Operation Sagar Bandhu: बीते दिनों में श्रीलंका में आए चक्रवात से देश में काफी ज्यादा तबाही मची है. जिसके बाद भारत लगातार श्रीलंका की मदद करने में जुटा हुआ है. बीते दिनों से लगातार भारतीय नौसेना और वायुसेना लोगों को बचाने में मदद कर रही हैं. श्रीलंका में आए इस चक्रवात के बाद देश में स्थिति काफी ज्यादा खराब हो गई है.
Operation Sagar Bandhu: श्रीलंका में आए चक्रवात के बाद से कई लोगों की जानें चली गई और कई लोग लापता हो गए है. अब तक मौत का आंकड़ा लगभग 465 पर पहुंच गया है. भारतीय नौसेना ने श्रीलंका में हुई बर्बादी के बाद ऑपरेशन सागर बंधु चलाया है. जिसके तरह लगातार बचाव और राहत कार्य किए जा रहे हैं. एनडीआरएफ, नेवी और एयरफोर्स की टीम लगातार लोगों को बचाने के लिए काम कर रही है.
चक्रवात दितवाह के कारण आई भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के बीच भारत द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन सागर बंधु के तहत एनडीआरएफ ने श्रीलंका में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं. सोमवार को एनडीआरएफ टीम ने सेदावट्टा और नाडीगामा में एक दृष्टिबाधित वरिष्ठ नागरिक और एक घायल महिला को सुरक्षित निकालकर मौके पर ही चिकित्सीय सहायता प्रदान की.
भारतीय उच्चायोग ने सेशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया है कि ऑपरेशन सागर बंधु के तहत एनडीआरएफ टीम जीवनरक्षक कार्यों को जारी रखे हुए है. इसके तहत एक दृष्टिबाधित वरिष्ठ नागरिक और एक घायल महिला को सुरक्षित निकाला गया और उसी जगह पर उसके इलाज के लिए व्यवस्था की गई.
भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने बताया कि चक्रवात दितवाह के बाद आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरि ने राहत सामग्री तुरंत उपलब्ध कराकर हजारों लोगों की सहायता करने में जुट गए. हेलिकॉप्टरों ने हवाई खोज और बचाव कार्यों से कई लोगों की जान बचाई है. उन्होंने यह भी बताया कि आईएनएस सुकन्या 1 दिसंबर को त्रिंकोमाली पहुंचा और वहां गंभीर आपात राहत सामग्री श्रीलंका के प्रशासन को सौंपी गई थी. प्रवक्ता के मुताबिक यह पहल हिंद महासागर क्षेत्र में फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में भारतीय नौसेना की भूमिका और भारत की महासागर दृष्टि के साथ नेबरहुड फर्स्ट नीति को और ज्यादा मजबूत करती है.
भारत ने 28 नवंबर को चक्रवात दित्वाह से श्रीलंका में आई भीषण बाढ़, जनहानि और व्यापक तबाही के बाद तत्काल खोज एवं बचाव और मानवीय सहायता के साथ आपदा राहत समर्थन के लिए ऑपरेशन सागर बंधु शुरू किया था. ऑपरेशन के तहत आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरि ने श्रीलंका पहुंचकर वहां के लोगों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई. दोनों युद्धपोतों से तैनात हेलिकॉप्टरों ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया जिसके बाद खोज और बचाव कार्यों में तेजी लाई गई है.
श्रीलंका में चक्रवात दित्वाह की तबाही का दायरा लगातार बढ़ रहा है. डेली मिरर ने डिज़ास्टर मैनेजमेंट सेंटर के हवाले से बताया कि हादसों में मृतकों की संख्या बढ़कर 465 हो गई है. सबसे ज्यादा 118 मौतें कंडी जिले में दर्ज की गई हैं. जिसके बाद अब भी लगभग 366 लोग लापता हैं. जिनमें बड़ी संख्या में लोग मताले जिले से है. एकीकृत रूप से लगभग 1.5 मिलियन से अधिक लोग चक्रवात और बाढ़ से प्रभावित हुए हैं और लगभग 61,000 से ज्यादा परिवारों के 2.32 लाख लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं. श्रीलंका की सरकार ने भारी तबाही के बाद 22 जिलों को राष्ट्रीय आपदा क्षेत्र घोषित करते हुए विशेष राजपत्र जारी किया है.