प्रयागराज में ऐतिहासिक माघ मेले की तैयारियां जोरों पर

गंगा और यमुना के संगम पर बसे प्रयागराज के लिए माघ का महीना बेहद खास होता है. क्योंकि इसी महीने में ऐतिहासिक माघ मेले का आयोजन होता है. जिसकी तैयारियां जोरों पर हैं. 

प्रयागराज में ऐतिहासिक माघ मेले की तैयारियां जोरों पर
प्रयागराज में माघ मेले के लिए प्रशासन ने कसी कमर

प्रयागराज: संगम की धरती पर जनवरी 2020 में लगने वाले माघ मेले की तैयारियां जोरों शोरों पर चल रही है.  आज जिला प्रशासन ने संगम तट पर पूजा अर्चना व गंगा आरती कर मेले की औपचारिक तौर पर शुरुआत कर दी है.  जिला व मेला प्रशासन के पूजन अर्चन के बाद माघ मेले की तैयारियां ज़ोर पकड़ चुकी हैं. 

मां गंगा के आशीर्वाद के साथ शुरु हुई तैयारी
मेले से संबंधित सभी अधिकारियों ने संगम तट पर मां गंगा की पूजा अर्चना के साथ आरती कर मेले के सकुशल संपन्न कराने की कामना करते हुए माँ गंगा से आशीर्वाद लिया.  इस दौरान जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने कहा की सनातन परम्परा के अनुसार किसी भी शुभ कार्य के लिए उसकी विधि विधान से पूजा की जाती है. उसी क्रम में संगम तट पर माँ गंगा का पूजन कर मेले के सकुशल सम्पन्न कराने की कामना की गई है. 

युद्धस्तर पर शुरु है तैयारी
मेले की सभी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं सभी विभाग अपने स्तर पर अपने कार्यों में जुटे हुए हैं.  पाल्टुन पुल हो या बिजली विभाग या फिर अन्य, सभी विभाग अपने कार्यों को अंजाम देने पर जुट गए हैं. माघ मेले में जिन संस्थाओं को कार्य दिए गए हैं, वह सभी अपने कार्यों में युद्ध स्तर पर जुटे हुए हैं, सभी कार्यों को समय पर पूरा कर लिया जाएगा.  

कुंभ मेले के दौरान प्रयागराज के शाही स्नान की एक झलक

माघ मेले को कहा जाता है मिनी कुंभ
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 2019 के दिव्य और भव्य कुंभ के सफल आयोजन के बाद जनवरी 2020 में लगने वाले माघ मेले को मिनी कुंभ का दर्जा दिया है.  जिसके लिए भारी-भरकम बजट भी सरकार की तरफ से मेला प्रशासन को उपलब्ध कराया गया है.  हालांकि शुरुआती दौर में मेले की तैयारियां बाढ़ की वजह से जरूर प्रभावित हुई हैं, लेकिन प्रशासन को विश्वास है कि सारे कार्य समय पर पूरे करा लिए जाएंगे. 

ये हैं स्नान की पवित्र तिथियां
प्रयागराज में माघ मेला 14 जनवरी 2020 से शुरु होगा पर उसकी तैयारियों को लेकर औपचारिक शुरुआत अभी से ही शुरु हो चुकी है. माघ मेला 2020 के स्नान पर्व पौष पूर्णिमा 10 जनवरी, मकर संक्रांति 15 जनवरी, मौनी अमावस्या 24 जनवरी, बसंत पंचमी 30 जनवरी, माघी पूर्णिमा 9 फरवरी, महाशिवरात्रि 21 फरवरी को होगा. जिसमे देश औऱ दुनिया भर के लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने के लिए संगम नगरी प्रयागराज आयेंगे. 

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माघ मेला है संस्कृतियों का समागम 
माघ मेले के दौरान धार्मिक गतिविधियों के अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा पारंपरिक हस्त शिल्प, भोजन और दैनिक उपयोग की पारंपरिक वस्तुओं की बिक्री भी होती है. प्रयाग का माघ मेला प्रत्येक वर्ष माघ माह में जब सूर्य मकर राशि में होता है, तब आयोजित होता है. इस दौरान सनातन धर्म के सभी विचारों, मत-मतांतरों के साधु-संतों सहित सभी आमजन आदि लोग त्रिवेणी में स्नान करके पुण्य के भागीदार बनते हैं. पौराणिक मान्यताओं के आधार पर कहा जाता है कि प्रयागराज के माघ मेले में आने वालों का स्वागत स्वयं भगवान करते हैं.