Engineering से मोहभंग: एक साल में बंद 63 कॉलेज, 10 सालों में सबसे कम एडमिशन

संस्थान बंद होने और एडमिशन लेने वालों की कमी के कारण इस साल सीटों में कमी 1.46 लाख आंकी गई है.  

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Jul 28, 2021, 11:02 AM IST
  • लगातार घट रही है छात्रों की संख्या
  • जानिए क्या कहते हैं आंकड़े
Engineering से मोहभंग: एक साल में बंद 63 कॉलेज, 10 सालों में सबसे कम एडमिशन

नई दिल्लीः देश में कुछ साल पहले स्टूडेंट्स के बीच इंजीनियरिंग को लेकर बड़ा उत्साह देखने को मिल रहा था. छात्रों के इस रुझान को देखते हुए खूब इंजीनियरिंग कॉलेज खुले. लेकिन अब भारत में इंजीनियरिंग कॉलेज लगातार बंद हो रहे हैं. इस गिरावट का आलम ये है कि इंजीनियरिंग संस्थानों में सीटों की कुल संख्या एक दशक में सबसे कम हो गई है.

ऑल इंडिया टेक्निकल एजुकेशन काउंसिल (AICTE) के नए डाटा से पता चलता है कि अंडर ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट और डिप्लोमा स्तर पर इंजीनियरिंग सीटों की संख्या घटकर 23.28 लाख रह गई है जो पिछले 10 सालों में सबसे कम हैं. संस्थान बंद होने और एडमिशन लेने वालों की कमी के कारण इस साल सीटों में कमी 1.46 लाख आंकी गई है.

हर साल बंद हो रहे औसतन 50 कॉलेज
2014-15 में अपने पीक पर  सभी AICTE-अप्रूव्ड संस्थानों में इंजीनियरिंग शिक्षा में लगभग 32 लाख सीटें थीं.  गिरावट का क्रेडिट सात साल पहले शुरू हुए एकीकरण को दिया जा रहा है, जिसमें मांग कम होने के कारण कॉलेजों को बंद करना पड़ा है.  तब से, लगभग 400 इंजीनियरिंग स्कूलों ने काम काज बंद कर दिया है. पिछले साल कोविड महामारी काल को छोड़ दिया जाए तो, 2015-16 से हर साल कम से कम 50 इंजीनियरिंग संस्थान बंद हो रहे हैं. इस साल 63 इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट्स को बंद करने के लिए एआईसीटीई की मंजूरी मिली है.

नए संस्थान खुलने की संख्या में भी गिरावट
वहीं नए इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट स्थापित करने के लिए टेक्निकल एजुकेशन रेगुलेटरी की मंजूरी पांच साल के निचले स्तर पर है. 2019 में AICTE ने 2020-21 से शुरू होने वाले नए संस्थानों पर दो साल की मोहलत की घोषणा की थी. यह आईआईटी-हैदराबाद के अध्यक्ष बीवीआर मोहन रेड्डी की अध्यक्षता वाली एक सरकारी समिति की सिफारिश पर किया गया था.

ये भी पढ़ेंः  UP: बाराबंकी में डबल डेकर बस में ट्रेलर ने मारी टक्कर, 18 की मौत, दर्जनों की हालत नाजुक

 54 नए संस्थानों को मंजूरी दी है
गौरतलब है कि एकेडमिक ईयर 2021-22 के लिए AICTE ने 54 नए संस्थानों को मंजूरी दी है. इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक अध्यक्ष अनिल सहस्रबुद्धे ने बताया कि ये अप्रूवल पिछड़े जिलों में इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित करने के लिए हैं और इनके लिए रिक्वेस्ट पहले से ही पाइपलाइन में थी साथ ही राज्य सरकारें एक नया संस्थान शुरू करना चाहती थी. गौरतलब है कि सीटों की संख्या में लगातार गिरावट के बावजूद, इंजीनियरिंग अभी भी देश में टेक्निकल एजुकेशन के क्षेत्र (वास्तुकला, प्रबंधन, होटल प्रबंधन और फार्मेसी) में कुल सीटों का 80 प्रतिशत हिस्सा है.

Zee Hindustan News App: देश-दुनिया, बॉलीवुड, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल और गैजेट्स की दुनिया की सभी खबरें अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें ज़ी हिंदुस्तान न्यूज़ ऐप.

ज़्यादा कहानियां

ट्रेंडिंग न्यूज़