बिहार में नेताजी पर 'स्याही अटैक', राजनीति या फिर आम आदमी की नाराजगी ?

राजनीति में नेताओं के जुमले और वायदों का जवाब आक्रोशित लोग कुछ ऐसे अंदाज में देते हैं कि नेताजी की सिट्टी-पिट्टी तो गुम हो ही जाती है, पर पब्लिक भी इसकी निंदा के बजाए लुत्फ उठाने लग जाती है. ऐसी ही एक घटना बिहार में हुई है, पर ये नई बात नहीं, पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हैं, कब-कब आइए देखते हैं.  

बिहार में नेताजी पर 'स्याही अटैक', राजनीति या फिर आम आदमी की नाराजगी ?

पटना: बिहार की राजधानी पटना में जलजमाव की त्रासदी से लोगों को जो परेशानी हुई, उसका साइड इफेक्ट अब नजर आने लगा है. एक के बाद एक कर के बिहार के नेता-मंत्रियों पर वो गुस्सा फूट कर बाहर निकल रहा है.  मंगलवार को सूबे की राजधानी पटना में स्थित पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (PMCH) पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे (Ashwini Choubey) के ऊपर स्याही फेंक दी गई. मंत्रीजी जल जमाव से ग्रसित अस्पताल में भर्ती डेंगू मरीजों का जायजा लेने पहुंचे थे, तभी एक अंजान युवक ने मंत्रीजी पर स्याही फेंक अपना विरोध जताया और तुरंत फरार हो गया.  स्याही फेंकने वाले युवक की पहचान तथाकथित रूप से पप्पू यादव की जन अधिकार पार्टी (JAP) के प्रदेश सचिव के रूप में की जा रही है.

 

स्याही फेंके जाने की बढ़ रही है घटनाएं 

हाल के दिनों में ये ऐसी पहली घटना नहीं है जब किसी राजनेता के विरोध में उनपर स्याही फेंक नीला रंगने का कोशिश की गई हो.  इससे पहले भी बिहार के मुखिया नीतीश कुमार के अलावा उप मुखिया सुशील मोदी की गाड़ी पर स्याही फेंक रंगने की असफल कोशिश की गई है. इस कड़ी में पाटलिपुत्र के सांसद रामकृपाल यादव का भी नाम है. हालिया राजनीतिक परिदृश्य में तो स्याही उड़ेल कर विरोध जताने का एक पवित्र व अहिंसक चलन ही चल चुका है.
 कब-कब ऐसा हुआ है और कौन-कौन से राजनेता रंगे गए हैं, आइए एक नजर डालते हैं.

 

1.स्याही फेंक कर विरोध जताए जाने के मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सबसे आगे हैं. केजरीवाल को अब तक तीन बार नीला रंगा जा चुका है.

  •  मार्च 2014 में वाराणसी में लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान एक शख्स ने केजरीवाल पर स्याही फेंक दी
  • जनवरी 2016 में एक महिला ने दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान केजरीवाल पर स्याही फेंक दी.
  • अक्टूबर 2016 में राजस्थान में एक विद्यार्थी ने केजरीवाल के ऊपर फिर से स्याही उढ़ेल दी.  

2. भाजपा नेता सुधींद्र कुलकर्णी  जो ORF के अध्यक्ष भी थे वे पाकिस्तानी नेता खुर्शीद महमूद कसूरी के पुस्तक विमोचन के मौके पर शिरकत करने आए थे तब नाराज शिवसेना कार्यकर्ताओं ने उनपर स्याही फेंक उनका पूरा चेहरा खराब कर दिया था, इसके बावजूद सुधींद्र ने इस पूरे कार्यक्रम में हिस्सा लिया. 

इसके अलावा भी कई ऐसे नेता हैं जिनपर स्याही फेंका गया है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे पर स्याही फेंके जाने की बिहार सरकार में कृषि मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने निंदनीय बताया है. लेकिन सवाल ये उठता है कि जाप कार्यकर्ता द्वारा भाजपा मंत्री पर स्याही फेंका जाना राजनीति से प्रेरित है या फिर आपदा से पैदा हुआ गुस्सा.