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  • कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की संख्या- 91,819 जबकि अबतक 5,394 मरीजों की मौत: स्त्रोत-PIB
  • PM ने लोगों से आग्रह किया कि कोविड-19 के बीच वे अधिक सतर्क और सावधान रहें, क्योंकि अर्थव्यवस्था का एक बड़ा खंड खोल दिया गया है
  • आज से शुरू होगी 200 स्पेशल ट्रेनें, पहले दिन 1.45 लाख से भी अधिक यात्री सफर करेंगे
  • थर्मल स्क्रीनिंग के लिए यात्रियों को ट्रेन रवाना होने से 90 मिनट पहले स्टेशन पहुंचना होगा
  • एनटीए ने विभिन्न परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथियों को आगे बढ़ा दिया है
  • वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने कोविड-19 के दौरान फार्मास्युटिकल उद्योग के योगदानों व भूमिका की सराहना की
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संकल्प के आगे फेल हुईं अफवाहें! 9 मिनट में देश ने 32 हज़ार मेगावॉट बिजली बचाई

संकल्प के आगे सारी अफवाहें फेल हुईं. 9 मिनट में देश ने 32 हज़ार मेगावॉट बिजली कम जलाई. 1 लाख 17 हज़ार की बजाए सिर्फ़ 85 हज़ार मेगावाट बिजली जली.

संकल्प के आगे फेल हुईं अफवाहें! 9 मिनट में देश ने 32 हज़ार मेगावॉट बिजली बचाई

नई दिल्ली: जानलेवा कोरोना वायरस से पनपे अंधेरे के खिलाफ रोशनी की इस जंग को पूरी दुनिया ने देखा. लॉकडाउन का दंश झेल रहे देशवासियों ने प्रकाश पर्व के जरिये एकजुटता, उल्लास और हिम्मत का बेजोड़ उदाहरण पेश किया. इसी के साथ वो आशंकाएं भी खारिज हो गईं जो पीएम के आह्वान के बाद से ही जताई जा रही थीं.

संकल्प के आगे फेल हुईं सारी अफवाहें

बहुत से लोगों ने आशंका जाहिर की थी कि अचानक लोड कम होने से पावर ग्रिड फेल होने समेत कई तरह की दिक्कतें आ सकती हैं. लेकिन संकल्प के आगे सारी अफवाहें पूरी तरह फेल हो गईं.

ऊर्जा मंत्रालय के बयान से सामने आई सच्चाई

"उन कुछ मिनट के बीच पूरे देश में पावर की डिमांड 1,17,000 मेगावाट से घटकर 85,000 मेगावाट आ गई. हमारे इंजिनियर्स के साथ ऊर्जा मंत्री और ऊर्जा सचिव श्रमशक्ति भवन से इस पर नजर बनाए हुए थे. हम सभी लोग डिस्पैच सेंटर और इंजीनियर्स को बधाई देते हैं."

ऊर्जा मंत्रालय के इस बयान से समझना आसान हो गया कि सरकार ने इसके लिए पहले से पूरी तैयारी कर ली थी. लेकिन अफवाहों को फैलाने वाली ब्रिगेड ने भी देशवासियों को डराने की भरपूर कोशिश की.

पूरे देश में इसको लेकर बात हो रही थी तो कांग्रेस ने भी कह दिया कि सरकार को इस पर सोचना चाहिए था. लेकिन सरकार अपनी तरफ से पूरी तैयारी के साथ 9 मिनट के लिए तैयारी कर चुकी थी.

ऊर्जा मंत्रालय ने सभी आशंकाओं को पहले ही खारिज किया था. ऊर्जा मंत्रालय का कहना था कि इस परिस्थिति में ग्रिड के संतुलन को बनाए रखने के लिए पर्याप्त उपाय किए गए हैं. मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि उस समय स्ट्रीट लाइट से लेकर रेफ्रिजरेटर, पंखे जैसे घरेलू उपकरण नहीं बंद होंगे. सिर्फ घरों की लाइटें बंद होंगी, जिससे बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा.

इसके बावजूद आशंकाओं को देखते हुए राज्यों के बिजली विभाग ने भी प्रकाश पर्व के लिए पूरी तैयारी कर रखी थी. राज्यों के बिजली विभाग ने लोगों से अपील की थी कि वो सिर्फ लाइटें बंद करें. फ्रिज, एसी और पंखों को चलने दें. नतीजा ये हुआ कि प्रकाश पर्व बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हुआ.

'32 हजार मेगावॉट बिजली कम जलाई गई'

देश भर में 9 मिनट तक लाइट्स बंद करने की वजह से 32 हजार मेगावॉट बिजली कम जलाई गई. आम दिनों में इतनी देर में 1 लाख 17 हज़ार मेगावाट बिजली खर्च होती है, जबकि पांच अप्रैल को 9 मिनट में सिर्फ़ 85 हज़ार मेगावाट बिजली खर्च हुई.

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कुल मिलाकर ये सवाल सही था कि देश में अचानक लाइट बुझाने से ग्रिड पर असर पड़ा तो क्या होगा लेकिन अच्छी बात ये है कि विद्युत मंत्रालय के साथ-साथ बिजली विभाग उन 9 मिनटों के लिए पूरी तरह से तैयार थे, जिससे देश 9 मिनट के बाद भी जगमगाता रहे.

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