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अगर नहीं किया इन नियमों का पालन तो Delhi NCR में रहने वालों पर होगी कारवाई

दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण स्तर चरम सीमा पर पहुंच चूका है. इसकी रोकथाम के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आज से नए नियम लागू किए हैं. जिनका पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी. 

अगर नहीं किया इन नियमों का पालन तो Delhi NCR में रहने वालों पर होगी कारवाई

नई दिल्ली: दिल्ली एनसीआर में आज से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू किया जा रहा है. आपको बता दें कि दिल्ली एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए कई ठोस कदम उठाए है. मंगलवार से दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रेस्पॉन्स ऐक्शन प्लान (GRAP) लागू किया जा रहा है. ताकि हवा में जहर घुलने से रोका जा सकें. पिछले साल दिल्ली-एनसीआर की हवा इतनी जहरीली हो गई थी कि सांस लेना दू्भर हो गया था. पर इस बार सरकार  बढ़ते प्रदूषण को देखते हूए पहले ही रोक लगाने को तैयार है. पर्यावरण प्रदूषण निवारक प्राधिकरण ने बताया है कि 15 अक्टूबर से ज्यादा प्रदूषण वाले 19 स्थानों पर खास ध्यान दिया जाएगा. 

ये हैं वो चार नियम जिनका ध्यान रखना बेहद जरुरी है-

1.जनरेटर, बिना जिग जैक तकनीक वाले ईंटे भट्टों, होटल-रेस्टोरेंट में कोयला और लकड़ी के चूल्हों पर रोक 


दिल्ली एनसीआर में जनरेटर, बिना जिग जैक तकनीक वाले ईंटे भट्टों, होटल, रेस्टोरेंट में कोयला और लकड़ी के चूल्हों पर  जल्द ही रोक लगेगी. बढ़ते प्रदूषण व लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे इसके प्रतिकूल प्रभाव के कारण यह फैसला लिया गया है. इसके लिए तहसीलदारों से पुराने जेनरेटर का प्रयोग करके बिजली सप्लाई करने वाले संचालकों, टेंट हाउस, इलेक्ट्रिक डेकोरेटर, दुकानदार व निजी आवास मालिकों से सूची मांगी गयी है. यही नहीं, कोयला भट्टी जलाने वाले चाय-नाश्ता दुकानदारों व कैटरिंग संचालकों को भी सूचित किया गया है.  

2.खुले में नहीं रखेंगे भवन निर्माण सामग्री


भवन निर्माण सामग्री को खुले में रखने, निर्माण के समय धूल रेत उड़ने से रोकने के लिए उपाय नहीं करने वालों पर व कोयला, लकड़ी या प्लास्टिक जलाने वालो उद्यमियों पर भी कारवाई होगी. राजधानी में प्रदूषण का स्तर पिछले कुछ दिनों में सामान्य श्रेणी से खराब श्रेणी में पहुंच गया है और उसी को देखते हुए GRAP ने भवन निर्माण सामग्री को खुले में रखने, निर्माण के समय धूल रेत उड़ने से रोकने के लिए उपाय नहीं करने वालों व कोयला, लकड़ी या प्लास्टिक जलाने वालो उद्यमियों पर कारवाई करने की बात कहीं है. और गर्म मिक्स प्लांट्स को बंद करने, पानी के छिड़काव, सड़कों की लगातार मशीनीकृत सफाई और प्राकृतिक तरीके से बिजली उत्पादन को अधिकतम करने की सिफारिश की गई है.

3.सोमवार के दिन पराली के धुएं से होने वाले प्रदूषण का हिस्सा 8 फीसदी तक रहा


पराली के धुएं का असर भी लगातार बढ़ रहा है. शनिवार को जहां यह केवल दो फीसदी था वहीं सोमवार को आठ फीसदी तक पहुंच गया. ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि दिल्ली-एनसीआर का प्रदूषण खतरनाक स्तर पर जा सकता है. सीपीसीबी द्वारा जारी एयर बुलेटिन के अनुसार, सोमवार को लोधी रोड इलाके में एयर क्वालिटी  इंडेक्स के तहत पीएम-2.5 का स्तर 223 तो पीएम-10 का स्तर 217 है, जिसे खराब की श्रेणी में माना जाता है. पंजाब, हरियाणा के साथ-साथ पाकिस्तान के सीमावर्ती हिस्से में भी पराली जलाने की घटनाओं में वृद्धि हुई है. जिसके चलते हवा में प्रदूषक कणों की मात्रा में भी तेजी देखी गई.

4. रविवार को 270 और सोमवार को 252 लेबल का प्रदूषण 


करीब तीन माह से बेहतर स्थिति में चल रही दिल्ली एनसीआर की हवा खराब हो चुकी है. धुंध से दिल्लीवासियों को सांस लेने में परेशानी महसूस हो रही है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की मानें तो अगले 24 घंटे में प्रदूषण का स्तर ओर अधिक बढ़ सकता है. लेकिन यह एक अच्छी खबर है कि प्रदूषण का स्तर थोड़ा कम हुआ. पर हवा की गति सिर्फ आठ किलोमीटर प्रति घंटे की दर्ज की गई है. जिसकी वजह से प्रदूषक तत्व जम रहे हैं.