भारत में स्थित 5 रहस्यमयी प्राकृतिक जगहें, मानो किसी एलियन का हो घर! तस्वीरें कर देंगी हैरान

Indias Unique Natural Wonders: भारत की धरती में कुछ ऐसे रहस्य छुपे हुए हैं, जिन्हें देखकर आप दंग रह जाएंगे. गहरी झीलें, तैरती भूमि और अनोखी गुफाएं. दुनिया में मिलने वाले ये चमत्कार आपको हैरान कर देंगे.

 

Indias Unique Natural Wonders: आइए आज हम आपको बताएंगे भारत के उन प्राकृतिक चमत्कारों के बारे में, जो केवल इसी देश में पाए जाते हैं. यह जगह अपने आप में अनोखी और रहस्यमयी है. ये प्राकृतिक चमत्कार सिर्फ खूबसूरत ही नहीं हैं, बल्कि ये हमें भारत की अलग-अलग और अनोखी जमीन के बारे में भी बताते हैं.

 

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भारत की बड़ी और अलग-अलग तरह की जमीन दुनिया के कुछ सबसे अनोखे प्राकृतिक चमत्कारों का घर है.  लोक्ताक झील की तैरती दुनिया से लेकर क्रेम पुरी की गहरी गुफाओं तक, ये सभी जगहें भारत की जमीन की अलग-अलग बनावट को दिखाती हैं. इन्हें खास बनाता है कि ये केवल भारत में ही पाए जाते हैं.  

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लोणार झील करीब 50,000 साल पहले एक उल्का के गिरने से महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में लोणार झील बनी. यह झील बहुत खास है क्योंकि यह दुनिया की एकमात्र झील है जो बेसाल्ट चट्टान में बनी है और इसमें नमकीन और क्षारीय दोनों तरह का पानी है. इस वजह से यहां कुछ अद्भुत छोटे-छोटे जीव भी पाए जाते हैं. झील के आसपास हरे-भरे जंगल और प्राचीन मंदिर हैं.  

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लोक्ताक झील को भारत की तैरती झील कहा जाता है. यह मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में है और पूर्वोत्तर की सबसे बड़ी ताजे पानी की झील है. इसकी खासियत हैं फुमडी. झील की सतह पर तैरते वनस्पति और मिट्टी के टुकड़े, जिन्हें तैरते हुए छोटे-छोटे द्वीप माना जाता है. ये कुछ इतने बड़े और मजबूत हैं कि इनके ऊपर घर और मछली पकड़ने की झोपड़ियां भी रखी जा सकती हैं.

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मेघालय के बारिश वाले पहाड़ी गांवों में नोंग्रियाट, मावलिनोंग और चेरापूंजी पुल पाए जाते हैं. यह प्रकृति और परंपरा का अद्भुत उदाहरण हैं. खासी और जैंटिया जनजातियां रबर के पेड़ की जड़ों को नदी पार खींचकर जोड़ती हैं. समय के साथ ये जड़ें मजबूत हो जाती हैं और कई पुल 100 साल पुराने भी हैं.  

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ब्रह्मपुत्र नदी में स्थित मजुली दुनिया का सबसे बड़ा नदी-द्वीप है. इस द्वीप की जमीन हमेशा नदी के बहाव के साथ बदलती रहती है. मजुली में दलदली जमीन, धान के खेत और मिषिंग जनजाति के गांव हैं. यह सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है, यहां नियो-वैष्णव मठ (सात्रा) हैं, जिन्हें संत श्रीमंत शंकरदेव ने स्थापित किया था. हालांकि नदी की कटाव की समस्या है, फिर भी मजुली शांत और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध जगह बनी हुई है.  

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मेघालय के ईस्ट खासी हिल्स के जंगलों में, मावसिनराम के पास जो धरती पर सबसे ज्यादा बारिश वाला जगह है वहां पर क्रेम पुरी गुफा स्थित है. यह दुनिया की सबसे लंबी सैंडस्टोन गुफा है, जिसकी लंबाई 24 किलोमीटर से ज्यादा है. 2016 में इसकी खोज हुई थी. गुफा में पतली सुरंगें और कमरे हैं, जिनमें कुछ करोड़ों साल पुराने जीवाश्म भी पाए गए.