• देश में कोविड-19 से सक्रिय मरीजों की संख्या 97,581 पहुंची, जबकि संक्रमण के कुल मामले 1,98,706: स्त्रोत-PIB
  • कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की संख्या- 95,527 जबकि अबतक 5,598 मरीजों की मौत: स्त्रोत-PIB
  • पीएम ने एमएसएमई को सशक्त बनाने के लिए चैंपियन नामक प्रौद्योगिकी मंच लॉन्च किया
  • कोविड-19 के बीच सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने घरेलू यात्रियों के लिए दिशानिर्देश जारी किए
  • कैबिनेट ने कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए अल्पावधि ऋण को चुकाए जाने की समय सीमा बढ़ाने को मंजूरी दी
  • कैबिनेट ने संकटग्रस्त MSME के लिए 20,000 करोड़ रुपये के प्रावधान को मंजूरी दी, इससे संकट में फंसे 2 लाख एमएसएमई को मदद मिलेगी
  • कैबिनेट ने एमएसएमई ने परिभाषा के संशोधन को मंजूरी दी, मध्यम उद्यमों के लिए टर्नओवर की सीमा को संशोधित कर 250 करोड़ किया गया
  • ECLGS/MSME से संबंधित प्रश्नों और अन्य उपायों के लिए DFS ने ट्विटर हैंडल @DFSforMSMEs का शुभारंभ किया
  • वन नेशन वन कार्ड योजना में 3 और राज्य शामिल किए गए: खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री
  • डीआरडीओ ने पीपीई और अन्य सामग्रियों के कीटाणुशोधन के लिए अल्ट्रा स्वच्छ विकसित किया

SBI ने ग्राहकों को फिर दी नई राहत, जानिए कैसे घटेगी EMI

एमसीएलआर में 0.35 प्रतिशत की हुई कटौती के बाद एक महीने के लिए एमसीएलआर घटकर 7.10 प्रतिशत हो गया जो पहले 7.45 प्रतिशत थी. इसी तरह तीन महीने के लिए एमसीएलआर की दर अब घटकर 7.15 प्रतिशत हो गई है जो पहले 7.50 प्रतिशत थी.

SBI ने ग्राहकों को फिर दी नई राहत, जानिए कैसे घटेगी EMI

नई दिल्लीः  कोरोना संकट के बीच भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने एक बार फिर ग्राहकों को बड़ी राहत दी है. एसबीआई ने सीमांत लागत के आधार पर कर्ज यानी MCLR में 0.35 प्रतिशत की कटौती कर दी है. नई दरें 10 अप्रैल से लागू होंगी. इससे अब होम लोन, ऑटो लोन और दूसरा कर्ज लेना सस्ता होगा और ईएमआई (EMI) में भी राहत मिलेगी.

इससे पहले बैंक ने पिछले महीने ही बैंक ने बाहरी मानक दर (EBR) से जुड़ी कर्ज दर और रेपो दर से जुड़े कर्ज लेने वालों के लिये दर में 0.75 प्रतिशत की कटौती कर दी थी. नई एमसीएलआर दरों के लागू होने के बाद इस आधार पर 30 साल के लिए लिए गए 1 लाख रुपये के होम लोन पर मासिक किस्त में 24 रुपये की कमी आएगी.

इतनी घटी एमसीएलआर (सीमांत) की दर
एमसीएलआर में 0.35 प्रतिशत की हुई कटौती के बाद एक महीने के लिए एमसीएलआर घटकर 7.10 प्रतिशत हो गया जो पहले 7.45 प्रतिशत थी. इसी तरह तीन महीने के लिए एमसीएलआर की दर अब घटकर 7.15 प्रतिशत हो गई है जो पहले 7.50 प्रतिशत थी.

साथ ही छह महीने के लिए नई एमसीएलआर दर 7.35 प्रतिशत और एक साल के लिए नई एमसीएलआर घटकर 7.40 प्रतिशत हो गई है. दो साल के लिए नई एमसीएलआर दर घटकर 7.60 प्रतिशत और तीन साल के लिए 7.7 प्रतिशत हो गई है.

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SBI ने पहले ही घटा दी है बाहरी मानक दर
एसबीआई का बाहरी मानक दर (EBR) 7.80 प्रतिशत से घटकर 7.05 प्रतिशत सालाना हो गई है. इसी तरह, रेपो से जुड़ी उधारी दर (RLLR) की दर भी 7.40 प्रतिशत से घटकर 6.65 प्रतिशत सालाना हो गई है. नई दरें 1 अप्रैल 2020 से लागू हो गई हैं.

पिछले महीने ही भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति की समीक्षा में नीतिगत दर यानी रेपो रेट में 0.75 प्रतिशत की एक बड़ी कटौती की घोषणा की थी. इसके बाद आरबीआई ने बैंकों से इस कटौती का फायदा ग्राहकों तक पहुंचाने की बात कही है. इसमें सबसे अग्रणी भूमिका एसबीआई ने निभाई और तुरंत ब्याज घटाया. इसके बाद दूसरे कई बैंकों ने भी ब्याज दरों में कटौती की. 

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