सड़क पर उतरे अन्नदाताओं की सरकार ने मानी 5 मांगें

किसानों के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने कृषि मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी बातें रखीं. सरकार की ओर से फसल बीमा, नदियों से जुड़ी दिक्कतें समेत पांच मांगों को मान ली गई. इसके बाद किसानों ने अपना आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया.

Last Updated : Sep 21, 2019, 06:30 PM IST
    • किसानों के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने कृषि मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात की
    • सड़क पर उतरे किसानों की 15 में से 5 मांगें सरकार ने मान ली है
सड़क पर उतरे अन्नदाताओं की सरकार ने मानी 5 मांगें

नई दिल्ली: हिंदुस्तान की हुकूमत तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए खेत-खलिहान छोड़कर किसान सड़क पर उतर आएं. भारतीय किसान संगठन के बैनर तले हजारों की तादाद में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर शनिवार सुबह दिल्ली कूच किया. अपनी समस्याओं को लेकर यूपी के सहारनपुर से दिल्ली पैदल मार्च कर आए किसानों की 15 में से 5 मांगें सरकार ने मान ली है.

इसके साथ ही किसानों का आंदोलन खत्म हो गया है. किसानों के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने कृषि मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी बातें रखीं. सरकार की ओर से फसल बीमा, नदियों से जुड़ी दिक्कतें समेत पांच मांगों को मान ली गई. इसके बाद किसानों ने अपना आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया.

आपको बता दें कि किसानों को दिल्ली में घुसते ही बॉर्डर पर रोक लिया गया था. किसान सैकड़ों की तादाद में दिल्ली बार्डर पर धरने पर बैठ गए थे. उनकी मांगें थी कि सरकार उनसे बात करे या फिर उन्हें दिल्ली के किसान घाट जाने दिया जाए. इसके बाद किसानों के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को दिल्ली पुलिस की गाड़ी में कृषि मंत्रालय ले जाया गया, जहां उन्होंने अपनी मांगें रखीं.

दिल्ली के करीब नोएडा में किसानों ने कल रात को ही डेरा डाल दिया था. यूपी के अलग-अलग जिलों से आकर ये किसान नोएडा में जमा हुए थे. और आज सुबह दिल्ली के किसान घाट जाने के लिए रवाना हुए थे. लेकिन दिल्ली में अन्नदाताओं की इस दस्तक के सामने सुरक्षाकर्मी दीवार बनकर खड़े हो गए. इधर नोएडा से जब किसान पदयात्रा के लिए निकले तो उधर उन्हें रोकने के लिए यूपी-दिल्ली बॉर्डर पर पुलिसवालों की फौज तैनात कर दी गई थी. हालांकि इन किसानों ने पहले ही ऐलान कर दिया था कि वो संवैधानिक तरीके से पदयात्रा करेंगे और अगर दिल्ली जाने से रोकने की कोशिश हुई तो वहीं धरने पर बैठ जाएंगे.

भारतीय किसान संगठन की पुकार पर ये किसान 11 अगस्त को यूपी के सहारनपुर से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे. बीच-बीच में और किसान जुड़ते चले गए और फिर कारवां बन गया जो नोएडा पहुंचा.

  • अन्नदाताओं की मुख्य मांग

किसानों की सबसे पहली और सबसे बड़ी मांग ये थी कि उनका कर्ज एक बार पूरी तरह से माफ कर दिया जाए. ये किसान सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली की मांग भी कर रहे थें. किसानों की मांग ये भी थी कि उन्हें ब्याज सहित गन्ने के बकाये का भुगतान हो.

ट्रेंडिंग न्यूज़