ब्रिटिश काल से चल रहीं भारत की सबसे पुरानी ट्रेनें, 100 साल देश की धड़कन की तरह चल रहीं ये रेलगाड़ियां

Indias oldest trains: आप जानते हैं क्या भारत में ऐसी ट्रेनें भी हैं जो 100 साल से ज्यादा समय से चल रही हैं? ये ट्रेनें सिर्फ यात्रा के लिए नहीं, बल्कि इतिहास की गवाही देती हैं. कॉलोनियल टाइम से लेकर आज तक इनकी कहानी में छिपी है पुराने जमाने की खासियत.

 

Indias oldest trains: भारतीय रेलवे की कहानी 170 साल पुरानी है. ब्रिटिश राज में 1853 में पहली ट्रेन बॉम्बे से थाणे चली थी. तब से रेलवे ने देश को जोड़ा. आज भी कुछ ट्रेनें 100 साल से ज्यादा पुरानी हैं. ये ट्रेनें इतिहास की गवाह हैं. आइए आज हम आपको इसके बारे में पूरी जानकारी बातएंगे.

 

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कलका मेल का ट्रेन नंबर 12311/12312. भारत की सबसे पुरानी चलती हुई पैसेंजर ट्रेन है. ये 1866 में ईस्ट इंडियन रेलवे मेल के नाम से शुरू हुई. हावड़ा से कलका तक चलती है. 158 साल बाद भी ये रोज चल रही है. आज इसे नेताजी एक्सप्रेस कहते हैं, क्योंकि 1941 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस इसी से भागे थे. यह ट्रेन हमें आजादी की लड़ाई और बंटवारे की कहानियां बताती है.

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पंजाब मेल का ट्रेन नंबर 12137/12138. 1912 से चल रही है. पहले इसे पंजाब लिमिटेड कहा जाता था. बॉम्बे से फेरोजपुर कैंट तक जाती है. ब्रिटिश काल में ये तेज ट्रेन थी. आज भी ये लंबी दूरी तय करती है. 1945 में इसमें पहली बार एसी कोच लगे. ये ट्रेन 1930 के दशक से आम लोगों के लिए खुली थी.  

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ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस का ट्रेन नंबर 12615/12616. 1929 से चल रही है. पहले पेशावर से मंगलौर तक जाती थी. अब दिल्ली से चेन्नई तक. बंटवारे के बाद रूट बदला. 1930 में ये डेली ट्रेन बनी. 2021 से इसमें मॉडर्न एलएचबी कोच हैं. ये दक्षिण और उत्तर भारत को जोड़ती है.   

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गोल्डन टेम्पल मेल का ट्रेन नंबर 12903/12904. 1929 में फ्रंटियर मेल के नाम से शुरू हुई. दिल्ली से अमृतसर तक. आज भी ये ट्रेन पंजाब की धड़कन है.   

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बांबे–पूना मेल, बांबे और पूना के बीच चलने वाली एक इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन थी. पहले इसे डेक्कन क्वीन एक्सप्रेस के साथ जोड़ा गया था. यह ट्रेन स्थानीय यात्रियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण रही है.