इन 5 फायदों को जानिए ...और समझिए LOCKDOWN क्यों है जरूरी?

पीएम मोदी ने पूरे देश में 21 दिनों के लिए LOCKDOWN की घोषणा कर दी है. लॉकडाउन एक शब्द आज देश के 130 करोड़ लोगों की जुबान पर है. इसमें कोई संदेह नहीं कि जानलेवा कोरोना के खिलाफ लॉकडाउन एक ब्रह्मास्त्र है. लेकिन लॉकडाउन के फायदों की फेहरिस्त यहीं खत्म नहीं होती. आपको ऐसे ही मुख्य 5 फायदों से रूबरू करवाते हैं, जिनसे आप ये समझ पाएंगे कि ये क्यों जरूरी है.

इन 5 फायदों को जानिए ...और समझिए LOCKDOWN क्यों है जरूरी?

नई दिल्ली: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में लॉकडाउन का ऐलान करते हुए हर किसी से घर से बाहर ना निकलने की अपील की है. ये लॉकडाउन 21 दिनों के लिए लागू होगा, जो किसी कर्फ्यू से कम नहीं होगा. ऐसे में आपका ये जानना जरूरी हो जाता है कि लॉकडाउन से कौन-कौन से फायदे हैं.

लॉकडाउन का शुभ लाभ 

कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को सहमा दिया है. हर कोई खौफ के साए में जीने को मजबूर है. भारत में लॉकडाउन के जरिए इससे निपटने की कोशिश की जा रही है. ऐसे में इसके कई ऐसे फायदे हैं जिनकी चर्चा कोरोना के शोर के बीच गुम सी हो गई है. आइए हम आपको बताते हैं कि कोरोना को खत्म करने के अलावा लॉकडाउन आपकी जिंदगी और क्या क्या बेहतर बदलाव लेकर आ रहा है.

1. प्रदूषण में कमी

लॉकडाउन लगाने से सड़क पर गाडियों की संख्या भारी कमी आ जाती है. यानी प्रदूषण में भी भारी गिरावट आ जाती है. 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के दौरान दिल्ली एनसीआर की आबोहवा में ये फर्क साफ महसूस किया गया. दिल्ली दुनिया के सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में शुमार होती है. लेकिन जनता कर्फ्यू के दिन दिल्ली का एयर इंडेक्स 183 पर आ गया.

दिल्ली के लोगों ने तीन साल में इस सीजन की सबसे साफ हवा में सांस ली और सिर्फ दिल्ली ही नहीं, देश के 114 बड़े शहरों में 10 शहरों में एयर क्वॉलिटी अच्छी, 60 में संतोषजनक, 36 में मध्यम रही.

लॉकडाउन के दौरान वाहनों के अलावा कारखानों को भी बंद किया जाता है, इससे प्रदूषण की मात्रा में और भी कमी आती है.

2. ध्वनि प्रदूषण में कमी

मुंबई ने सुनी समंदर की लहरों की आवाज़

मुंबई शहर समंदर के किनारे बसा है. लेकिन इस दौड़ते भागते शहर में जिंदगी की रफ्तार और शोर शराबा इतना ज्यादा है कि समंदर की लहरों की आवाज उसके नीचे कहीं दब सी जाती है. गाड़ियों के हॉर्न से लेकर फैक्ट्रियों के मशीनों का शोर माहौल में छाया रहता है.

लेकिन लॉकडाउन के दौरान ध्वनि प्रदूषण पर विराम लग जाता है और प्रकृति के सुर सुनाई पड़ने लगते हैं. ऐसा ही जनता कर्फ्यू में हुआ, जब इस मायानगरी ने एक लंबे अरसे के बाद समंदर की लहरों की आवाज को सुना.

जाने माने अभिनेता अमिताभ बच्चन ने भी इसे महसूस किया. उन्होंने ट्विटर पर इससे जुड़ा एक वीडियो भी शेयर किया.

3. प्रकृति के करीब आए महानगर

शहरों ने सुनी चिड़ियों की चहचहाहट

शहरों की आपाधापी भरी जिंदगी हमें कुदरत से दूर कर देती है. अगर आप दिल्ली मुंबई जैसे किसी महानगर में रहते हैं तो बहुत कम ऐसे मौके आए होंगे जब आपने चिड़ियों की चहचहाहट सुनी होगी. लेकिन लॉकडाउन ने ये सुनहरा मौका दिया.

जनता कर्फ्यू के दौरान एक ऐसी तस्वीर देखने को मिली, जो अपने आप में अनूठी है. दिल्ली के व्यस्ततम बाजारों में से एक कनॉट प्लेस की सड़कों पर कबूतरों ने डेरा जमा लिया था. एक साथ सैकड़ों कबूतर सड़क पर बैठे हुए थे. जैसे इन परिंदों को किसी बात का डर नहीं.

4. हादसों पर लगा ब्रेक

सड़क हादसों के मामले में भारत का रिकॉर्ड बेहद खराब है. हर साल करीब डेढ़ लाख लोग रोड एक्सिडेंट में मारे जाते हैं. हजारों लोग जख्मी हो जाते है. लॉकडाउन में गाड़ियों के पहिए थम जाते हैं तो जाहिर है कि हादसे भी रुक जाते हैं.

5. समाज में सद्भाव, परिवार में बढ़ता है प्यार

लॉकडाउन में पाबंदियों के बीच लोगों में आपसी भाईचारा और एकजुटता भी बढ़ती है. लोग एक दूसरे की मदद करने के लिए आगे आते हैं. घर में समय बिताने से परिवार के सदस्यों के बीच अपनापन भी बढ़ता है. लॉकडाउन के बीच लोगों को अपनी हॉबीज को वक्त देने का मौका मिलता है और उनकी क्रिएटिविटी भी सामने आती है.

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इसके अलावा लॉकडाउन के दौरान पानी की गुणवत्ता में सुधार देखा गया है. ऐसे ही फायदे को देखकर फिलहाल ऐसे बुरे हालात से लड़ने के लिए लोगों को जागरूक होकर लॉकडाउन को कामयाब बनाना चाहिए. लेकिन, वो शायद इस बात को भूल जाते हैं कि उनकी छोटी सी छोटी लापरवाही उनके लिए बहुत बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है.

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