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अगर आप हैं कश्मीर घूमने के लिए बेताब, तो जरुर पढ़िए ये खबर

कश्मीर में हालात सामान्य होने के आसार अब दिखने लगे हैं. बीडीसी चुनाव से पहले बदली हुई घाटी के अंदर स्थिरता बड़ी तेजी से आने लगी है. इसी को देखते हुए भारतीय सैलानियों को बड़ा तोहफा दिया गया है. क्या है और किसने दिया है यह तोहफा, आइए जानते हैं-   

अगर आप हैं कश्मीर घूमने के लिए बेताब, तो जरुर पढ़िए ये खबर
कश्मीर घाटी में सामान्य हो रहे हैं हालात

नई दिल्ली: विजया दशमी के दिन जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने भारतीय पर्यवेक्षकों के लिए घाटी में पर्यटन का आदेश जारी किया. कश्मीर में अनुच्छेद 370 के हटाए जाने के बाद से स्थितियों को सामान्य बनाए रखने के लिए कुछ पाबंदियां लगाईं गई थी, जिन्हें अब धीरे-धीरे सुगम बनाया जा रहा है. 

आतंकी खतरे के डर से रोक दी गई थी यात्रा 

दरअसल, पिछले 2 महीने से कश्मीर में किसी अप्रिय घटना के डर से आवाजाही को बाधित रखा गया था. कश्मीर से विशेषाधिकार को समाप्त कर दो केन्द्र शासित प्रदेश में तब्दील करने से राज्य में शांतिबहाली के हरसंभव प्रयास किए गए. यहीं कारण है कि केऩ्द्र सरकार किसी भी हिंसक घटना के अंजाम से बची रही. इससे पहले अमरनाथ यात्रा पर गए सैलानियों को भी आतंकी खतरे के डर से जल्द ही बुला लिया गया था.

हालात पर नियंत्रण को सिक्यूरिटी एडवाइजरी का गठन

हालात पर नियंत्रण के लिए केन्द्र सरकार ने राज्यपाल मलिक की देखरेख में सिक्यूरिटी एडवाइजरी का गठन किया था, जो घाटी में किसी भी हिंसक घटना को घटित होने से रोके. बहुत हद तक यह प्रयास सफल भी रहा. अखनूर, पूंच, के इलाके में हल्की-फुल्की मुठभेड़ के अलावे कहीं से भी हिंसक घटनाओं की जानकारी नहीं मिली.  

घटाई जा रही सैन्यबलों की संख्या

लद्दाख में हालात पहले से ही सामान्य हैं. सैन्य बलों की तैनाती भी धीरे-धीरे कम कर दी गई है. 10 अक्तूबर तक सिक्यूरिटी एडवाइजरी की संख्या को भी कम कर दी जाएगी. 2 अक्टूबर को ही कई क्षेत्रों से ही इऩ्हें वापस बुलाया जाने लगा है. राज्यपाल मलिक ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि घाटी में 10 अक्टूबर से पर्यटन के लिए सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी. इसके साथ ही कश्मीर में आम जन-जीवन के जल्द सामान्य होने की संभावना है.