On This Day: जब 293 रनों की यादगार पारी खेल सहवाग बन गए टेस्ट क्रिकेट के 'नवाब'

On This Day: 12 साल पहले वीरेंद्र सहवाग इसी दिन 293 के स्कोर पर मुरलीधरन की गेंद पर आउट हो गए और टेस्ट क्रिकेट में तीसरा तिहरा शतक जड़ने से चूक गए.   

Written by - Adarsh Dixit | Last Updated : Dec 4, 2021, 07:23 AM IST
  • मुल्तान के सुल्तान ने खेली थी धमाकेदार पारी
  • रिकॉर्ड बनाने से महज 7 रन से चूक गए सहवाग

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On This Day: जब 293 रनों की यादगार पारी खेल सहवाग बन गए टेस्ट क्रिकेट के 'नवाब'

नई दिल्ली: On This Day: आज से 12 साल पहले 4 दिसम्बर 2009 के दिन न केवल भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें ब्रेबोर्न स्टेडियम पर टिकी हुई थीं बल्कि दुनिया के तमाम स्टार क्रिकेटर भी नजरें गड़ाए टीवी के सामने डटे हुए थे.

दरअसल यही वो दिन था जब भारत के विस्फोटक बल्लेबाज, नजफगढ़ के नवाब और मुल्तान के सुल्तान यानी वीरेंद्र सहवाग अपने ऐतिहासिक तीसरे तिहरे शतक से करीब थे. जो कीर्तिमान ब्रायन लारा, सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गज बल्लेबाज नहीं स्थापित कर सके वो रिकॉर्ड बनाने से सहवाग केवल 7 रन दूर थे.

मुरलीधरन ने 293 पर किया था सहवाग को आउट
12 साल पहले वीरेंद्र सहवाग इसी दिन 293 के स्कोर पर मुरलीधरन की गेंद पर आउट हो गए और टेस्ट क्रिकेट में तीसरा तिहरा शतक जड़ने से चूक गए. अगर सहवाग अपने स्कोर में 7 रन और जोड़ लेते तो वे 'द ग्रेट' ब्रायन लारा को पछाड़कर दुनिया के पहले बल्लेबाज बन जाते. इसके बावजूद सहवाग दुनिया के इकलौते ऐसे क्रिकेटर हैं जिसने टेस्ट क्रिकेट में 3 बार 290 का आंकड़ा पार किया हो.

मुल्तान के सुल्तान ने ये धमाकेदार पारी ऐसे समय मे खेली थी जब कोई भी टीम टेस्‍ट क्रिकेट में 90 ओवर में 293 रन बनाकर बहुत खुश हो जाती थी. समय ऐसा था जब बल्‍लेबाज मुथैया मुरलीधरन के खिलाफ जोखिम उठाने से कतराता था और उनके ओवर खत्‍म होने का इंतजार करता था.

महज 254 गेंदों पर खेली 293 रनों की पारी
इस टेस्ट में सहवाग ने बल्‍लेबाजी को इतना आसान बना दिया था कि बस उन्‍हें लगातार देखते रहने का मन हो रहा था. जब मुरलीधरन अपना 9वां ओवर कर रहे थे और  सहवाग 100 रन का आंकड़ा पार कर चुके थे तब वीरू ने हेलमेट की जगह कैप पहन ली. मुरली ने भी सहवाग को चकमा देने के लिए दूसरा का इस्‍तेमाल किया. सहवाग ने आसानी से इसे भांप लिया और गेंद को सीमा रेखा के पार भेज दिया. ये वाकया देखकर मुरलीधरन भी अपनी हंसी नहीं रोक सके.

श्रीलंका ने सहवाग को रोकने के लिए अनगिनत तरीके अपना लिए, लेकिन एक भी तरीका सफल नहीं हुआ. सहवाग ने दूसरे दिन स्‍टंप्‍स के समय तक 284 रन बना लिए थे.

लारा का रिकॉर्ड तोड़ने से चूक गए सहवाग
कहा जाता है कि क्रिकेट में सबकुछ आपकी इच्छा से नहीं होता, कुछ चीजें खिलाड़ी की सोच के खिलाफ भी होती है. सहवाग ने तीसरे दिन की शुरुआत कई रिकॉर्ड्स तोड़ने उद्देश्य से की. सहवाग के निशाने पर सबसे तेज तिहरे शतक और ब्रायन लारा के 400 रन का रिकॉर्ड तोड़ना था.  

दोनों ही रिकॉर्ड सहवाग के बस में नजर आ रहे थे लेकिन तीसरे दिन अचानक मैदान में सन्‍नाटा पसर गया. मुरली की गेंद पर सहवाग ने उन्‍हें आसान कैच थमा दिया. सहवाग को खुद पर काफी गुस्‍सा आया, लेकिन फिर वह मुस्‍कुराए और दर्शकों का अभिवादन करते हुए पवेलियन लौट गए क्योंकि सहवाग को पता था कि उन्होंने टेस्ट इतिहास की सबसे रोमांचकारी पारी खेली है. अब शायद ही कोई बल्लेबाज इसे दोहरा सके.

टेस्ट क्रिकेट में सहवाग के नाम 3 तिहरे शतक
वीरेंद्र सहवाग इससे पहले पाकिस्तान के खिलाफ 309 और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 319 रनों की पारियां खेलकर भारत के सर्वकालिक महान बल्लेबाजों की लिस्ट में अपना नाम शामिल करवा चुके थे लेकिन 293 रनों की ये पारी भी किसी तिहरे शतक से कम नहीं थी. 300 के स्कोर से 7 रन पहले आउट हो जाने का ये मतलब बिल्कुल नहीं है कि सहवाग के 293 रनों की मेहनत को भुला दिया जाए.

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