काबू होने लगी प्याज की कीमत, जानिए क्या है अभी का रेट

देश में प्याज की किल्लत खत्म हो चुकी है. प्याज अब कमोबेश अपने पुराने दाम के आस पास आने लगा है. आने वाले समय में प्याज की कीमतों में और गिरावट देखी जा सकती है. इसकी कई खास वजहें हैं

काबू होने लगी प्याज की कीमत, जानिए क्या है अभी का रेट

नई दिल्ली: देश में पिछले कुछ महीनों से प्याज की बढ़ती कीमतों ने हाहाकार मचा रखा था. लेकिन अब इसकी कीमतें नियंत्रण में आने लगी हैं. प्याज की कीमत अब दिल्ली एनसीआर इलाके में गिरकर 40 से 50 रुपए प्रतिकिलो के आस पास आ गई है. 

बढ़ा प्याज का उत्पादन
इस साल 244.5 लाख टन प्याज का उत्पादन हो सकता है, जोकि पिछले साल 2018-19 के 228.2 लाख टन के मुकाबले 7.17 फीसदी अधिक है. उत्पादन बढ़ने और मंडियों में नई आवक होने के बाद भी प्याज की कीमतों (Onion Price) में कोई खास गिरावट देखने को नहीं मिली है. दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्याज 50 रुपये किलोग्राम के भाव पर बिक रहा है. लेकिन आने वाले समय में प्याज के दामों में खासी गिरावट होने की बात कही जा रही है. 

प्याज ने किसानों को किया आकर्षित
प्याज की महंगाई देख उत्साहित किसानों ने रबी सीजन में प्याज की खेती (Onion Production) में काफी दिलचस्पी दिखाई है, जिसके चलते इस साल उत्पादन 7 फीसदी से ज्यादा बढ़ने की उम्मीद की जा रही है.

कृषि विभाग का कहना है कि प्याज की इस महंगाई ने किसानों का उत्साह बढ़ा दिया और अच्छे दाम मिलने की चाहत में किसानों ने खराब हुई फसल को निकालकर उसमें दोबारा प्याज लगा दिया. रबी सीजन में प्याज की बंपर पैदावार की उम्मीद की जा रही है और किसानों को अच्छे भाव दिलाने के लिए सरकार प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध भी हटाने का विचार कर रही है.

केंद्र सरकार ने प्याज के दाम को काबू में रखने के लिए सितंबर महीने में देश से प्याज निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया. 

इस वजह से बढ़े थे प्याज के दाम
मानसून के आखिरी दौर की बारिश के कारण देश के प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों में खरीफ फसल खराब हो जाने के कारण सितंबर से प्याज के दाम में वृद्धि का सिलसिला आरंभ हुआ और दाम को काबू करने की दिशा में सरकार द्वारा किए गए तमाम उपायों के बावजूद देश के विभिन्न हिस्सों में दिसंबर में प्याज 150 रुपये प्रति किलो तक बिका था.

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी फसल वर्ष 2019-20 के पहले अग्रिम उत्पादन अनुमान के अनुसार, देश में इस साल 244.5 लाख टन प्याज का उत्पादन हो सकता है. 

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आयात किया हुआ प्याज बना मुसीबत
 सरकार ने प्याज की उपलब्धता बढ़ाने के मकसद से एक लाख टन प्याज आयात करने का फैसला लिया और एमएमटीसी ने 40,000 टन आयात के सौदे भी किए, जिसमें से करीब 25,000 टन प्याज आ चुका है, जिसे बेचने के लिए केंद्र सरकार को मशक्कत करनी पड़ रही है, और कई राज्य सरकारों ने आयातित प्याज खरीदने से हाथ खड़े कर दिए हैं.

उधर, घरेलू आवक बढ़ने से प्याज की कीमतों में विगत एक महीने में काफी गिरावट आई है. 

केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध खुदरा कीमत सूची के अनुसार, एक जनवरी को दिल्ली में प्याज 98 रुपये किलो था, जो 27 जनवरी को घटकर 61 रुपये किलो हो गया। इस प्रकार इस महीने प्याज के दाम में दिल्ली में 37 फीसदी की गिरावट आई है.

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