भारत की 5 गुप्त गुफाएं, जहां छिपे हैं भगवान शिव और विष्णु के रहस्य, दर्शन मात्र से खुल जाती है किस्मत

Hidden Caves in India: भारत में कुछ ऐसी गुफाएं हैं जिन्हें समय की धूल से छुपा दिया है. इन गुफाओं की संकरी गलियां, प्राचीन मूर्तियां और रहस्यमयी पेंटिंग्स आपको इतिहास की दुनिया में ले जाते हैं. इन गुफाओं में कदम रखते ही ऐसे लगता है जैसे आप हजारों साल पुरानी दुनिया में आ गए हो.

 

Hidden Caves in India: गुफाएं धरती की सबसे रोचक और खूबसूरत जगहों में से एक हैं. ये छोटे-छोटे खाजने जैसे होते हैं और उन यात्रिओं के लिए खास हैं जिन्हें इतिहास और रहस्य पसंद है. भारत में भी कई रहस्यमयी गुफाएं हैं, जो पूरी दुनिया में फेमस हैं. आइए आज हम आपको बताएंगे कुछ ऐसी ही इतिहास से भरी गुफाओं के बारे में.

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 उदयगिरि और खंडगिरि गुफाएं भारत की जानी पहचानी गुफाओं में शामिल हैं. ये गुफाएं भुवनेश्वर में दो छोटी पहाड़ियों पर बनी हैं और 2वीं शताब्दी ईसा पूर्व की जैन गुफा‑आश्रय हैं. पहाड़ी चढ़ते समय पर बानी नक्काशियां बहुत सुंदर दिखती हैं.  हाथी जैसी बड़ी चट्टान पर बनी हाथिगुंफा लिपि भी बहुत दिलचस्प है. ये गुफाएं पहले जैन साधु ध्यान करने के लिए इस्तेमाल करते थे और यहां का शांत वातावरण बहुत अच्छा लगता है.  

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बदामी गुफाएं भारत की अन्य प्रसिद्ध गुफाओं जितनी प्रसिद्ध नहीं हैं. यहां की चार गुफा-मंदिर लाल बलुआ पत्थर की चट्टानों में खुदी हुई हैं. पहली गुफा शिव को समर्पित है, जिसमें 18 भुजाओं वाला नटराज है. दूसरी और तीसरी गुफाएं विष्णु को समर्पित हैं और चौथी गुफा जैन तीर्थंकरों के लिए है.  

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बाराबर गुफाएं बिहार की ग्रेनाइट पहाड़ियों में 3वीं शताब्दी में खुदी गई थीं और इन्हें सम्राट अशोक और उनके पुत्र दशरथ के समय बनवाया गया था. ये भारत की सबसे पुरानी जीवित शिला-कटी गुफाएं मानी जाती हैं. यहां अंदर बोलने पर आवाजें रहस्यमय से गूंजती हैं.  

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जोगीमारा और सीताबेंगा गुफाएं भारत की कम जानी-पहचानी गुफाओं में से एक हैं. ये छत्तीसगढ़ के रामगढ़ पहाड़ियों में गहराई में छिपी हुई हैं और करीब 3वीं  शताब्दी की हैं. सीताबेंगा गुफा में एक प्राकृतिक चट्टानी मंच है, जिस पर बैठने की व्यवस्था खुदी हुई है.  

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पांडवलेनी गुफाएं नासिक शहर के ऊपर एक पहाड़ी पर हैं. ये 24 बौद्ध शिला-कटी स्मारक हैं. ये 1वीं शताब्दी ईसा पूर्व से 3री शताब्दी ईस्वी तक के हैं. यह जगह नासिक के व्यस्त तीर्थ स्थलों के पास होने के बावजूद शांत है. सूर्योदय के समय, नासिक का नज़ारा सुनहरी रोशनी में नहाया दिखाई देता है, जो चढ़ाई को पूरी तरह सार्थक बना देता है.