हैम रेडियो ने 57 साल पहले बिछड़े भाईयों को मिलाया

तकनीक लोगों को जोड़ती है. इस बात का स्पष्ट सबूत दिखा पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना के एक स्टेशन में. जहां पर हैम रेडियो की मदद से 57 साल बाद दो बिछड़े हुए भाईयों की मुलाकात हुई. 

हैम रेडियो ने 57 साल पहले बिछड़े भाईयों को मिलाया

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के हैम रेडियो चलाने वाली एक टीम ने दो बिछड़े भाईयों की मुलाकात करवा के इंसानियत की मिसाल कायम की है. 
परिवार से बिछड़े चारु की करवाई मुलाकात
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना के सोदपुर स्टेशन पर एक शख्स लगातार बैठा हुआ दिखाई देता था. जिसका नाम चारु बसान था. प्रतिदिन हज़ारों की संख्या में यात्री चारु के बगल से गुज़रते थे. लेकिन कोई भी उनकी सुध नहीं लेता था. सभी लोग चारु को अनदेखा कर देते थे. चारु के आस पास गुज़र रहे यात्री कभी अनुमान ही नहीं लगा पाए कि  यह व्यक्ति ओडिशा का खोया हुआ चारु बसान है. जो यहाँ बंगाल में खो गया है. 

हैम रेडियो सदस्यों की नजर पड़ने से खुला मामला
प्लेटफार्म पर चारु को लावारिस रहता हुआ देखकर हैम रेडियो को जिज्ञासा हुई. उसके बाद उन्होंने चारु के साथ बातचीत शुरु की. कभी हिंदी में तो कभी टूटी फूटी बंगाली में तो कभी उड़िया में.

 आखिर कई दिनों की कोशिश के बाद उनकी मेहनत रंग लाई.  हैम रेडियो के सदस्यों ने पता कर लिया की चारु का घर ओडिशा में है और चारु वहीं का रहने वाला है. 

उसके बाद बिना किसी देरी के सोदपुर हैम रेडियो के सदस्यों ने ओडिशा हैम रेडियो के सदस्यों को चारु की एक तस्वीर भेजी और जानकारी दी. इसके बाद जानकारी मिलती है की चारु ओडिशा के झारसुगोडा ज़िले के बृजराजनगर का रहने वाला है. 

चारु की मुलाकात उसके भाई से कराई गई
हैम रेडियो के सदस्यों की मदद से चारु के परिवारवालों से संपर्क हो पाया. क्योंकि चारु की तस्वीर उसके भाई अयोध्या बसान के मोबाइल पर भेजी गई थी. 

पूरे 57 साल बाद अपने भाई की तस्वीर देखते ही अयोध्या बसान बेचैन हो गए और अपने बिछड़े भाई से मिलने और उसे वापस लाने के लिए तैयारी करने लगे. 

 सोदपुर हैम रेडियो से संपर्क साधने के बाद चारु के भाई अयोध्या सोदपुर पहुंच गए. उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि वह इस तरह अपने भाई से दोबारा मिल पाएंगे. 

 उसके बाद हैम रेडियो सदस्यों ने चारु के लम्बे लम्बे बाल और दाढ़ी कटवाकर, उन्हें खिला पिला कर अपने घर ओडिशा वापस भेज दिया.  

मानसिक रुप से कमजोर था चारु
बताया जा रहा है की चारु थोड़ा सा मानसिक रूप से कमजोर था. इसीलिए उसको कुछ ख़ास याद नहीं कि वो कैसे अपने परिवार वालों से बिछड़ा था. 

केवल इतना ही मालूम चल पाया है कि 18-20 साल पहले चारु बिना बताये अपने घर से चला गया था. जिसके बाद से उसके घर वालों को उसकी कोई खबर नहीं थी. 

हैम रेडियो की तकनीक काम आई
हैम रेडियो का इस्तेमाल खासतौर पर किसी आपदा या प्राकृतिक त्रासदी जैसे भूकंप, बाढ़, तूफान के समय इस्तेमाल किया जाता है.  जब संपर्क करने के सभी साधन फ़ैल हो जाते है तो हैम रेडियो ही काम आता है. 

 चाहे वो कितनी भी दुर्गम जगह क्यों न हो,  हैम रेडियो के जरिए आप दूसरे व्यक्ति से सीधा संपर्क कर सकते है. बशर्ते उसके पास भी हैम रेडियो होना चाहिए. 

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