लता जी का स्वास्थ्य अब ठीक, फैंस ने ली राहत की सांस

गायन के जगत में सबसे दिग्गज गायकारों में शुमार लता मंगेशकर की बीते दिन तबीयत खराब हो गई थी. जिसकी वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. इसके बाद उनके गायिकी के करोड़ों फैंन लता जी के जल्द ठीक होने की दुआएं करने लगे. सारे तमाम फैंन के लिए खुशखबरी आई है कि अब लता जी की तबीयत सही है.  

लता जी का स्वास्थ्य अब ठीक, फैंस ने ली राहत की सांस

मुबंई: सोमवार सुबह संगीत की दुनिया की देवी लता मंगेशकर की तबीयत बिगड़ गई. हालात को खराब होते देख उन्हें नजदीकी अस्पताल ब्रीच कैंडी में एडमिट करवाया गया. फिलहाल उनकी हालात में सुधार को देखते डॉक्टर ने लता जी को घर जाने की अनुमति दे दी है.

बता दें कि सोमवार सुबह अचानक लता जी को सांस लेने में दिक्कत होने लगी. ब्रीदिंग प्रॉब्लम के चलते लता जी को ICU में ले जाया गया, पर शाम तक हालात सामान्य हो गया. फिल्म जगत में 60 वीं से लेकर 20वीं के दशक की टॉप एक्ट्रेस में ऐसी कोई अदाकार नहीं थी जिनके गानों में लता जी ने अपनी आवाज न दी हो.

लता जी का संगीत करियर
लता मंगेशकर ने महज 13 साल की ही उम्र में गायिकी शुरु कर दी थी. लेकिन उन्हें उस समय नाम नहीं मिल पाया. किंतु आजादी के बाद लता को हिंदी फिल्मों में गाने का मौका मिला, आपकी सेवा में से लता ने हिंदी फिल्मों में गाने की शुरुआत की.

इसके बाद अन्य चार फिल्मों - बरसात, दूलारी, महल और अंदाज में गाना गाया. 1949 में लता का सितारा ऐसा चमका जिसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. 

गिनीज वर्ल्ड में दाखिल करवाया नाम
लता ने 20 से अधिक भारतीय भाषाओं में 30 हजार से ज्यादा गाने गा चुकी हैं.

जिसके लिए 1991 में लता मंगेशकर का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉड में  सबसे अधिक गाने रिकॉर्ड करने वाली गायिका के रूप में शामिल किया गया.

सम्मान
लता मंगेशकर को कई सारे सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है.

जिसमें देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न और फिल्म जगत का सबसे बड़ा सम्मान दादा साहेब फाल्के से नवाजा जा चुका है. 

लता का गाना सुन नेहरू जी के आंखों में आ गए थे आंसू
1962 में चीन के साथ युद्ध में भारत के हजारों सैनिक शहीद हुए थे. जिसके बाद कवि प्रदीप ने एक गाना लिखा 'ऐ मेरे वतन के लोगों'. प्रदीप चाहते थे यह गाना लता गाए और हुआ भी वेसा ही. दिल्ली में 1963 में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें उस वक्त के प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के साथ ही कई अन्य प्रसिद्ध हस्तियां मौजूद थे.

पहले तो लता जी ने  अल्लाह तेरो नाम से कार्यक्रम का आगाज किया और उसके बाद 'ऐ मेरे वतन के लोगों' गाया. लता का गाना सुन वहां मौजूद हर एक व्यक्ति भावूक हो उठे. नेहरु ऐसे भावूक हुए कि आंखों से आंसू छलक उठे.