MP सरकार को चार बांधों से प्रतिवर्ष मिलेगी 210 करोड़

27 नवंबर को कैबिनेट की बैठक होने वाली है. यह बैठक बांधों से रेत निकालने की तैयारी के लिए किया जा रहा है, इससे जल भराव क्षमता की बढ़ने की उम्मीद की जा रही है.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Nov 26, 2019, 07:26 PM IST
    • जल संसाधन विभाग ने तैयार किया 210 करोड़ का प्रस्ताव
    • उपजाऊ रेत का किसानों में मुफ्त वितरण

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 MP सरकार को चार बांधों से प्रतिवर्ष मिलेगी 210 करोड़

भोपाल: जल संसाधन विभाग मध्य प्रदेश के चार बड़े डैम से रेत बेचने की तैयारी कर रही है. विभाग बांधों की ड्रेजिंग से निकलने वाली रेत को बेचेगा जिससे सरकार को काफी मुनाफा कमाए जाने की बात कहीं जा रही है. बता दें कि बुधवार 27 नवंबर को जल संसाधन विभाग के साथ कैबिनेट सरकार की बैठक की जानी है, इस बैठक में बांधों से जुड़े प्रमुख फैसलों पर निर्णय लिया जाएगा.

मध्य प्रदेश के 4 बड़े डैम शामिल
सरकार प्रदेश में पहली बार चार बड़े बांधों की रेत बेचने जा रही है जिसमें रानी अवंतिबाई सागर डैम(बरगी), तवा डैम, इंदिरा डैम, बाण सागर डैम शामिल है. इन डैमों की ड्रेजिंग से रेत निकालने की कवायद है.  अवंतिबाई डैम की जल क्षमता 3920 मिलियन घन मीटर है वहीं गाद की क्षमता 300 मिलियन घन मीटर बताई जा रही है. तवा की जल क्षमता 2310 व गाद 250, इंदिरा डैम की जल क्षमता 12220 व गाद 550 और बाण सागर की जल क्षमता 6140 व गाद 180 मिलियन घन मीटर बताया जा रहा है. 

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जल संसाधन विभाग ने तैयार किया 210 करोड़ का प्रस्ताव
चार बांधो से 15 साल में 1280 मिलियन घन मीटर गाद निकलने का अनुमान है. इसमें औसतन 25% रेत होने का अनुमान है, जो 320 मिलियन घनमीटर होगी. पूरी प्रक्रिया से प्रतिवर्ष 20 मिलियन घन मीटर रेत निकलेगी. जिसे बेचकर सरकार को प्रति वर्ष करीब 210 करोड़ रुपये की कमाई होगी.

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उपजाऊ रेत का किसानों में मुफ्त वितरण
बांध से रेत की ड्रेजिंग की प्रक्रिया से औसतन 25% रेत निकाले जाने का अनुमान है. जो 320 मिलियन घनमीटर है जिससे प्रतिवर्ष 20 मिलियन घन मीटर रेत निकाली जाएगी. रेत निकालने के क्रम में जो गाद बच जाएगी उसे आसपास के जिलो में किसानों को मुफ्त में बाटा जाएगा क्योंकि यह गाद खेती की भूमि को उपजाऊ बनाती है. 

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