आर्थिक सुस्ती दूर करने के लिये RBI ने कसी कमर, जानिये 10 बड़ी बातें

कोरोना संक्रमण की वजह से निर्दोष लोगों की जानें तो जा ही रही है साथ ही वैश्विक अर्थव्यवस्था भी चौपट हो रही है. दुनिया के कई देशों में हाहाकार मचा रहा कोरोना वायरस आर्थिक वृद्धि दर भी सुस्त कर रहा है क्योंकि ज्यादातर देशों में कारोबार बंद पड़ा है.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Apr 17, 2020, 12:10 PM IST
    • कॉरपोरेट घरानों को हर सम्भव मदद करेगी केंद्र सरकार
    • आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने आर्थिक सुस्ती की जताई आशंका
    • मानसून सामान्य रहने की उम्मीद
आर्थिक सुस्ती दूर करने के लिये RBI ने कसी कमर, जानिये 10 बड़ी बातें

नई दिल्ली: भारत में जारी लॉकडाउन से कारोबार बंद पड़ा है. इससे रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया भी चिंतित है. आज प्रेस कांफ्रेंस में RBI गवर्नर शक्तिकांत दास के द्वारा किये गये ऐलानों से उनकी चिंता समझी जा सकती है. उन्होंने आर्थिक सुस्ती को दूर करके वृद्धि दर बढ़ाने वाले कई कदम उठाए. आपको बताते हैं कि उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस में कौन सी बड़ी बातें कहीं.

1- आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने रिवर्स रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है. मौजूदा समय में रिवर्स रेपो रेट 4 से घटकर 3.75 प्रतिशत किया गया. एक महीने में रिवर्स रेपो रेट में दूसरी बार कटौती की गई है.

2- उन्होंने बताया कि लोगों को कैश की समस्या न हो इसके लिए देश के 91 प्रतिशत एटीएम ऑपरेशनल हैं, कैश की कमी नहीं होने दी जाएगी. आरबीआई की ओर से 1 लाख 30 हजार करोड़ रुपए की करेंसी भेजी गई है.

3- शक्तिकांत दास ने कहा कि कोरोना महामारी के प्रकोप के दौरान सामान्य कामकाज सुनिश्चित करने के लिए बैंकों, वित्तीय संस्थानों ने विशेष तैयारी की हैं

4- रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर ने IMF के अनुमानों का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में 2021-22 में तेजी से सुधार की उम्मीद है. आरबीआई गवर्नर ने कहा कि फरवरी के आईआईपी आंकड़ों में कोविड-19 के प्रभाव समाहित नहीं है.  

5- RBI ने बताया कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार का स्तर 476.05 अरब डॉलर है. रिजर्व बैंक ने सिस्टम में तरलता बढ़ाने के लिए नॉन-बैंकिंग सेक्टर के लिए 50 हजार करोड़ रुपए की सहायता की घोषणा की है.

अर्थव्यवस्था में गिरावट के बीच RBI ने बैंकों को दी राहत, ग्रोथ रेट में होगी गिरावट.

6- शक्तिकांत दास ने घोषणा की है कि नाबार्ड को 25, सिडबी को 15 और नेशनल हाउसिंग बैंक को 10 हजार करोड़ रुपए की मदद दी जाएगी.

7- उन्होंने जानकारी दी है कि ग्लोबल जीडीपी पर 9 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान होगा, यह जापान और जर्मनी की जीडीपी के बराबर है. भारत कुछ उन देशों में शामिल है जिनमें 1.9 पर्सेंट की सकारात्मक वृद्धि होगी. यह सबसे तेज ग्रोथ मानी जा रही है.

8- आरबीआई गवर्नर ने बताया कि पिछले सीजन के मुकाबले खरीफ फलस में 30 फीसदी की तेजी आई है. मौसम विभाग ने कहा है कि 2020 में मॉनसून सामान्य रहेगा. रूरल डिमांड के लिए अच्छे संकेत हैं. ट्रैक्टर खरीद में तेजी आई है.

9- शक्तिकांत दास ने बताया कि आईआईपी के मुताबिक औद्योगिक उत्पादन 7 महीने के उछाल पर है, लेकिन यह लॉकडाउन के पहले का है. मार्च में ऑटो मोबाइल उत्पादन और बिक्री में तेज गिरावट आई है साथ ही सप्लाई में बाधाए हैं और निर्यात में कमी भी आई है.

10- RBI गवर्नर ने पूरे कारोबार जगत को आश्वस्त किया है कि उन किसी भी प्रकार का संकट नहीं आने दिया जायेगा. सरकार और वित्त मंत्रालय कॉरपोरेट घरानों को हर सम्भव मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है.

आपको बता दें कि 3 मई तक चलने वाले लॉकडाउन में आर्थिक वृद्धि दर में भारी गिरावट की आशंका जताई जा रही है. माना जा रहा है कि सकल घरेलू उत्पाद में भी भारी धीमापन आएगा. इससे रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया भी काफी चिंतित हैं.

 

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