महाराष्ट्र में डेढ़ लाख महिलाओं को बनाया जाएगा डिजिटली साक्षर

महाराष्ट्र महिला आयोग ने डिजिटल इंडिया के कार्यक्रम में ग्रामीण , शहरी , छात्राओं , घरेलू-कामकाजी और सीनियर सिटीजन महिलाओं को डिजिटल शिक्षा देने का बीड़ा उठाया है. महाराष्ट्र के कई हिस्सों में इसके प्रसार के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं. 

महाराष्ट्र में डेढ़ लाख महिलाओं को बनाया जाएगा डिजिटली साक्षर

मुंबई: राज्य में डिजिटल शिक्षा के प्रसार के लिए तकरीबन 500 शिक्षण संस्थान और स्वयंसेवी संस्थाओं को जिम्मेदारी दी गई है. मुंबई के के.सी.कॉलेज में गुरुवार को तकरीबन 200 लोगों को इसकी ट्रेनिंग दी गई. जिसमें 78 साल की दादी से लेकर 18 साल की छात्राएं भी शामिल थीं.   सबसे दिलचस्प बात ये रही कि महज 30 मिनट के ट्रेनिंग के बाद 78 साल की दादी ने डिजिटल पेमेन्ट से खरीददारी करके अपने इस ट्रेनिंग की उपयोगिता भी जाहिर कर पाईं. 

डिजिटल शिक्षा आम जीवन की जरूरत 
सरकार की डिजिटल शिक्षा के प्रचार प्रसार की योजना के पीछे का उद्देश्य महिलाओं का सशक्तिकरण भी है. जिससे कि उन्हें 
- गैस की बुकिंग 
- जमीन के कागजात देखने 
- घर में नए सदस्य आने पर उसका रजिस्ट्रेशन 
- किसी के बीमार होने पर उसके इलाज के लिए सरकारी सहायता लेना जैसे कई कामों में आसानी हो. 

महिलाओं में दिखी सीखने की ललक 
उम्मीदों के विपरीत बड़ी उम्र की महिलाओं में इसे सीखने की जबरदस्त ललक दिखी. 78 साल की मंजुला वरांडे जी इस मोबाइल के जरिए दुनिया के हर पहलू को जल्द से जल्द अपने जानकारी में ले लेना चाहती हैं. अपनी इस नए स्कूल में शिक्षा ले रही मंजुला जी अकेली नहीं हैं. उनके जैसी कई घरेलू महिलाए, कामकाजी महिलाएं और छात्राएं हैं. 

महिलाओं का कहना है कि 'अब हमें किसी पर निर्भर नहीं रहना होगा. हम भी साथ साथ कदम बढ़ा सकते हैं. समय की भी बचत होगी.'

सहूलियत और सुरक्षा एक साथ 
डिजिटल शिक्षा के जरिए जहा महिलाएं देश के हर संस्थान से जुड सकती हैं. वहीं महिलाओं के सुरक्षा के लिए तैयार किया डिजिटल एप्लीकेशन उन्हें हर पल सुरक्षित रखता है.  सुदूर गांव की किसी महिला को सरकार के जरिए चलाए जा रहे हर प्रोग्राम के बारे में जानकारी और उसके लाभ मिल सकते हैं. 
सुरक्षित पेमेन्ट  के लिए इस्तेमाल किए जा रहे इस डिजिटल साक्षरता को बेहद सुदृढ माना जा रहा है. 

कई जगह चल रहे हैं साक्षरता शिविर
महाराष्ट्र के  के.सी.लॉ संस्थान में एक साथ 200 महिलाओं को डिजिटल साक्षरता से रूबरू कराया जा रहा है. महाराष्ट्र महिला आयोग के तहत चलाए जा रहे इस कार्यक्रम में अबतक नासिक ,पूणे, यवतमाल , नासिक और कई जगहों पर इस तरह के आयोजन किए गए हैं. 

महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर इसे देश का भविष्य और समय की जरुरत बताती हैं. अपने लक्ष्य के मुताबिक अगले तीन महीने में डेढ लाख महिलाएं डिजिटल साक्षर करके लक्ष्य को पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्प भी रखती हैं.