Article 370 हटने के बाद कश्मीर में मंदिरों के दिन सुधरने लगे

जम्मू कश्मीर में धारा 370 हटाए जाने का असर हिंदू मंदिरों पर दिखाई देने लगा है. वहां के प्रसिद्ध रघुनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार का काम शुरु हो गया है. जिसके बाद दूसरे भी धार्मिक स्थलों की हालत सुधरने की उम्मीद जगी है. 

Article 370 हटने के बाद कश्मीर में मंदिरों के दिन सुधरने लगे

श्रीनगर: 1990 के दशक में कश्मीर (Kashmir) में इस्लामी कट्टरपंथियों (Islamic terrorist) का खौफ फैलने के बाद कश्मीरी पंडितों (kashmiri pandit) को घाटी छोड़नी पड़ी थी. जिसके बाद वहां मौजूद हिंदू मंदिर (Hindu temple) उपेक्षा का शिकार हो गए थे. उसके बाद वहां की सरकारों ने मंदिरों के जीर्णोद्धार पर कोई ध्यान नहीं दिया. इसके कारण मंदिर खंडहर बनते जा रहे थे. लेकिन अब स्थिति में सुधार आने लगा है. 

रघुनाथ मंदिर की मरम्मत शुरु

जम्मू-कश्मीर (Jammu & Kashmir) के श्रीनगर में झेलम नदी के तट पर बने सदियों पुराने रघुनाथ मंदिर (Raghunath Temple) में जीर्णोद्धार का कार्य शुरू होगा है. यह मंदिर कश्मीरी पंडितों के पलायन के बाद पिछले 30 वर्षों से आतंकवाद के खतरे के चलते खंडहर बना हुआ था. लेकिन अब पर्यटन विभाग ने इसकी ऐतिहासिक छवि को बहाल करने के लिए मंदिर की मरम्मत का कार्य शुरू कराया है. 

तीन सदी पुराना है मंदिर

रघुनाथ मंदिर करीब 300 वर्ष पूर्व बना था. इसके बाद वर्ष 1860 में डोगरा महाराजा रणबीर सिंह ने मंदिर में जीर्णोद्धार का कार्य कराते हुए एक भव्य मंदिर के रूप में स्थापित किया था. लेकिन 1990 की शुरुआत के साथ ही घाटी में आतंवाद की भी शुरुआत हो गई. जिस कारण सालों से वहां रह रहे पंडितों को कश्मीर से पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ा था. तभी से ये मंदिर भी वीराना हो गया था. 

मंदिर में आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई थी, जिस कारण मंदिर काफी हद तक क्षतिग्रस्त हो गया. लेकिन अब सरकार मंदिर को वापस एक भव्य रूप देकर इसे वापस शुरू करना चाहती है.

मंदिर में लगाई गई थी आग

प्रसिद्ध रघुनाथ मंदिर में मुस्लिम कट्टरपंथियों की भीड़ ने आग लगा दी थी और मूर्तियां नदी में फेंक दी गई थीं. इस मंदिर पर तीन बार 24 फरवरी 1990, 13 अप्रैल 1991 और फिर 8 मई 1992 को हमला किया गया. यज्ञशाला बर्बाद कर दी गई. लाइब्रेरी फूंक दी गई और मंदिर की जमीन पर अतिक्रमण कर लिया गया. लेकिन अब मंदिर का पुराना गौरव वापस लौटाने की तैयारी कर ली गई है. 

43 लाख का खर्च

अधिकारियों के अनुसार, मंदिर के रेनोवेशन कार्य में करीब 43 लाख से अधिक रुपये लगेंगे और अगले कुछ महीनों के भीतर ही ये काम पूरा हो जाएगा. जिसके बाद श्रद्धालुओं के लिए मंदिर को पहले की तरफ खोल दिया जाएगा.

स्मार्ट सिटी योजना के तहत पुराने धर्म स्थलों को फिर से आबाद करने की मुहिम के तहत ये कार्य शुरू किया गया है. इस वक्त श्रीनगर में रेनोवेशन के ऐसे तीन प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जिसमें रघुनाथ मंदिर, डालगेट में चर्च और श्रीनगर के डाउनटाउन शहर क्षेत्र में एक मस्जिद शमिल है. अधिकारियों के अनुसार, मंदिर या चर्च को उसी तरह पुन: निर्मित किया जाएगा जैसा वे पहले हुआ करते थे.