Top 5 Countries Naval Power 2025: दुनिया की ताकत अब सिर्फ जमीन या वायु सेना से नहीं, बल्कि समुद्र में मौजूद नेवी से भी तय होती है. आज हर देश अपनी समुद्री सीमाओं की सुरक्षा, व्यापारिक रास्तों की रक्षा और दुनियाभर में प्रभाव बढ़ाने के लिए नेवी ताकत पर अरबों डॉलर खर्च कर रहा है. साल 2025 में ऐसे पांच देश हैं जो नौसेना पर सबसे ज्यादा निवेश कर रहे हैं अमेरिका, चीन, जापान, ब्रिटेन और रूस. आइए जानते हैं कौन देश अपनी नौसेना को कितना मजबूत बना रहा है.
क्यों जरूरी है नौसैनिक शक्ति?
नौसेना किसी भी देश के लिए उतनी ही जरूरी है जितनी उसकी सेना या एयरफोर्स, एक मजबूत नेवी न सिर्फ समुद्री सीमाओं की रक्षा करती है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों की सुरक्षा, आपदा राहत अभियान, और शांति मिशन में भी बड़ी भूमिका निभाती है. एडवांस नेवी में आज परमाणु पनडुब्बियां, एयरक्राफ्ट कैरियर, मिसाइल डिफेंस सिस्टम और एडवांस युद्धपोत शामिल हैं, जो किसी भी देश को वैश्विक ताकत बना सकते हैं.
संयुक्त राज्य अमेरिका (United States)
United States के अनुमानित बजट की बात करें तो ये लगभग 207 बिलियन डॉलर है, अमेरिका की नौसेना आज भी दुनिया की सबसे शक्तिशाली मानी जाती है, इसमें 297 जहाज और पनडुब्बियां हैं, साथ ही इसमें एयरक्राफ्ट कैरियर, परमाणु पनडुब्बियां, और एडवांस मिसाइल तकनीक शामिल है. अमेरिकी नेवी हर महासागर में मौजूद है और अपने सहयोगी देशों की सुरक्षा में बड़ी भूमिका निभाती है.
चीन (China)
वहीं चाइना के नेवी ताकत की बात करें तो ये दुसरे स्थान पर आते हैं, इस देश के नेवी पर खर्च का अनुमानित बजट लगभग 170 बिलियन डॉलर है, इसमें 355 जहाज और पनडुब्बियां हैं, चीन की नौसेना यानी पीपल्स लिबरेशन आर्मी नेवी (PLAN) सबसे बड़े बेड़े वाली नौसेना बन चुकी है. चीन लगातार अपने जहाजों और मिसाइल सिस्टम को अपग्रेड कर रहा है. उसका मुख्य फोकस दक्षिण चीन सागर और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करना है.
जापान (Japan)
इस लिस्ट में जापान का भी नाम आता है इस देश का नेवल बजट लगभग 60.2 बिलियन डॉलर है. इनके नेवी में लगभग 155 जहाज और पनडुब्बियां हैं. जापान की नौसेना, जिसे Japan Maritime Self-Defense Force (JMSDF) कहा जाता है, तकनीकी रूप से बहुत एडवांस है. जापान समुद्र में पनडुब्बी रोधी मिशन और द्वीपों की सुरक्षा पर ध्यान देता है.
यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom)
इस लिस्ट के चौथे नंबर पर यूनाइटेड किंगडम आता है जिसका सालाना बजट 51 बिलियन डॉलर है जो इस देश के नेवी को ताकतवर बनाता है. इस देश के नेवी में 77 जहाज और पनडुब्बियां हैं. ब्रिटेन की Royal Navy यूरोप की सबसे मजबूत नौसेनाओं में से एक है. इसके पास एयरक्राफ्ट कैरियर, डिस्ट्रॉयर, और तेज रफ्तार युद्धपोत हैं. यह न सिर्फ यूरोप बल्कि पूरी दुनिया में ब्रिटेन की उपस्थिति बनाए रखती है.
रूस (Russia)
वहीं लिस्ट के आखिरी और पांचवें देश की बात करें तो इस देश का नाम रशिया है. इस देश का सालाना अनुमानित बजट 48 बिलियन डॉलर है. साथ ही यहां लगभग 318 जहाज और पनडुब्बियां हैं जो इसको दुनिया के सबसे ताकतवर नेवल देशों में से एक बनाता है. रूस की नौसेना का मुख्य फोकस है आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा और परमाणु पनडुब्बियों के जरिए रणनीतिक बढ़त बनाए रखना.
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