fighter jet maneuvers: फाइटर जेट उड़ाना अपने आप में मुश्किल है, लेकिन कुछ ऐसे हवाई Maneuver भी होते हैं जिन्हें करने के लिए पायलट को अपनी जान हथेली पर रखनी पड़ती है. इन स्टेप्स में एक छोटी सी गलती भी मौत का सीधा दरवाजा खोल देती है.
fighter jet maneuvers: इन Maneuver को सीखना आसान नहीं, बल्कि बेहद खतरनाक है. लेकिन इन्हीं से पता चलता है कि युद्ध में कौन-सा पायलट कितनी तेजी और समझदारी से काम ले सकता है. यही Maneuver फाइटर जेट को डॉगफाइट में जीवित रखता है और यही पायलट को दुनिया के सबसे कठिन प्रोफेशन में सबसे आगे साबित करता है.
दुनिया की एयरफोर्स अपने जेट्स को तेज, फुर्तीला और धमाकेदार बनाने के लिए सैकड़ों Maneuver टेस्ट करती है. लेकिन कुछ Maneuver इतने खतरनाक होते हैं कि इनके दौरान पायलट के शरीर पर 8 से 10 G तक का दबाव पड़ता है. यह दबाव इंसान की आंखों से रोशनी तक खींच सकता है, दिमाग की ब्लड सप्लाई रोक सकता है और सेकंड भर में बेहोश कर सकता है. यही वजह है कि दुनिया के सिर्फ कुछ ही पायलट ऐसे Maneuver परफेक्ट कर पाते हैं. इन्हें मास्टर करना मतलब मौत को चुनौती देना.
High-G Turn वह Maneuver है जिसमें जेट बहुत तेज गति पर अचानक तेज मोड़ लेता है. इस दौरान पायलट के शरीर पर 9G तक का दबाव पड़ता है. यह दबाव दिल में खून को नीचे की ओर खींचता है और पायलट को ब्लैकआउट या G-LOC यानी बेहोशी तक ला सकता है.
यह Maneuver Su-30MKI और Su-35 जैसे सुपरमैन्यूवेरेबल जेट करते हैं. इसमें जेट अचानक अपनी नाक को 110 डिग्री तक ऊपर उठा देता है और हवा में लगभग रुक जाता है. यह बेहद खतरनाक इसलिए है क्योंकि एक छोटा सा एंगल गलत हुआ तो जेट स्टॉल हो सकता है और नीचे सीधा गिर सकता है. दुनिया में बहुत कम पायलट इसे सुरक्षित कर पाते हैं.
Negative-G Dive में जेट ऊपर से नीचे की तरफ उल्टी दिशा में फुल स्पीड से गिरता है. इसमें पायलट के शरीर पर निगेटिव G-Force लगता है, जिससे खून दिमाग की ओर धक्का खाता है. इससे रेडआउट (आंखों में लाल धुंध) आता है और दिमाग कुछ सेकंड में काम करना बंद कर सकता है. कुछ पायलट इस Maneuver को “कुछ सेकंड में मौत” कहते हैं.
इस Maneuver में फाइटर जेट को पूरी तरह 90 डिग्री झुकाकर सिर्फ एक लाइन पर उड़ाया जाता है. ऐसी स्थिति में लिफ्ट बहुत कम हो जाती है और जेट को गिरने से रोकना बेहद मुश्किल होता है. इस Maneuver में जरा सा हवा का दबाव या एंगल गलत हुआ तो जेट सीधे धराशायी हो सकता है.
यह Maneuver किसी फिल्म से कम नहीं, लेकिन असल जिंदगी में यह सबसे खतरनाक है. फाइटर जेट को जमीन से बस 100–150 फीट ऊपर रखते हुए 800–900 किमी/घंटा की रफ्तार से उड़ाया जाता है. एक पेड़, एक बिजली का खंभा, एक छोटी पहाड़ी, एक सेकंड का ध्यान… जेट का कोई निशान नहीं बचेगा. इसी को पायलट No mistake zone भी कहते हैं.
इस Maneuver में जेट सीधा ऊपर उठता है और उस स्थिति में तब तक जाता है जब तक उसकी स्पीड खत्म नहीं होने लगती. अचानक जेट ऊपर ही स्टॉल कर जाता है. अब पायलट को उसे मौत की तरफ गिरते हुए दोबारा कंट्रोल में लाना होता है. कई ट्रेनिंग क्रैश इसी Maneuver में होते हैं.