• देश में कोविड-19 से सक्रिय मरीजों की संख्या 1,10,960 पहुंची, जबकि संक्रमण के कुल मामले 2,26,770: स्त्रोत-PIB
  • कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की संख्या- 1,09,462 जबकि अबतक 6,348 मरीजों की मौत: स्त्रोत-PIB
  • अंतर्राष्ट्रीय टीकाकरण गठबंधन के लिए भारत ने 15 मिलियन डॉलर देने का वचन दिया
  • केंद्र ने 4 जून, 2020 को राज्यों / संघ राज्य क्षेत्रों को जीएसटी मुआवजे के तौर पर 36,400 करोड़ रुपया जारी किया
  • कोविड-19 की रोकथाम हेतु MoHFW ने निवारक उपायों पर एसओपी जारी किया
  • ट्यूलिप– सभी यूएलबीऔर स्मार्ट शहरों में नए स्नातकों को अवसर प्रदान करने के लिए शहरी अध्ययन प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरूआत
  • स्वास्थ्य मंत्री ने दिल्ली को आक्रामक निगरानी, ​​संपर्क का पता लगाने और कड़े नियंत्रण कार्यों के साथ जांच बढ़ाने की आवश्यकता जोर
  • आइए कोविड-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई को मजबूत करें और सरकार द्वारा जारी किए गए सभी दिशानिर्देशों का पालन करें
  • मनरेगा के तहत मजदूरी और सामग्री दोनों के ही लंबित बकाये को समाप्त करने के लिए राज्यों को 28,729 करोड़ रुपये जारी किए गए
  • पीएमजीकेपी के तहत (02.06.2020 तक): चालू वित्तीय वर्ष में 48.13 करोड़ मानव कार्य-दिवस के रोजगार का सृजन

मुंबई से गोरखपुर जाने वाली श्रमिक ट्रेन पहुंच गई ओडिशा, भौचक्के रह गए यात्री

इन दिनों प्रवासी मजदूरों को सकुशल उनके घर भेजने के लिए रेल मंत्रालय दिन रात पूरे समर्पण और निष्ठा के साथ जुटा है लेकिन इस बीच एक बड़ी चूक रेलवे से हो गयी.  

मुंबई से गोरखपुर जाने वाली श्रमिक ट्रेन पहुंच गई ओडिशा, भौचक्के रह गए यात्री

मुंबई: देश में जारी लॉकडाउन के बीच प्रवासी मजदूर कई समस्याओं का सामना करने को मजबूर हैं. इनकी समस्याओं को दूर करने और इन्हें सुरक्षित घर तक भेजने के लिए रेल मंत्रालय श्रमिक ट्रेनें चला रहा है. इसी श्रमिक ट्रेन से जुड़ी एक ऐसी घटना हुई है जो सभी को भौचक्का कर देगी.

ओडिशा पहुंच गई गोरखपुर जाने वाली ट्रेन

मुंबई से एक श्रमिक स्पेशल ट्रेन गोरखपुर के लिये चली थी और इसमें उत्तरप्रदेश के गोरखपुर और उसके आसपास के सभी यात्री बैठे हुए थे. हैरत की बात ये है कि अगली सुबह जब मजदूर ट्रेन से उतरे तब उन्होंने खुद को ओडिशा में पाया. ये देखकर सभी यात्री हक्के बक्के रह गए.

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रेलवे अब जांच कर रहा है कि आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हो गयी. चौकाने वाली बात ये है कि मुंबई और गोरखपुर के बीच ओडिशा जाने वाला कोई रास्ता नहीं है.

रेलवे कही ये बात

लोगों का कहना है कि हो सकता है ट्रेन ड्राइवर रास्ता भटक गया हो और गलती से ट्रेन ओडिशा चली गयी. पश्चिम रेलवे का कहना है कि ड्राइवर रास्ता नहीं भटका, बल्कि रूट पर भारी ट्रैफिक की वजह से इस ट्रेन के रूट में परिवर्तन करके उसे ओडिशा के रास्ते भेजा गया है.

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भारी यातायात की वजह से लिया गया ये निर्णय

रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि भारी यातायात का संज्ञान लेते हुए रेलवे बोर्ड ने उसे पश्चिम रेलवे के उधना, सूरत, वलसाड, अंकलेश्वर, कोंकण रेलवे के कुछ स्टेशनों ओर ओडिशा में मध्य रेलवे के मार्ग के रास्ते अस्थायी रूप से चलाने का निर्णय लिया. उन्होंने कहा कि इटारसी-जबलपुर-पंडित दीनदयाल नगर मार्ग पर भारी यातायात होने की वजह से ट्रेनें अब बिलासपुर, झारसुगुडा और ओडिशा के राउरकेला स्टेशनों के रास्ते चलेंगी.