पंजाब में कांग्रेस विधायक अंगद सैनी का हाथ थामेंगी रायबरेली विधायक अदिति

अदिति सिंह शादी के बंधन में बंधने जा रही हैं और इस तरह दो राजनीतिक परिवार एक होने वाले हैं. अदिति के दूल्हा अंगद सैनी बनेंगे, जो खुद पंजाब के शहीद भगत सिंह नगर से कांग्रेस के विधायक हैं. देखना यह है कि पिछले दिनों अलग-अलग कारणों से गांधी परिवार और कांग्रेस से अदिति के संबंधों में जो ऊंच-नीच हुई है क्या इस गठबंधन से उसमें कोई भरपाई हो सकेगी. 

पंजाब में कांग्रेस विधायक अंगद सैनी का हाथ थामेंगी रायबरेली विधायक अदिति

नई दिल्ली: रायबरेली से विधायक कांग्रेस की अदिति सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं. इस बार की चर्चा की वजह कोई राजनीतिक बवंडर नहीं बल्कि जिंदगी में आने वाला सुखद बदलाव है. दरअसल अदिति सिंह शादी के बंधन में बंधने जा रही हैं और इस तरह दो राजनीतिक परिवार एक होने वाले हैं. अदिति के दूल्हा अंगद सैनी बनेंगे, जो खुद पंजाब के शहीद भगत सिंह नगर से कांग्रेस के विधायक हैं. बताया जा रहा है कि नई दिल्ली में 21 नवंबर को दोनों शादी के पवित्र बंधन में बंधेगे. वहीं दो दिन बाद यानी 23 नवंबर को रिसेप्शन रखा गया है.

अंगद-अदिति दोनों ही 2017 में बने विधायक
मीडिया से बातचीत में अदिति ने बताया कि समारोह के लिए शादी के कार्ड बांटे जा रहे हैं. अंगद और अदिति दोनों ही 2017 में विधायक बने थे और दोनो ही राजनीतिक परिवारों से आते हैं. अदिति सिंह ने बताया कि शादी में खास मेहमान शामिल होंगे. शादी समारोह को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं.

अदिति सिंह उत्तर प्रदेश में सबसे युवा विधायकों में से एक हैं. उन्होंने 2017 में 90 हजार से ज्यादा वोटों के साथ रायबरेली सदर सीट जीती थी. उनके पिता अखिलेश कुमार सिंह पांच बार रायबरेली सीट से चुनाव जीत चुके हैं. वहीं अंगद सैनी स्वर्गीय दिलबाग सिंह के परिवार से आते हैं. दिलबाग सिंह नवांशहर सीट से छह बार विधायक रहे थे.

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बागी तेवरों के कारण चर्चा में आईं थीं अदिति
अदिति सिंह पिछले दिनों अपने बागी तेवरों को लेकर चर्चा में आईं थीं. कहा जा रहा था कि वह कांग्रेस से कन्नी काट रही हैं. दरअसल उन्होंने लगातार कई ऐसे कदम उठाए जो इस बात को बल देते हैं. अदिति ने अक्टूबर में अचानक ही सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी.

इस पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने नाराजगी जताई थी. इसके पहले अदिति महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर आयोजित विधानसभा के विशेष सत्र में पहुंच गईं थीं, जबकि यह कांग्रेस की पार्टी लाइन के खिलाफ था. उन्होंने आर्टिकल 370 मामले पर भी केंद्र सरकार का समर्थन किया था. यह बात भी कांग्रेस नेतृत्व को नागवार गुजरी थी. 

राहुल गांधी से भी जुड़ा था नाम, फैली थी अफवाह
इससे पहले अदिति सिंह के राहुल गांधी से सगाई करने की अफवाह फैल चुकी थी. तब अदिति सिंह ने राहुल गांधी से रिश्ते की बात को लेकर इसका खंडन किया था. उन्होंने मीडिया के सामने बताया था कि राहुल उनके भाई जैसे हैं और वह उन्हें राखी बांधती हैं. 

अदिति को प्रियंका गांधी वाड्रा का करीबी माना जाता है. दोनों कई मौकों पर साथ दिखी हैं. फिलहाल देखना यह है कि पिछले दिनों अलग-अलग कारणों से गांधी परिवार और कांग्रेस से अदिति के संबंधों में जो ऊंच-नीच हुई है क्या इस गठबंधन से उसमें कोई भरपाई हो सकेगी. 

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