• देश में कोविड-19 से सक्रिय मरीजों की संख्या 97,581 पहुंची, जबकि संक्रमण के कुल मामले 1,98,706: स्त्रोत-PIB
  • कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की संख्या- 95,527 जबकि अबतक 5,598 मरीजों की मौत: स्त्रोत-PIB
  • पीएम ने एमएसएमई को सशक्त बनाने के लिए चैंपियन नामक प्रौद्योगिकी मंच लॉन्च किया
  • कोविड-19 के बीच सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने घरेलू यात्रियों के लिए दिशानिर्देश जारी किए
  • कैबिनेट ने कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए अल्पावधि ऋण को चुकाए जाने की समय सीमा बढ़ाने को मंजूरी दी
  • कैबिनेट ने संकटग्रस्त MSME के लिए 20,000 करोड़ रुपये के प्रावधान को मंजूरी दी, इससे संकट में फंसे 2 लाख एमएसएमई को मदद मिलेगी
  • कैबिनेट ने एमएसएमई ने परिभाषा के संशोधन को मंजूरी दी, मध्यम उद्यमों के लिए टर्नओवर की सीमा को संशोधित कर 250 करोड़ किया गया
  • ECLGS/MSME से संबंधित प्रश्नों और अन्य उपायों के लिए DFS ने ट्विटर हैंडल @DFSforMSMEs का शुभारंभ किया
  • वन नेशन वन कार्ड योजना में 3 और राज्य शामिल किए गए: खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री
  • डीआरडीओ ने पीपीई और अन्य सामग्रियों के कीटाणुशोधन के लिए अल्ट्रा स्वच्छ विकसित किया

गंगा के बाद यमुना का पानी हुआ साफ

कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में लॉकडाउन लगाया जा चुका है. लेकिन इस लॉकडाउन का प्रकृति पर बहुत अच्छा परिणाम देखने को मिल रहा है. जिसे  देख हर कोई आश्चर्यचकित है.

गंगा के बाद यमुना का पानी हुआ साफ

नई दिल्ली: देश में लगे लॉकडाउन के चलते भले कई परेशानियां आ रही है लेकिन इसके कई सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं. लॉकडाउन के चलते जिसपर सबसे ज्यादा सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है वह प्रकृति पर.

5000 के पार हुई कोरोना संक्रमितों की संख्या, फिलहाल नियंत्रण में है स्थिति.

बता दें कि तमाम अभियानों व कोशिशों के बाद भी जहां भारत में नदियों की स्थिति सही नहीं हो पा रही थी. वहीं अब नदियों का पानी साफ हो चला है और पहले से बहुत ही बेहतर स्थिति में नजर आ रही है. देश की पावन नदियों में शामिल गंगा व यमुना नदी में लॉकडाउन का असर साफ तौर पर देखा जा सकता है.

50 फीसदी तक गंगा का पानी हुआ साफ
गंगा नदी की सफाई के लिए कई अभियान व कार्यक्रम चलाए जाते रहे हैं लेकिन जो रिजल्ट लॉकडाउन के दौरान देखने को मिला वह देखकर हर कोई आश्चर्य है. गंगा का पानी करीब 50 प्रतिशत तक साफ नजर आ रहा है. लॉकडाउन की वजह से सभी उद्योग व कंपनियां बंद है जिसके चलते नदियों में उनके अवशेष नहीं बहाए जा रहे हैं. जिसकी वजह से नदियों में बेहतर सुधार देखा जा रहा है.

गंगा के बाद यमुना की स्थिति बेहतर

गंगा के बाद यमुना का पानी भी काफी बेहतर स्थिति में नजर आ रहा है. विशेषज्ञों का ध्यान अब इस ओर है और नदी के खुद के स्तर पर ही साफ हो जाने को लेकर इसे भविष्य के मॉडल के तौर पर देखा जा रहा है. गौरतलब है कि पिछले कई दशकों से केंद्र और राज्य सरकार दिल्ली में यमुना को साफ करने के कई प्रयास कर चुकी है, लेकिन अभी तक कोई खास परिणाम देखने को नहीं मिल रही थी. वहीं नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल ने इस संबंध में सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी से इस संबंध में रिपोर्ट पेश की गई है. ्

इसके अलावा हवा में भी प्रदूषण की कमी देखी जा रही है. प्रकृति में लॉकडाउन के कई बेहतर परिणाम देखने को मिल रहे हैं.