राजस्थान में हथकढ़ शराब तस्करियों के ठिकानों पर बड़ा छापा, हजारों लीटर शराब बरामद

राजस्थान में शराब तस्करों का कारोबार बहुत तेजी से फलता-फूलता जा रहा है. कई जगहों पर छापेमारी के बाद शराब तस्करी और कच्ची शराब को बेचने वाले आकाओं को धर-दबोचा गया है. 

राजस्थान में हथकढ़ शराब तस्करियों के ठिकानों पर बड़ा छापा, हजारों लीटर शराब बरामद

रायपुर: हनुमानगढ आबकारी विभाग ने टाउन थानाक्षेत्र के गांव गंगागढ़ में घग्घर बहाव क्षेत्र से हथकढ़ शराब बनाने वालों के ठिकानों पर छापेमारी की. छापेमारी के बाद उन बदनाम ठिकाने को सीज कर दिया गया. इस कार्रवाई के दौरान हथकढ़ शराब की एक दर्जन भट्टियां धधकती मिली. वहीं जमीन में दबाया गया करीब छह हजार लीटर लाहन (कच्ची शराब) भी पकड़ा गया.

हथकढ़ शराब बनाने वाले कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी

आबकारी विभाग ने भट्टियां व लाहन को मौके पर ही नष्ट कर दिया. इस कार्रवाई को हनुमानगढ़ व संगरिया आबकारी विभाग की ओर से संयुक्त रूप से अंजाम दिया गया. यह कार्रवाई मुख्यालय के आदेश पर विशेष अभियान के तहत की गई. आबकारी निरीक्षक मधु उज्जवल व थाना प्रभारी कैलाश स्वामी के नेतृत्व में हनुमानगढ़ व विभाग के दल ने सबसे पहले गांव श्रीनगर व मक्कासर के बीच घग्घर बहाव क्षेत्र में हथकढ़ शराब के ठिकाने देबूघाट पर दबिश दी.

टीम ने मौके पर ही 2400 लीटर लाहन व आठ कच्ची भट्टियों को नष्ट कर दिया. इससे पहले भनक पाकर हथकढ़ शराब बनाने वाले अपराधी मौके से फरार हो गए.

गंगा घाट पर नष्ट कर दी गईं चार भट्टियां और हजारों लीटर शराब

इसके बाद आबकारी विभाग के दल ने गांव गंगागढ़ उसके पास के गंगा घाट पर कार्रवाई करते हुए चार कच्ची भट्टियां और करीब 1500 लीटर लाहन नष्ट किया. यह कार्रवाई करीब डेढ़ बजे तक जारी रही. हालांकि तीनों ही जगहों पर हथकढ़ शराब बनाने वाला कोई व्यक्ति आबकारी विभाग के हत्थे नहीं चढ़ सका. इस संबंध में अज्ञातों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है. 

शराब बनाने को लेकर पहले से बदनाम हैं ये गांव

गौरतलब है कि गांव गंगागढ़, देबूघाट, अमरपुरा, थेहड़ी व श्रीनगर हथकढ़ शराब बनाने वाले गांव के रूप में पहले से ही बदनाम हैं. इन जगहों पर पहले भी आबकारी विभाग के अलावा टाउन पुलिस की ओर से कई बार दबिश देकर हजारों लीटर लाहन व भट्टियां नष्ट करने की कार्रवाई की जा चुकी है.

साथ ही हथकढ़ शराब भी बरामद की गई थी। बावजूद इसके हथकढ़ शराब बनाने वालों के हौसलें इतने बुलंद हैं कि वे कार्रवाई के एक-दो दिन बाद ही फिर से भट्टियां चालू कर शराब बनाना शुरू कर देते हैं.

अब देखने वाली बात यह है कि पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से अवैध शराब बनाने वाले कितने दिन तक नहीं बनाते हैं या फिर इनका धंधा यूं ही बदस्तूर जारी रहेगा.