close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

काजू का उत्पादन करेंगे अब मध्य प्रदेश के भी किसान

मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए एक नई पहल शुरू की है जिसके तहत अब राज्य के किसान भी काजू की खेती कर सकेंगे. इसके लिए उन जगहों का चुनाव किया जा चुका है जो काजू उत्पादन के लिए उचित है.

काजू का उत्पादन करेंगे अब मध्य प्रदेश के भी किसान

इंदौर: भारत विश्व में काजू के उत्पादन में सबसे बड़ा उत्पादक देश है. साथ ही भारत विश्व के कुल उत्पादन का 20 प्रतिशत काजू का उत्पादन भारत में किया जाता है. काजू उत्पादक देश होने की वजह से भारत में लगभग तीन लाख टन काजू की खपत होती है और इस खपत में हर साल 5 फीसदी की बढ़ोतरी देखी जाती है.

काजू का उत्पादन प्रमुख रूप से भारत के दक्षिणी राज्यों में किया जाता है, जिसमें केरल उत्पादन को लेकर पहले स्थान पर है. इसके बाद क्रमशः आंध्र प्रदेश और ओडिशा दूसरे व तीसरे स्थान पर है. भारत में हर साल काजू 10.27 लाख हेक्टेयर जमीन पर उगाया जाता है, जिसमें करीब 7.25 लाख मेट्रिक टन काजू का उत्पादन होता है. 

मध्य प्रदेश सरकार की नई पहल

लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए सराहनीय कदम उठाया है जिसके तहत किसानों को काजू की खेती करने के लिेए प्रोत्साहित किया जा रहा है. राज्य में सूखा और अतिवृष्टि एक गंभीर समस्या है, जिसके चलते राज्य सरकार ने राज्य के सभी किसानों के 2 लाख तक की कर्ज माफी की. लेकिन मध्य प्रदेश की सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए तरह-तरह के कदम उठा रही है. इसी के तहत केरल की एक टीम को बुलाया गया था कि वह सुनिश्चित कर सके कि काजू की खेती के लिए राज्य का कौन सा हिस्सा सही है.

इस विभाग ने मध्य प्रदेश के कई जगहों का चुनाव किया है जिसमें बैतूल, छिन्दवाड़ा, बालाघाट और सिवनी जिले की जलवायु को काजू की खेती के लिए उपयुक्त पाया गया है. इन जिलों में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना 'रफ्तार' ने काजू क्षेत्र में विस्तार कार्यक्रम को लागू किया है. इन जिलों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और सामान्य वर्ग के किसानों ने कुल 1,430 हेक्टेयर क्षेत्र में काजू के एक लाख 60 हजार पौधों का रोपण किया है. इसके अलावा एक लाख 26 हजार पौधे और उपलब्ध कराए जाएंगे.

राजस्थान ने रचा इतिहास, लिंक पर क्लिक कर पढ़े पूरी खबर.

राज्य में कहां-कहां किया जाएगा काजू का उत्पादन

आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार बैतूल में अब तक 1000, छिंदवाड़ा में 30, बालाघाट और सिवनी में 200-200 किसानों ने अपनी जमीन पर काजू के पेड़ लगाए हैं. औसतन सभी किसानों ने एक-एक हेक्टेयर क्षेत्र में काजू के पौधों का रोपण किया है. प्रति पेड़ के बीच सात मीटर की दूरी पर लगाए गए है जिसमें एक हेक्टेयर क्षेत्र में कूल 200 पेड़ रोपे गए हैं. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार काजू का एक पेड़ औसतन 15 किलो फल का उत्पादन करता है. इस तरह एक हेक्टेयर में 200 पेड़ से कुल 3000 किलो काजू का उत्पादन होता है.

एक हेक्टेयर काजू की खेती से किसान को 18 लाख रुपये प्रति वर्ष की आमदनी की जा सकती है.

लहसुन की खेती से कैसे कमाए मुनाफा, जानने के लिए क्लिक करें लिंक पर.

काजू उत्पादन पर राज्य कृषि मंत्री का बयान

राज्य के कृषि मंत्री सचिन यादव ने कहा कि "सरकार की ओर से किसानों के जीवन में खुशहाली लाने के प्रयास किया जा रहा है, किसानों का दो लाख तक का कर्ज माफ किया जा चुका है, बिजली बिल आधा कर दिया गया है और कृषि यंत्रों पर सब्सिडी 50 प्रतिशत की गई है. इसी तरह किसानों को नगदी फसलों के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. काजू की खेती भी उसी दिशा में बढ़ाया गया एक कदम है."