हैं. 

यहां तक कि पाकिस्तान में कहा जाता है कि बुशरा बेगम के पास दो गुलाम जिन्नात(भूत प्रेत) हैं. जो कि उनके आदेश पर काम करते हैं. वह उन्हें मांस भी खिलाती हैं. 

जिस देश में इस सीमा तक अंधविश्वास फैला हुआ हो कि उसकी प्रथम महिला को लोग जादूगरनी बताने लगें, तो उस देश का भगवान ही मालिक है. इमरान खान की पत्नी को बुशरा बीबी, पीरनी या बीबी पाक दामन के नाम से भी जानते हैं. उनके पास लोग अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचते हैं. बुशरा हमेशा नकाब में रहती हैं और दकियानूसी इस्लामिक कानूनों का सख्ती से पालन करती हैं.

2. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिखा इमरान खान का अंधविश्वास
पाकिस्तानियों के दिलो दिमाग पर अंधविश्वास कितना ज्यादा हावी हो गया है इस बात की झलक पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात में दिखी. इस बैठक के दौरान पूरे समय इमरान खान अपनी पत्नी बुशरा बेगम द्वारा दी गई माला को फिराते रहे. उनका ध्यान कूटनीति की तरफ कम अपनी पत्नी द्वारा सुझाए गए जादू टोने की तरफ ज्यादा था. पाकिस्तान के लोगों ने दावा किया कि इमरान खान ने अमेरिकी राष्ट्रपति का मन बदलकर उन्हें अपने पक्ष में करने के लिए उनके सामने माला फिराई.

जिस देश में जादू टोने के सहारे संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय बैठकें संपन्न की जा रही हों, उस देश के भविष्य के बारे में आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है. 

3.जिन्नातों और प्रेतों के जरिए पाकिस्तान की सुरक्षा की कोशिश

पाकिस्तानियों के जेहन पर अंधविश्वास इतना ज्यादा हावी है कि वहां के विश्वविद्यालयों में बकायदा जिन्नातों, भूत प्रेत और काला जादू के जरिए देश की सुरक्षा करने पर वर्कशॉप कराई जाती है. साल 2016 में पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में वहां के बड़े विश्वविद्यालयों में से एक कोमसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ़ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी इस्लामाबाद में 'जिन्नात और काला जादू' विषयपर एक वर्कशॉप कराई गई. जिसमें छात्रों को संबोधित करने के लिए कथित रुप से ''काले इल्म के माहिर राजा जिया उल हक'' को बुलाया गया. 

पाकिस्तान के बड़े विश्वविद्यालयों में इस तरह के वाकये आम हैं. वहां छात्रों के बीच बड़े धार्मिक नेताओं को बुलाया जाता है. जो कि धड़ल्ले से जिन्नात, भूत प्रेत जैसी काल्पनिक शक्तियों के बारे में प्रवचन देते हैं. खास बात यह है कि पाकिस्तान में इस तरह की वर्कशॉप में वहां के छात्रों की भारी भीड़ भी जुटती है. जो कि आम तौर पर विज्ञान की कक्षाओं से नदारद दिखते हैं. 

हालत यह है कि लाहौर और इस्लामाबाद के विश्वविद्यालयों में फिजिक्स(भौतिक विज्ञान) जैसा अहम विषय पढ़ाने वाले परवेज हुदभाई आलेख लिखते हैं कि कैसे बिना विज्ञान पढ़े जिन्नातों से इलाज कराया जा सकता है, हवा को कैद किया जा सकता है और बिजली बनाई जा सकती है. इस तरह के अवैज्ञानिक आलेख पाकिस्तानियों के बीच बेहद लोकप्रिय भी होते हैं. 

4. स्कूलों में बच्चियों को बांटे जाते हैं बुर्के
पाकिस्तान में सामाजिक जीवन में दकियानूसी मजहबी शिक्षाएं इतनी हावी हो गई हैं कि वहां सरकारी पैसे से स्कुली बच्चियों के बीच बुर्का बांटा जाता है. यहीं नहीं छात्राओं को उन्हें पहनकर आने के लिए मजबूर भी किया जाता है. हाल ही में वहां के खैबर पख्तूनवा इलाके से ऐसी खबरें आई थीं कि वहां प्रधानमंत्री इमरान खान की सत्ताधारी पार्टी तहरीक ए इंसाफ के नेता ने सरकारी पैसे से एक लाख रुपए के बुर्के खरीदकर छात्राओं के बीच बंटवाया. जिन्हें पहनना अनिवार्य किया गया. यह घटना मरदान इलाके के रुस्तम घाटी स्थित चीना गांव की है. 

कई स्कलों में शिक्षकों से ये सुनिश्चित करने के लिए कहा गया था कि कोई भी छात्रा बिना बुर्का, अबाया, गाउन या चादर के बिना नहीं रहे. लड़कियों का सिर और चेहरा ढंका हुआ हो. पाकिस्तान में महिला शिक्षा की हालत बेहद खराब है. लेकिन उसपर से भी लड़कियों के उपर इस तरह की मजहबी पाबंदी उसे और भी गर्त में धकेल देगी. 

5. नाईयों की आ जाती है शामत
पाकिस्तान के पुलिस प्रशासन पर भी दकियानूसी इतनी ज्यादा हावी है कि वहां गैर इस्लामी तरीके से दाढ़ी काटने पर नाईयों को गिरफ्तार कर लिया जाता है. उनपर जुर्माना लगाया जाता है. दरअसल मजहबी कानूनों के मुताबिक एक खास सीमा से बड़ी या छोटी दाढ़ी नहीं रखी जा सकती. वहां स्टायलिश दाढ़ी रखने की मनाही है. 

ऐसे में पाकिस्तानी पुलिस का काफी समय कानून और व्यवस्था बहाल करवाने की बजाए गैर जरुरी मजहबी कानूनों का पालन करवाने में ही बीत जाता है. 

इन परिस्थितियों में यह स्पष्ट रुप से समझा जा सकता है कि जिस देश में इतनी ज्यादा दकियानूसी परंपराएं और अंधविश्वास हावी हों, जहां अविश्वसनीय और जादू टोने भूत प्रेत जिन्नात के जरिए समस्याओं का समाधान तलाश किया जाता हो, तर्क और विज्ञान की बातें करने वालों को दरकिनार कर दिया जाता हो, ऐसा देश कैसे तरक्की करेगा?