सीतापुर जेल में मच्छरों से परेशान सपा सांसद आजम खान का पूरा परिवार

कहते हैं कि सभी दिन एक समान नहीं होते हैं. एक समय जो आजम खान अखिलेश यादव की सरकार में खासा दबदबा रखते थे. अब वही आजम खान बड़े बेआबरू होकर जेल में डाल दिए गए हैं और महंगी AC गाड़ियों में चलने वाले आजम को मच्छरों के बीच सोना पड़ रहा है.  

सीतापुर जेल में मच्छरों से परेशान सपा सांसद आजम खान का पूरा परिवार

लखनऊ: जेल में बंद समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान को मच्छर काफी परेशान कर रहे हैं. शुक्रवार को सीतापुर जेल पहुंची आजम खान की बहू सिदरा खान ने ये बात मीडिया को बताई. बहू सिदरा खान और बेटे अदिब आजम ने शुक्रवार को आजम खान के साथ-साथ तंजीन फातिमा और अब्दुल्ला आजम से भी मुलाकात की. मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए आजम खान की बहू सिदरा खान ने बताया कि सास-ससुर की हालत देखकर दुख हुआ. आजम खान को जिस बैरक में रखा गया है वहां मच्छर बहुत हैं. 

सिदरा खान ने जेल प्रशासन पर लगाए आरोप

सिदरा खान ने जेल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि सास और ससुर की तबीयत खराब होने के बावजूद उन्हें दवा नहीं दी रही है. इतना ही नहीं सांसद आजम खान और तंजीन फातिमा को जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराईं जा रही हैं. उन्होंने कहा कि अल्लाह पर भरोसा है. कोर्ट का फैसला हमारे हक में होगा. जो भी FIR हुई हैं वह झूठी हैं.

सीतापुर जेल में बंद हैं आजम खान

आजम खान, उनकी पत्नी और रामपुर से विधायक तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम को सीतापुर जेल शिफ्ट में कर दिया गया है. माना जा रहा है कि सुरक्षा कारणों की वजह से आजम परिवार को शिफ्ट किया गया है. बुधवार को ही रामपुर के एडीजी कोर्ट ने आजम खान को उनकी पत्नी और बेटे को जेल भेज दिया था. सांसद आजम खान, उनकी पत्नी तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम को दो मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया था. आजम के खिलाफ कोर्ट ने कुर्की वारंट जारी कर दिए थे.

फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के मामले में गई बेटे की विधायकी

आपको बता दें कि 16 दिसंबर, 2019 को इलाहबाद हाई कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम खां की सदस्यता को अवैध घोषित कर दिया था. कोर्ट ने बसपा नेता नवाब काजिम अली खां की याचिका पर यह फैसला सुनाया था. इसके बाद अब्दुल्ला आजम की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने भी ठुकरा दी थी. बता दें कि जब अब्दुल्ला आजम ने 2017 का विधानसभा चुनाव लड़ा था तब वे 25 साल से कम आयु के थे लेकिन उन्होंने फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर चुनाव लड़ा था.

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