राजस्थान सरकार की इन चार नीतियों के सहारे निवेशकों की पहली पसंद बनेगा प्रदेश

राजस्थान सरकार के एक साल पूरे हो चुके हैं. इस मौके पर सरकार कुछ ऐसी नीतियां लाने जा रही है जिससे कि प्रदेश में व्यवसाय करना आसान हो जाएगा. नीति विशेषज्ञों का तो यह मानना है कि इन नीतियों के लागू होने के बाद निवेशकों को किसी और जगह पर निवेश करना यहां की अपेक्षा ज्यादा महंगा लगने लगेगा.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Dec 18, 2019, 03:20 PM IST
    • ये हैं वो चार नीतियां जो ले जाएंगी राजस्थान को आगे
    • प्रदेश में निवेश करना फायदे का सौदा होगा निवेशकों के लिए
    • प्रदेश में रिफाइनरी से सृजित होंगी नई संभावनाएं
राजस्थान सरकार की इन चार नीतियों के सहारे निवेशकों की पहली पसंद बनेगा प्रदेश

जयपुर: राजस्थान सरकार एक साल में फैसले अनेक की थीम पर वर्षगांठ मना रही है. गहलोत सरकार अब कुछ बड़े फैसले नीतिगत आधार पर ले रही हैँ इससे निवेश बढ़ने की पूरी संभावना है. इसके तहत राजस्थान सरकार नई औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन योजना, सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा नीति जारी करने जा रही है. नई नीतियों से प्रदेश में व्यवसाय सरल होगा. छूट के प्रावधान भी इतने होंगे कि निवेशक को राजस्थान के अलावा कहीं ओर निवेश करना महंगा लगेगा.

ये हैं वो चार नीतियां जो ले जाएंगी राजस्थान को आगे

अर्थव्यवस्था की मंद चाल के बावजूद प्रदेश सरकार इस बात को लेकर आश्वस्त है कि नया निवेश मरुधरा यानी राजस्थान में आएगा. इसके लिए एक साथ चार बड़े फैसले धरातल पर उतरने जा रहे हैं. घरेलू और विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार चार योजनाओं को एक मंच से एक साथ लागू कर रही है.

राजस्थान औद्योगिक विकास नीति-2019, राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना-2019, सौर ऊर्जा नीति-2019 और पवन ऊर्जा नीति 2019 शामिल है. इसका मकसद आने वाले वर्षों में प्रदेश में एक लाख करोड़ रुपए का निवेश और बीस लाख लोगों को रोजगार सुविधा मुहैया करवाना है.

प्रदेश में निवेश करना फायदे का सौदा होगा निवेशकों के लिए

इसके साथ ही MSME, उद्योग रत्न और एक्सपोर्ट अवॉर्ड भी दिए जाएंगे जिससे की उद्यमिता को प्रोत्साहन भी मिलेगा. यह अवसर था राजस्थान सरकार के एक वर्ष पूरे करने पर आयोजित समारोह श्रृंखला का. उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा का कहना है कि कांग्रेस के जनघोषणा पत्र के वादे हकीकत बनकर उतर रहे है.

प्रदेश में निवेश की संभावनाओं को नीतिगत आधार पर सरकार भुनाने की कोशिश कर रही है. यहां निवेश करना उद्यमी के लिए घाटे का सौदा नहीं होगा, बल्कि उसे इसका लाभ ही मिलेगा.

प्रदेश में रिफाइनरी से सृजित होंगी नई संभावनाएं

गहलोत सरकार इस कार्यकाल में नए निवेश एमओयू करने से पहले नीतिगत मजबूती पर ध्यान दे रही है. चीन, कोरिया, जापान, फ्रांस, ब्रिटेन सहित कई देश के बड़े ओद्योगिक घरानों के प्रस्ताव भी नई नीतियों के सहारे तेज गति से दौड़ेंगे इसकी उम्मीद जताई जा रही है.

प्रदेश में रिफाइनरी भी नई संभावनाओं का सृजन करेगी. प्रदेश के उद्यमियों का कहना हैं कि सरकार अपना यह सपोर्टिंव नजरिया आगे भी जारी रखे, ताकि नए निवेश के साथ बेहतर रिटर्न के समय भी सहयोग बना रहे. नीतियां जारी हो रही है इसके बाद के परिणाम प्रदेश की औद्योगिक दशा और दिशा भी तय की जाएगी.

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