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गृहमंत्री अमित शाह से मिलकर 'दीदी' ने कह दी ये बड़ी बात, जानिए...

ये मुलाकात इसलिए भी खास हो जाती है, क्योंकि ममता दीदी और बीजेपी के बीच की तल्खी किसी से छिपी नहीं है. सियासी मंच पर ममता बनर्जी पानी पी-पीकर गृहमंत्री अमित शाह को कोसा करती हैं. 

गृहमंत्री अमित शाह से मिलकर 'दीदी' ने कह दी ये बड़ी बात, जानिए...
Photo Courtesy: Twitter

राजनीतिक गलियारों में इन दिनों जबरदस्त उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद गुरुवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की. इस मुलाकात के कई सियासी मायने निकाले जा रहे है. दोनों की मुलाकात गृहमंत्रालय में हुई. इस दौरान देश और राज्य से जुड़ी समस्याओं पर खासा चर्चा भी हुई. ममता बनर्जी ने अमित शाह को NRC पर एक ज्ञापन सौंपा. असम में NRC से बाहर हुए 19 लाख लोगों के मुद्दे पर भी ममता बनर्जी ने अमित शाह से चर्चा की.

मुलाकात के बाद क्या बोलीं ममता बनर्जी?

''हमने अमित शाह को NRC पर एक चिट्ठी सौंपी है. असम में लागू किए गए NRC पर बात हुई. असम में 19 लाख लोग जो NRC से बाहर हैं उनमें बहुत बांग्ला, हिंदी और असामीज भाषा बोलने वाले भी हैं जो वहां के वोटर हैं और खुद को भारतीय मानते हैं. इसपर हमने चिट्ठी दी है और इस पर चर्चा करने आए थे.''

ये मुलाकात इसलिए भी खास हो जाती है, क्योंकि ममता दीदी और बीजेपी के बीच की तल्खी किसी से छिपी नहीं है. सियासी मंच पर यही ममता बनर्जी पानी पी-पीकर गृहमंत्री शाह को कोसा करती हैं. 

'दीदी' ने PM मोदी को दुर्गापूजा पर दिया न्योता

इससे पहले ममता बनर्जी बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिलीं थी. दोनों के बीच राज्य और देश के कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई. मुलाकात दिल्ली के पीएम दफ्तर में हुई थी. लोकसभा चुनाव के बाद ममता बनर्जी पहली बार पीएम मोदी से मिलीं. इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी को एक गुलदस्ता भेंट दिया. साथ ही पीएम को बंगाल आने का भी न्योता दिया. पीएम मोदी से मुलाकात के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि पीएम के साथ चर्चा अच्छी रही. उन्होंने पश्चिम बंगाल के लिए केंद्र से 13500 करोड़ रुपये की मांग भी की.   

लोकसभा चुनाव में दिखा था जबरदस्त संग्राम

ये किसी से छिपा नहीं है कि लोकसभा में बंगाल की लड़ाई में खूब तीखे वार और पलटवार हुए. बीजेपी की हवा में ममता हुगली सीट भी नहीं बचा पाई जहां से उन्हें पहचान मिली थी. हुगली लोकसभा सीट से बीजेपी की लॉकेट चटर्जी ने टीएमसी की रत्ना रत्ना डे को हरा दिया. हुगली में ही ममता बनर्जी ने भूमि अधिग्रहण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू किया था. जिसके बाद वो बंगाल से लेफ्ट का किला ध्वस्त करने में सफल हुईं थीं.

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पश्चिम बंगाल में 2014 में जहां ममता को 34 सीटें मिली थीं, वहीं वो इस बार 22 सीटों पर सिमट गईं जबकि बीजेपी मोदी की जादूई शख्सियत की बदौलत 2 से बढ़कर 18 सीटों पर पहुंच गई. बीजेपी को लोकसभा चुनाव में 40.23 वोट मिले. जबकि TMC 43.3 फीसदी पर रह गई. ऐसे में ये कयास लगाना गलत नहीं होगा कि 2021 में बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव में लड़ाई और कड़ी होगी. ममता के किले को धराशायी करने की कोशिश में भारतीय जनता पार्टी थोड़ी भी कसर नहीं छोड़ना चाहेगी.