अपनी जिंदगी के खूबसूरत पल मोबाइल में गंवा रहे हैं भारतीय

सायबर मीडिया रिसर्च यानी CMR  बेहद दिलचस्प रिसर्च की है. जिसमें ये पता चला है कि हम भारतीय प्रतिवर्ष अपनी जिंदगी के 1800 कीमती घंटे मोबाइल की भेंट चढ़ा रहे हैं.   

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Dec 25, 2019, 07:48 PM IST
    • भारतीयों को मोबाइल की लत
    • साल में 1800 घंटे मोबाइल पर खर्च
    • स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल
अपनी जिंदगी के खूबसूरत पल मोबाइल में गंवा रहे हैं भारतीय

नई दिल्ली: मोबाइल की लत की वजह से आम लोगों की जिंदगी सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है. आम तौर पर हम सभी स्मार्ट फोन का प्रयोग करते हैं. लेकिन हम नहीं जानते कि इसकी वजह से कई तरह की मानसिक और शारीरिक बीमारियां हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही हैं. 

साल में 1800 घंटे मोबाइल पर खर्च
आज हालत ये हो गई है कि हर भारतीय साल के 1800 घंटे मोबाइल को दे रहा है, ये खुलासा सायबर मीडिया रिसर्च के सर्वे से हुआ है. साइबर मीडिया रिसर्च (सीएमआर) के रिसर्च में तकरीबन आधे से ज्यादा लोगो ने स्वीकार किया है कि उन्हें मोबाइल फ़ोन की इतनी बुरी लत पड़ गई है कि वो इसके बिना रह नहीं सकते हैं. 

सोने से पहले और जागने के बाद फोन है जरुरी
इस सर्वे का ये भी परिणाम सामने आया है कि हर पांच में से चार आदमियों के लिए मोबाइल फोन ही आखरी चीज है, जिसे वह बिस्तर पर जाने से पहले देखता है. यही नहीं सुबह नींद से उठने के बाद सबसे पहले फोन को ही देखा जाता है. 

74 परसेंट लोगों का कहना है उठने के 30 मिनट के अंदर में सबसे पहले मोबाइल फोन को ही देखते हैं. जबकि 73 परसेंट आदमियों का मानना है कि स्मार्टफोन जिस तरीके से बड़ा है उससे उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर असर पड़ा है. 

बढ़ रही हैं शारीरिक परेशानियां
सर्वे की रिपोर्ट से पता चला है कि चार में से एक आदमी को मोबाइल स्मार्ट फोन के ज्यादा इस्तेमाल से शारीरिक परेशानियां हो रही हैं. जिसमें सबसे ज्यादा लोगों को आंखों पर असर पड़ा है. उनकी नजर कमजोर हुई है, आंखों में पानी आ रहा है, सिर में दर्द होता है और अनिद्रा जैसी बीमारियों ने उन्हें घेर रखा है. 

स्मार्टफोन की कमियां जानते हुए भी नहीं रह सकते दूर
खास बात ये है कि मोबाइल स्मार्ट फोन की वजह से होने वाली परेशानियों के बारे में सबको मालूम है. लेकिन कोई भी उससे दूर होना नहीं चाहता. लोगों ने इस बात को भी समझा और माना भी है कि कुछ समय फोन स्विच ऑफ रखने से उनकी हेल्थ को फायदा होता है. 

CMR के सर्वे में 3 में से एक व्यक्ति ने माना है कि वह बिना मोबाइल फोन चेक किए अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों से लगातार 5 मिनट भी बातचीत नहीं कर पाते हैं.  पांच में से तीन लोगों ने यह भी स्वीकार किया है कि मोबाइल फोन से अलग जीवन का होना बेहद जरूरी है.  खुशहाल जिंदगी जीने के लिए मोबाइल का कम इस्तेमाल जरूरी है. लेकिन इसके बावजूद वह लोग अपनी बात पर कायम नहीं रह पाते. 

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