प्याज की कीमतों पर मचा हाहाकार, क्या सो रही है केंद्र सरकार?

प्याज की कीमत कुछ इस कदर उछाल मार रही है, सोने की कीमतों में इजाफा होता है. देश के गरीब प्याज खाने तो दूर देखने के लिए भी तरसने लगे हैं. लेकिन केंद्र सरकार के मंत्रीजी ने तो अपने हाथ खड़े कर दिये हैं.

प्याज की कीमतों पर मचा हाहाकार, क्या सो रही है केंद्र सरकार?

नई दिल्ली: एक वक्त था देश का गरीब प्याज रोटी खाकर पेट भर लिया करता था. लेकिन उसकी थाली से आज प्याज गायब हो गई है. और गरीब ही क्यों आज अच्छी कमाई वाले लोगों के लिए भी प्याज अफोर्ड कर पाना मुश्किल हो गया है. आलम ये है कि रेस्त्रां में खाने के साथ मिलने वाले सलाद से प्याज गायब हो गई है.

आसमान छू रही प्याज की कीमत

पूरे देश में प्याज के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं. ज्यादातर शहरों में प्याज 80 से 100 रूपये किलो बिक रही है. लोगों को राहत पहुंचाने की जगह सरकार ने भी प्याज की कीमतों को काबू करने से हाथ खड़े कर दिए.

केंद्रीय नागरिक आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान ने सरेंडर करते हुए ये कह दिया कि 'वो हमारे हाथ में नहीं है, सरकार का जो मैक्सिमम प्रयास है. अब प्रकृति के आगे किसका चलता है? हमलोग सोच रहे थे कि प्याज की बुआई में एक महीना देर हुआ और एक महीना के बाद ठीक हो जाएगा. फसल होने को हुआ तो पानी गिर गया.'

सरकार दलील दे रही है कि 56,000 मीट्रिक टन प्याज का बफर स्टॉक था. राज्य सरकारों के प्याज नहीं खरीदने के चलते 50% प्याज सड़ गए. सरकार ने कहा है कि वो 6,500 मीट्रिक टन प्याज मिस्र से आयात कर रही है. 12 दिसंबर तक विदेश से प्याज की पहली खेप पहुंचने की उम्मीद है. प्याज किसानों के और आम लोगों का भी आंसू निकाल रहा है.

दिल्ली में 80 रूपये किलो

दिल्ली की बात करें तो यहां प्याज खुदरा बाज़ार में 80 रु किलो बिक रही है. बेमौसम बारिश से प्याज की फसल खराब  हो गई जिसके चलते दिल्ली में प्याज की आवक भी कम हो गई है...कारोबारियों के मुताबिक 15 दिसंबर तक कीमतों में राहत के आसार नहीं है...अमूमन दिल्ली में हर रोज़ 4-5 हजार टन प्याज आता है लेकिन इन दिनों 1500-2000 टन ही प्याज आ रहा है...

पटना में राहत देने की कोशिश

बिहार की राजधानी पटना में प्याज के आसमान छू रही है. खुदरा मार्केट में 80 से 90 रु किलो प्याज बिक रही है. दामों से राहत देने के लिए सरकार ने मोबाइल वैन सेवा शुरू की है, जो अलग-अलग हिस्सों में जाकर लोगों को सस्ती प्याज बेच रही है. प्याज खरीदने वालों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं, जिसमें महिलाओं की संख्या ज्यादा है. यहां 35 रूपये किलो प्याज बेची जा रही है और हर व्यक्ति को 2 किलो प्याज दी जा रही है.

सूरत में 100 रूपये किलो

डायमंड सिटी सूरत में प्याज का मोह लोग छोड़ नहीं पा रहे हैं. दाम आसमान पर हैं बावजूद उसके लोग प्याज खरीद रहे हैं. लेकिन क्वॉनटिटी कम कर दी है. सूरत में प्याज विक्रेता और खरीदार दोनों परेशान हैं. क्योंकि यहां प्याज की कीमत 100 रूपये प्रति किलो है.

लखनऊ में 80 रूपये किलो

यूपी की राजधानी लखनऊ में भी प्याज आम लोगों को रुला रहा है. बेमौसम बारिश और कम उत्पादन के चलते लखनऊ में भी प्याज की आवक कम है. और दाम 80 रु तक पहुंच गया है.

जयपुर में 70 रूपये किलो

पिंक सिटी जयपुर में भी प्याज आम लोगों की थाली से गायब हो गया है. लोग या तो खपत में कटौती कर रहे हैं या बिना प्याज के खाना खा रहे हैं. दुकानदार मानते हैं कि फिलहाल जो स्थिति है उसमें आने वाले 20 दिन तक कोई राहत नहीं मिलने वाली है. यहां 70 रूपये प्रति किलो प्याज बिक रहा है.

भोपाल में प्याज की कीमत 90 से 10 रूपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है. देहरादून की मंडियों में प्याज के दाम लगातार उछाल मार रहा हैं. यहां प्याज 80 रूपये किलो खरीदा जा रहा है. कोलकाता में प्याज़ की कीमत 100 से 120 रूपए तक पहुंच गई है. लोगों को राहत देने के लिए कुछ संस्थाएं सस्ती प्याज बेच रही हैं जिसके लिए लंबी कतारें लगी हुई हैं.

प्याज का हाल, हर कोई बेहाल

भारत में प्याज़ भले ही महंगा बिक रहा हो मगर आंकड़े कहते हैं कि उत्पादन में हर साल इज़ाफा ही हुआ है. 2014-15 में 2013-14 के मुकाबले जरूर कुछ कम हुआ है, मगर इससे पहले के सालों में उत्पादन लगातार बढ़ा है. 2008-09 में प्याज का उत्पादन करीब 136 लाख टन था. जो 2014 में 189 लाख टन हो गया.

इससे पता चलता है कि देश में प्याज की खेती और उत्पादन दोनों ही बढ़ते रहे हैं. और प्याज की कीमतें भी हर साल बढ़ती हैं. चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा प्याज उत्पादन करने वाला देश है और दुनिया के कुल प्याज उत्पादन में इसका हिस्सा 19 फीसदी है.

एग्री एक्सपर्ट्स मानते हैं कि प्याज की समस्या का एक बड़ा कारण है स्टोरेज की कमी एक अनुमान के मुताबिक देश में 15-20 लाख टन प्याज स्टोरेज क्षमता की जरूरत है. जिसे पूरा करना बेहद जरूरी है.