Prime Time Special: 'मोदी डिप्लोमेसी' से चित होगा चीन

दोनों देशों के बीच बातचीत के कई मसले हैं. हालांकि इस अनौपचारिक मुलाकात के लिए बातचीत का कोई एजेंडा पहले से तय नहीं है. फिर भी माना जा रहा है कि हिंदुस्तान और चीन के बीच इस बार एलएसी , व्यापार और आतंकवाद जैसे अहम मुद्दों पर बात होगी. दरअसल भारत और चीन, दोनों देशों के बीच 3,500 किमोलीटर लंबी सीमा है. सीमा विवाद के कारण दोनों देश 1962 में युद्ध के मैदान में भी आमने-सामने खड़े हो चुके हैं, लेकिन अभी भी सीमा पर मौजूद कुछ इलाकों को लेकर विवाद है जो कभी-कभी तनाव की वजह बनता रहता है.

दोनों देशों के बीच बातचीत के कई मसले हैं. हालांकि इस अनौपचारिक मुलाकात के लिए बातचीत का कोई एजेंडा पहले से तय नहीं है. फिर भी माना जा रहा है कि हिंदुस्तान और चीन के बीच इस बार एलएसी , व्यापार और आतंकवाद जैसे अहम मुद्दों पर बात होगी. दरअसल भारत और चीन, दोनों देशों के बीच 3,500 किमोलीटर लंबी सीमा है. सीमा विवाद के कारण दोनों देश 1962 में युद्ध के मैदान में भी आमने-सामने खड़े हो चुके हैं, लेकिन अभी भी सीमा पर मौजूद कुछ इलाकों को लेकर विवाद है जो कभी-कभी तनाव की वजह बनता रहता है.

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