• पूरी दुनिया में कोरोना से 1097810 लोग प्रभावित, अब तक 59140 लोगों की मौत हुई, 228405 लोग रोगमुक्त हुए
  • भारत में कोरोना मरीजों की कुल संख्या 2902, इसमें से 68 लोगों की मौत हुई, 184 इलाज के बाद ठीक हुए
  • महाराष्ट्र में कोरोना के सबसे ज्यादा 423 मरीज, 19 लोगों की मौत हुई, 42 लोग ठीक हुए
  • तमिलनाडु में कोरोना से 411 लोग प्रभावित, 1 की मौत, 6 लोग ठीक हुए
  • केरल में अब तक 295 लोगों को हुआ कोरोना, 2 की मौत हो चुकी है, 27 इलाज के बाद ठीक हुए
  • दिल्ली में कोरोना के 386 मरीज, 6 की मौत, 8 लोग ठीक हुए, मध्य प्रदेश में कोरोना से 155 लोग संक्रमित, 9 लोगों की मौत
  • यूपी में कोरोना के 188 मरीज, 14 लोग ठीक हुए, 2 लोगों की मौत
  • राजस्थान में कोरोना के 179 मरीज, 3 लोग इलाज के बाद ठीक हुए, अभी तक एक भी मौत नहीं
  • तेलंगाना में कोरोना के 158 मरीज, 7 लोगों की मौत, मात्र 1 ही इलाज के बाद ठीक हुआ
  • कर्नाटक में कोरोना के 128 मरीज और आंध्र प्रदेश में 161 लोगों में कोरोना वायरस का असर

देसी श्रीनिवास को विदेशी खेल में दिलचस्पी नहीं, किया ट्रायल्स से इन्कार

श्रीनिवास ने कहा कि उन्हें अपना खेल ही पसंद है और वे उसी को खेलेंगे. गौड़ा ने बताया कि दोनों ही खेल अलग हैं. ट्रैक दौड़ में हम जहां अंगूठे के बल पर दौड़ते हैं वहीं कंबाला में हमें एड़ियों का इस्तेमाल करना होता है. यहां तक कि कंबाला में भैंसे की भी अहम भूमिका होती है.

देसी श्रीनिवास को विदेशी खेल में दिलचस्पी नहीं, किया ट्रायल्स से इन्कार

बेंगलुरुः उसेन बोल्ट का रिकॉर्ड तोड़ने वाली आश्चर्य जनक दौड़ से सुर्खियों में बने श्रीनिवास की ओर से बेहद निराशाजनक जानकारी सामने आ रही है. खबर है कि उन्होंने ट्रायल्स में फिलहाल भाग लेने से इन्कार कर दिया है. कर्नाटक की पारंपरिक कंबाला रेस के जॉकी श्रीनिवास गौड़ा की तुलना विश्व रिकॉर्ड होल्डर उसैन बोल्ट से होने लगी थी.

इसमें वह भैंसे के साथ कीचड़ भरी सतह पर इतनी तेज दौड़े थे कि देखने वालों की आंखें फटी रह गईं थीं. खबरों के मुताबिक श्रीनिवास ने अपने ही पारंपरिक खेल को जारी रखने की तमन्ना जाहिर की है. संभव है कि वह आगे ट्रायल में हिस्सा लें.

हालांकि उन्होंने इनकार के पीछे की जो वजहें बताई हैं,  उससे एक इशारा यह भी मिल रहा है कि छिपी हुई प्रतिभाओं को उभारने के लिए अंतरराष्ट्रीय पैमाने बदलने की जरूरत है, साथ ही अलग-अलग कैटिगरी भी बनाई जानी चाहिए.  

इसलिए किया ट्रायल से इनकार
लोगों का कहना था कि श्रीनिवास विश्व स्तरीय धावन प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं और मेडल जीतकर बड़े कीर्तिमान बना सकते हैं. लेकिन दुखद है कि  श्रीनिवास ने ट्रायल्स में भाग लेने से इनकार कर दिया है.  एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में श्रीनिवास ने कहा कि उन्हें अपना खेल ही पसंद है और वे उसी को खेलेंगे.

गौड़ा ने बताया कि दोनों ही खेल अलग हैं. ट्रैक दौड़ में हम जहां अंगूठे के बल पर दौड़ते हैं वहीं कंबाला में हमें एड़ियों का इस्तेमाल करना होता है. यहां तक कि कंबाला में भैंसे की भी अहम भूमिका होती है. 

श्रीनिवास को खेल मंत्री ने बुलाया था
खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) को उनका ट्रायल लेने के लिए कहा था. रिजिजू ने कहा था कि वे किसी भी खिलाड़ी की प्रतिभा को बर्बाद नहीं होने देंगे और उन्हें पूरे मौके देंगे. इसके बाद साई ने उनका रेलवे का टिकट कराकर उन्हें सोमवार को बेंगलुरु बुलाया था और उन्हें खुद को तैयार होने के लिए समय देने के लिए भी कहा था.

हालांकि इसके बाद गौड़ा ने कहा था कि उन्होंने इस साल कई कंबाला दौड़ों में भाग लिया है और वे थक गए हैं, ऐसे में वे ट्रायल में भाग ले पाएंगे या नहीं, इसमें संशय है. 

लाटरी में जीते 12 करोड़ पर मिलेंगे कितने पैसे इस मजदूर को?

कंबाला पर प्रतिबंध की भी होती रही है मांग
कंबाला रेस या भैंसा दौड़ कर्नाटक का पारंपरिक खेल है. जानवरों के संरक्षण करने वालों कार्यकर्ताओं ने कुछ साल पहले कंबाला पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी. उनका आरोप था कि जॉकी बल प्रयोग कर तेज दौड़ने के लिए भैंसों को मजबूर करता है.

इसके बाद कंबाला पर कुछ वर्ष के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया था. हालांकि, तब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने एक विशेष कानून पारित कर खेल को जारी करवाया था. 

142.5 मीटर की दूरी 13.62 सेकंड में पूरी की
यह खेल कीचड़ वाले इलाके में आयोजित की जाता है. कर्नाटक के तटीय इलाकों मंगलूरू और उडुपी में यह खेल काफी प्रचलित है. यहां के कई गांवों में कंबाला का आयोजन किया जाता है, जिसमें दर्जनों उत्साही युवा अपनी सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षित भैंसों के साथ भाग लेते हैं.

श्रीनिवास ने पिछले हफ्ते कीचड़ से भरे धान के खेत में दौड़ते हुए 142.5 मीटर की दूरी 13.62 सेकंड में पूरी कर तेजी से सुर्खियां बटोरी थी. इसके बाद गौड़ा की तुलना दुनिया के सबसे तेज धावक उसेन बोल्ट से की जा रही थी. बोल्ट के नाम 100 मीटर रेस में 9.58 सेकेंड का वर्ल्ड रिकॉर्ड है. 

जंगली भालू हुए ईश्वर के भजन के दीवाने, शहडोल में दिख रहा है अनोखा नजारा