Tokyo Olympics: अखबार में छपी अली की फोटो ने बदल दी थी लवलीना की जिंदगी, जानिए रोचक किस्सा

जब सभी खिलाड़ी कड़ी प्रैक्टिस कर रहे थे तब लवलीना की मां का किडनी ट्रांसप्लांट होना था और वे मां के साथ थीं.  

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Jul 30, 2021, 11:30 AM IST
  • जानिए लवलीना से जुड़ी कहानी
  • कैसा रहा है उनका ओलंपिक का सफर
 Tokyo Olympics: अखबार में छपी अली की फोटो ने बदल दी थी लवलीना की जिंदगी, जानिए रोचक किस्सा

नई दिल्लीः Tokyo Olympic Games, Boxing, lovlina borgohain Medal: जापान की धरती पर खेले जा रहे ओलंपिक गेम्स में भारत के असम की लवलीना ने अपने पंच का लोहा मनवाया है. बॉक्सिंग के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में लवलीना ने शानदार जीत हासिल करके सेमीफाइनल में अपनी जगह बना ली है. इस जीत के साथ भारत का दूसरा मेडल अब पक्का हो चुका है. ये जीत कई मायनो में खास है. आइए जानते हैं कि आखिर लवलीना कौन हैं और असम से जापान तक का उनका ये ऐतिहासिक सफर कैसा रहा है...

जिससे हमेशा हारी उसे हराकर रचा इतिहास
पूर्वोत्तर राज्य असम की महिला खिलाड़ी लवलीना ने निएन-चिन चेन नाम की जिस खिलाड़ी के खिलाफ जीत हासिल की है, वो पूर्व विश्व चैम्पियन हैं और अब तक के कई मुक़ाबलों में लवलीना उनसे हारती आई हैं. बताते हैं कि लवलीना 2018 के वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी उनसे हारी गई थीं. छोटे से गांव और गुरबत में जिंदगी जीने वाली 23 साल की लवलीना ने भी कई आर्थिक दिक्कतों के बावजूद ओलंपिक तक का रास्ता तय किया है.

लवलीना बॉरगोहेन असम के गोलाघाट ज़िले में 2 अक्तूबर 1997 को टिकेन और मामोनी बॉरगोहेन के घर जन्मी थीं. उनके पिता टिकेन एक छोटे व्यापारी थे और अपनी बेटी की आकांक्षाओं में उसका साथ देने के लिए उन्हें आर्थिक रूप से संघर्ष करना पड़ा.

अखबार में अली की फोटो देखकर बॉक्सिंग चुनी
लवलीना के बारे में कहा जाता है कि एक दिन उनके पिता अख़बार में लपेट कर मिठाई लाए तो लवलीना को उसमें मोहम्मद अली की फ़ोटो दिखी. पिता ने तब मोहम्मद अली की दास्तां बेटी को सुनाई और फिर शुरू हुआ बॉक्सिंग का सफर. अली का किरदार लवलीना को इतना भाया कि उन्होंने अली की तरह बनने की ठान ली. प्राइमरी स्कूल में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया के ट्रायल हुए तो कोच पादुम बोरो की जौहरी नज़र लवलीना पर गई 5 साल के अंदर वे एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य तक पहुंच गई थीं.

ओलंपिक से पहले मां की सर्जरी
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ओलंपिक से पहले के कुछ महीने लवलीना के लिए आसान नहीं थे. जब सभी खिलाड़ी कड़ी प्रैक्टिस कर रहे थे तब लवलीना की मां का किडनी ट्रांसप्लांट होना था और वे मां के साथ थीं. इसके बाद कोरोना की दूसरी लहर के कारण उन्हें लंबे समय तक अपने कमरे में ही ट्रेनिंग करनी पड़ी क्योंकि कोचिंग स्टाफ के कुछ लोग संक्रमित थे. 

लवलीना के करियर में बड़ा उछाल आया जब उन्हें 2018 में कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए चुना गया. हालांकि तब इसे लेकर विवाद ज़रूर हुआ था कि लवलीना को इस बारे में कथित तौर पर आधिकारिक सूचना नहीं दी गई और अख़बारों से उन्हें पता चला.

अब लवलीना से सभी को गोल्ड की उम्मीद है. उनका अगला मुकाबला बुधवार को होना है. पूरे देश को लवलीना से बहुत सी उम्मीदे हैं. 

Zee Hindustan News App: देश-दुनिया, बॉलीवुड, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल और गैजेट्स की दुनिया की सभी खबरें अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें ज़ी हिंदुस्तान न्यूज़ ऐप.

ज़्यादा कहानियां

ट्रेंडिंग न्यूज़