जिस स्कूल में क्वारंटाइन किए गए थे मजदूर, कर दिया उसका काया कल्प

क्वारंटाइन में कुछ मजदूर एक स्कूल में रखे गए थे तो उन्होंने स्कूल की काया ही पलट दी. अब थूकने-पत्थर मारने वाले और अभद्रता करने वाले जाहिल जमातियों से इसकी तुलना कर लीजिए. 

जिस स्कूल में क्वारंटाइन किए गए थे मजदूर, कर दिया उसका काया कल्प

सीकरः कोरोना दौर चल रहा है, आप लॉकडाउन में घरों में कैद हैं. इस दौरान कुछ बुरी तो कुछ बहुत बुरी खबरें मिल रही हैं, लेकिन अच्छाई की उम्मीद हमेशा रहती है. यह खबर कुछ ऐसी है. राजस्थान के सीकर जिले से ऐसी ही आशा भरी एक खबर निकली है, जिसने दिल बाग-बाग कर दिया है. क्वारंटाइन में कुछ मजदूर एक स्कूल में रखे गए थे तो उन्होंने स्कूल की काया ही पलट दी. अब थूकने-पत्थर मारने वाले और अभद्रता करने वाले जाहिल जमातियों से इसकी तुलना कर लीजिए. 

स्कूल की कर डाली रंगाई-पुताई
राजस्थान के सीकर जिले के पलसाना कस्बे के एक स्कूल में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ मजदूरों को क्वारंटाइन किया गया था. क्वारंटाइन का समय तो पूरा हो गया, लेकिन लॉकाडउन के कारण भी अभी भी इन्हें घर जाने की इजाजत नहीं मिल सकी थी. ऐसे में ग्रामीणों और प्रशासन ने इन मजदूरों के लिए खाने पीने और रहने का इंतजाम कर दिया. यहीं से एक सकारात्मक कहानी निकलती है. मजदूरों ने कहा कि हमारा इतना ध्यान रखा गया, तो हम भी कुछ देना चाहते हैं. 

9 साल से नहीं हुई थी रंगाई
इन कर्मशील मजदूरों को खाली बैठकर मुफ्त में खाना पसंद नहीं आया तो सरपंच और गांव के लोगों से पुताई का सामान मंगवाया और पूरे स्कूल की इमारत का नक्शा ही बदल कर रख दिया. बताया जाता है कि पिछले 9 साल से स्कूल की रंगाई-पुताई नहीं हुई थी. स्कूल की पुताई करने वाले मजदूरों ने ग्रामीणों और प्रशासन के इंतजाम की काफी तारीफ करते हुए बताया कि वो सिर्फ इस अहसान को चुकाना चाहते थे. लिहाजा उन्होंने मुफ्त में ही सारे स्कूल की रंगाई-पुताई करके एकदम नया-नवेला बना दिया है.

हर तरफ हो रही है तारीफ
सीकर जिले से क्वारंटाइन में रखे गए मजदूरों की यह कहानी शहर से बाहर निकली तो देशभर में फैल गई. मजदूरों की इस पहल की काफी चर्चा हो रही है और लोग उनकी सरहाहना भी कर रहे हैं. भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के एसीएस रोहित कुमार सिंह ने इन मजदूरों की तारीफ की है. 

कैलाश विजयवर्गीय ने किया ट्वीट
भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट करते हुए कहा, "कर्मशील मजदूर! राजस्थान के सीकर जिले के पलसाना कस्बे में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और मध्यप्रदेश के कुछ मजदूरों को क्वारंटाइन किया गया था. बैठकर मुफ्त में खाना इन्हें अच्छा नहीं लगा तो इन कर्मशील मजदूरों ने प्राथमिक भवन की सारी इमारत की रंगाई-पुताई मुफ्त में कर डाली. कैलाश विजयवर्गीय के ट्वीट को रि-ट्वीट करते हुए राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि संस्कार अपने अपने! ऐसे कर्मठ लोग हमारे समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं.

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दूसरी तरफ थूकने-अभद्रता करने वालों की जमात
एक तरफ पूरा देश कोरोना संकट से घिरा हुआ है, दूसरी तरफ कुछ लोग इस संकट को बढ़ाने में लगे हैं. तबलीगी जमात में शामिल लोग जब क्वांरटाइन किए गए थे तो उन्होंने डॉक्टरों पर थूका था. अस्पतालों में अव्यवस्था फैलाई थी. यहां तक की बोतलों में भरकर मूत्र फेंका था. कई अस्पतालों में तो नर्सों से अभद्रता की गई थी. लेकिन फिर भी इन मजदूरों का यह कदम प्रेरणा लेने लायक है कि उन्होंने अभाव व संकट के दिनों को भी सार्थक कर दिखाया. 

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