क्या है तुलसी दिवस जो क्रिसमस के दिन पड़ता है

हर साल क्रिसमस के दिन भारत सांता क्लाज़ के स्वागत की तैयारी करता है और देश भर में उत्सव मनाया जाता है..लेकिन इस दिन एक और अहम उत्सव का अवसर होता है जिसे हम तुलसी दिवस के नाम से जानते हैं..  

क्या है तुलसी दिवस जो क्रिसमस के दिन पड़ता है

नई दिल्ली. भारत की धर्मनिरपेक्षता काबिले तारीफ़ है. जिस तरह दुनिया के हर ईसाई देश में क्रिसमस का दिन उनके लिए सबसे बड़े जश्न का दिन होता है उसी तरह से भारत में भी इस दिन उत्सव का माहौल होता है और सभी एक दुसरे को क्रिसमस की बधाइयां भेजते हैं. लेकिन इस गहमा-गहमी में देश का अपना त्यौहार तुलसी दिवस जो इसी दिन पड़ता है, शायद कहीं पीछे छूट गया है.

 

तुलसी दिवस की याद दिलाती है क्रिसमस 

देश के घर-घर  में लगने वाली तुलसी हमारी धार्मिक-पर्यावरणीय विरासत की प्रतीक है. हिन्दू कैलेंडर के कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को तुलसी पूजन दिवस मनाया जाता है. तुलसी विवाह के उपलक्ष्य में यह धार्मिक त्यौहार मनाया जाता है. 

बागपत की महिलाओं ने धूमधाम से मनाया तुलसी दिवस 

बागपत के बड़ौत क्षेत्र में तुलसी दिवस धूमधाम से मनाया गया. यहां की महिलाओं ने इस अवसर पर तुलसी पूजा की. इस अवसर पर आयोजित किये गए धार्मिक कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने संकल्प भी लिया कि वे सोमवार को तुलसी की विशेष पूजा करने के साथ ही हर घर में तुलसी का पौधा भी पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाएंगे .

 तुलसी का धार्मिक महत्व

तुलसी को भारत में मात्र एक पौधा नहीं माना जाता इसे देवी रूप में भी देखा जाता है. यह माता लक्ष्मी का दूसरा स्वरुप मानी जाती हैं. पुराणों के अनुसार उनका विष्णु जी से विवाह सम्पन्न हुआ था जिसके उपलक्ष्य में यह पर्व मनाया जाता है. 

तुलसी का व्यावहारिक महत्व  

तुलसी का पर्यावरण की दृष्टि से अत्यंत महत्त्व है कहा जाए तो यह सम्पूर्ण वसुंधरा के लिए प्रकृति का वरदान है. तुलसी न केवल एक महत्वपूर्ण और उपयोगी औषधि हैम आयुर्वेद में तो इसे मानव स्वास्थ्य  के लिए अमृत माना गया है. तुलसी के सेवन से न केवल शारीरिक लाभ प्राप्त होता है बल्कि यह धार्मिक, आध्यात्मिक, पर्यावरणीय एवं वैज्ञानिक दृष्टि से भी विशेष महत्वशाली पौधा है. 

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