5 करोड़ कर्मचारियों के लिए राहत की खबर, ईपीएफओ ने नहीं की ब्याज दर में कटौती

ईपीएफओ ने वित्त वर्ष 2020-21 में जमा राशि पर ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का निर्णय किया है.    

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Mar 4, 2021, 05:08 PM IST
  • ईपीएफओ ने साल 2020-21 के लिए ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है.
  • माना जा रहा था कि कोरोना संकट की वजह से हुई निकासी के कारण दरें कम की जा सकती हैं.
5 करोड़ कर्मचारियों के लिए राहत की खबर, ईपीएफओ ने नहीं की ब्याज दर में कटौती

नई दिल्ली: EPFO ने गुरुवार को देश के पांच करोड़ से अधिक नौकरीपेशा लोगों को राहत की खबर देते हुए साल 2020-21 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि पर दिए जाने वाले ब्याज की दर में बदलाव नहीं करने का फैसला किया है. पिछले वित्त वर्ष की तरह इस बार भी ईपीएफ में जमा धनराशि पर 8.5 प्रतिशत देने का फैसला किया है. 

पीटीआई की खबर के मुताबित कर्मचारी भविष्य निधि संगठन(ईपीएफओ) की शीर्ष निर्णय लेने वाले केंद्रीय न्यासी बोर्ड की गुरुवार को हुई बैठक में फैसला किया है कि साल 2020-21 के लिए ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा.पहले अटकलें लगाई जा रही थीं कि इस वित्त वर्ष(2020-21) के लिए भविष्य निधि जमा पर ब्याज दर 8.5 प्रतिशत से कम किया जा सकता है। 

ब्याज की दरों को कम किए जाने की अटकलें इस वजह से भी लग रही थीं क्योंकि कोरोनो वायरस महामारी के दौरान भविष्य निधि कोष से अधिक मात्रा में धन निकासी किए जाने और सदस्यों द्वारा कम राशि का योगदान किया गया था. लेकिन इस तरह की सभी अटकलें गलत साबित हुई. 

सरकार ने कोरोना संकट के दौरान दी थी बड़ी छूट 
सरकार ने कोरोना संकट के दौरान लोगों को 3 महीने की बेसिक सेलरी के बराबर राशि अपने ईपीएफ से निकालने की छूट दी थी. वहीं कर्मचारियों द्वारा खाते में जमा किए जाने वाले बेसिक सेलरी के 12 प्रतिशत अंशदान को 12 से घटाकर तीन महीने के लिए 10 प्रतिशत कर दिया था. जिससे कि कर्मचारियों के हाथ में आपात स्थिति के दौरान ज्यादा राशि रह सके. इसके अलावा भी केंद्र सरकार ने कम सैलरी वाले कर्मचारियों की ओर से किए जाने वाले अंशदान को अपनी ओर से जमा करने का फैसला किया था. इस कारण भी खाताधारकों द्वारा खाते में जमा की गई और निकाली गई राशि के संतुलन में ज्यादा फर्क नहीं पड़ा. 

अपने सबसे निचले स्तर पर हैं ब्याज दरें
पिछले साल मार्च में, ईपीएफओ ने वर्ष 2019-20 के लिए भविष्य निधि जमाओं पर ब्याज दर को घटाकर सात वर्ष के निचले स्तर यानी 8.5 प्रतिशत कर दिया था जबकि इससे पिछले साल 2018-19 में यह 8.65 प्रतिशत थी। ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि) द्वारा 2019-20 के लिए दी गई 8.5 प्रतिशत की ब्याज दर 2012-13 के बाद से सबसे कम थी।

ईपीएफओ ने वर्ष 2016-17 में अपने ग्राहकों को 8.65 प्रतिशत ब्याज दिया था जबकि 2017-18 में 8.55 प्रतिशत ब्याज दिया था। इससे पहले 2015-16 में ब्याज दर 8.8 प्रतिशत से थोड़ी अधिक थी। इसने 2013-14 के साथ-साथ 2014-15 में 8.75 प्रतिशत ब्याज दिया था, जो 2012-13 के 8.5 प्रतिशत से अधिक था। इससे पहले ईपीएफओ ने 2011-12 में भविष्य निधि पर 8.25 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया था।

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