SMS अस्पताल पर उठे सफाई को लेकर सवाल

जब बाड़ ही खेत को खाने लग जाए तो बेचारा खेत क्या करें. ये कहावत काफी हद तक राजस्थान प्रदेश के SMS  अस्पताल प्रशासन पर सटिक साबित हो रही है.   

 SMS अस्पताल पर उठे सफाई को लेकर सवाल

जयपुर: राजस्थान के SMS अस्पताल पर सवालिया निशान उठ रहे हैं. जहां पूरा देश सफाई को लेकर सजग हो रहा है तो वहीं SMS अस्पताल से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. प्रशासन खतरे का पर्याय समझे जाने वाले यानी मेडिकल बायोवेस्ट यार्ड को पीछे से हटाकर अस्पताल के मुख्य द्वार पर लाने की तैयारी कर ली है. अस्पताल प्रशासन का हजारों लोगों को बीमारी बांटने का यह तुगलती फरमान हर किसी के लिए चौंकाने वाला है.

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राज्य प्रदूषण नियंत्रण के बाद भी लापरवाही

राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के साफ निर्देश हैं कि अस्पतालों में कचरे को निर्धारित प्रावधान के हिसाब से अलग-अलग रंग की थैलियों में न सिर्फ एकत्र किया जाए, बल्कि इनके निस्तारण की व्यवस्था भी पुख्ता हो, लेकिन राजस्थान की अपेक्स चिकित्सा संस्थान यानी SMS  ही इस आदेश के प्रति गंभीर नहीं है. अस्पताल प्रशासन ने कहने को तो पीछे मोर्चरी के पास बायोमेडिकल वेस्ट संग्रहण केन्द्र बना रखा है, लेकिन सच्चाई ये है कि नगर निगम प्रशासन ने इसके ठीक बाहर की जगह को अघोषित कचरा डिपो बना रखा है. पिछले दिनों यह मामला उच्च स्तर पर पहुंचा तो बायोमेडिकल वेस्ट संग्रहण केन्द्र की जगह बदलने की दिशा में मंथन शुरू हुआ.

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चिकित्सा शिक्षा सचिव ने दिए निर्देश

लेकिन इसके बाद जो फैसला निकलकर सामने आया, वो सभी के लिए चौंकाने वाला है. दरअसल, अस्पताल के कर्ताधर्ताओं ने बगैर किसी प्लानिंग और खतरे को भापते हुए बायोमेडिकल वेस्ट संग्रहण केन्द्र को मुख्य इमरजेंसी के सामने लाने की तैयारी कर ली है. जब कचरा संग्रहण केन्द्र की इस तरह की शिफ्टिंग का मामला चिकित्सा शिक्षा सचिव तक पहुंचा तो वे भी दंग रह गए. चिकित्सा शिक्षा सचिव वैभव गालरिया ने अस्पताल अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि इस पूरे मामले पर पुर्नविचार किया जाए. और तब तक के लिए काम पर रोक लगाने को कहा गया है. चिकित्सा शिक्षा सचिव के निर्देश के बाद अस्पताल प्रशासन भले ही बैकफुट पर आ गया हो, लेकिन सवाल ये है कि आखिर जो खतरा हर किसी को नजर आ रहा है, उससे प्रबन्धन में बैठे जिम्मेदार कैसे नजर अंदाज कर सकते हैं.