Tokyo Olympic 2021: आंखों पर 7 टांके और खून से लथपथ, फिर भी पदक के लिये लड़ते रहे सतीश कुमार

दरअसल प्री क्वार्टरफाइनल में जब सतीश कुमार को जीत मिली थी तब उनकी आंख के पास गहरा घाव लग गया था और खून निकलने लगा था. 

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Aug 1, 2021, 01:34 PM IST
  • बीच मुकाबले में खुल गये थे टांके
  • पिछले मुकाबले में सतीश हुए थे चोटिल
Tokyo Olympic 2021: आंखों पर 7 टांके और खून से लथपथ, फिर भी पदक के लिये लड़ते रहे सतीश कुमार

नई दिल्ली: देश को पदक दिलाने के लिये जो जज्बा और जुनून मुक्केबाज सतीश कुमार ने टोक्यो ओलंपिक में दिखाया उसे देखकर हर हिंदुस्तानी को उन पर गर्व हो रहा है. क्वार्टरफाइनल मुकाबले में उजबेकिस्तान के मुक्केबाज के आगे खून से लथपथ होने के बावजूद वे लड़ते रहे. 

दरअसल प्री क्वार्टरफाइनल में जब सतीश कुमार को जीत मिली थी तब उनकी आंख के पास गहरा घाव लग गया था और खून निकलने लगा था. इसके बाद उन्हें 7 टांके लगाए गये. डॉक्टरों ने सतीश को रिंग में उतरने से मना किया था क्योंकि उनका घाव बहुत गहरा था और जरा सी भी चोट लगने पर उनकी हालत खराब हो सकती थी. यहां तक कि मुक्केबाजी महासंघ ने भी सतीश को रिंग में उतरने से मना किया लेकिन देश को पदक दिलाने की जिद ने सतीश को रुकने नहीं दिया और वे पूरी ताकत से क्वार्टरफाइनल में उतरे. हालांकि सतीश कुमार को 5-0 से हार झेलनी पड़ी. 

बीच मुकाबले में खुल गये थे टांके

जब सतीश कुमार आज रिंग में खेल रहे थे तभी उनकी माथे के टांके खुल गये और एक बार फिर तेजी से खून बहने लगा. यहां तक कि मैच रेफरी ने सतीश को मुकाबले से हटने की भी सलाह दी लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और सभी 5 राउंड खेले. 

सेना के 32 साल के मुक्केबाज ने अपने दाहिने हाथ से पंच भी जड़े, लेकिन उजबेकिस्तान के जालोलोव पूरे मुकाबले में हावी रहे. तीसरे दौर में सतीश के माथे पर लगा घाव खुल गया, लेकिन इसके बावजूद वह लड़ते रहे. फुटबॉलर से मुक्केबाज बने जालोलोव ने अपना पहला ओलंपिक पदक सुनिश्चित करने के बाद सतीश की बहादुरी की सराहना की. 

पिछले मुकाबले में सतीश हुए थे चोटिल

32 वर्षीय सतीश कुमार अपने पिछले मुकाबले में चोटिल हो गए थे. जमैका के रिकार्डो ब्राउन के खिलाफ मुकाबले में सतीश की ठुड्डी और दाईं आंख पर गहरा कट लगा था. इसके बाद उन्हें 7 टांके लगाने पड़े हैं. सतीश ने इस मुकाबले में 4-1 से जीत दर्ज की थी. अगर सतीश रविवार का क्वार्टरफाइनल मुकाबला जीत लेते तो उनका मेडल पक्का हो जाता. मुकाबले से पहले मेडिकल बोर्ड ने उन्हें रिंग में उतरने की अनुमति दे दी. 

ये भी पढ़ें- West indies vs Pakistan 3rd T20I, dream playing 11: जानिए किसे मिलेगा मौका

बॉक्सिंग में आखिरी उम्मीद थे सतीश

आपको बता दें कि सतीश कुमार टोक्यो ओलंपिक में मुक्केबाजी में भारत की आखिरी उम्मीद थे और उनसे ही देशवासियों को पदक की आस बची थी. सतीश 91 किलोग्राम भार वर्ग में हिस्सा ले रहे थे. वे उजबेकिस्तान के बखोदिर जालोलोव के हाथों 0-5 से हारे हैं. मैच हारने के बावजूद सभी ने सतीश कुमार की तारीफ की और उन्हें अगले ओलंपिक के लिये शुभकामनाएं दी. 

Zee Hindustan News App: देश-दुनिया, बॉलीवुड, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल और गैजेट्स की दुनिया की सभी खबरें अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें ज़ी हिंदुस्तान न्यूज़ ऐप.  

ज़्यादा कहानियां

ट्रेंडिंग न्यूज़